मिथिलेश ठाकुर, पंकज मिश्रा, इरफान अंसारी, कल्पना सोरेन जैसे नेताओं का समूह
छवि रंजन, पूजा सिंहल, विनय चौबे, ख्यांगते, राजीव अरुण एक्का, अनुराग गुप्ता जैसे अधिकारियों का समूह
प्रेम प्रकाश, अभय तिवारी, अजिता भट्टाचार्य, विनोद सिंह जैसे दलाल-बिचौलियों का समूह...
हेमंत सोरेन के नेतृत्व में इन समूहों ने पिछले 6 सालों में हजारों करोड़ का लाभ कमाया है।
#cid के द्वारा खुलासा किया गया और साक्ष्य को कोर्ट के समक्ष रखा गया है...👇👇👇 इसमें थोड़ा सा और लिख देते पेपर लीक से भी बड़ा एजेंस हीं बिक चुकी है और यह बड़ा स्कैम है...
#jssccgl ।पेंगुइन अभी तक अपनी जमीर को बचाने दो नहीं तो आगे क्या करोगे .....👇👇🔥
यह कैबिनेट का फैसला 17 अगस्त को ऐतिहासिक था।
@HemantSorenJMM पूरे देश ने आपको सुना है और छात्र उम्मीदरत है 7 तारीख को एकदम मजबूती के साथ कोर्ट रूम में साक्ष्यों को प्रस्तुत करिए। तथा सभी तथ्यों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कीजिए और अपनी दृढ़ता दिखा दीजिए।
आजादी की लड़ाई चरणों में लड़ी गई थी पहले असहयोग फिर सविनय अवज्ञा फिर भारत छोड़ो आंदोलन।
रिफॉर्म मंच ने अभी तक आंदोलन खत्म नहीं किया है क्योंकि हमारी मांगे पूरी तरह से पूरी नहीं हुई है।
हमारा अगला चरण तैयार है सरकार से निवेदन है कि कोर्ट में अपना पक्ष मजबूती से रखे ताकि हमें न्याय मिल सके।
इस विस्तृत रिपोर्ट को देखकर आपको अंदाज़ा लग जाएगा कि किस प्रकार झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस के सिंडिकेट ने संगठित रूप से झारखंड के बच्चों का भविष्य बेचा है!
Dear @HemantSorenJMM ji आपने छात्रों की बात मानते हुए , मजबूती दिखाते हुए परीक्षा तो रद्द कर दिया।
पर छात्रों के मन में एक सवाल है कि JPSC भंग हो गया दोषी जेल में है।
पर ये JSSC पर आपकी नजर कब पड़ेगी ?
उन्हें कब जेल भेजेंगे ?
उनसे पूछताछ तक नहीं हो रही निवेदन है एकबार नजर डालियेगा जरूर।
मुख्यमंत्री श्री @HemantSorenJMM के नेतृत्व में धरोहरों को लगातार मिल रही वैश्विक पहचान…
सोहराय खोवर चित्रकला, केसरिया कलाकंद, कुचाई सिल्क, भगैया साड़ी व डोकरा क्राफ्ट के बाद अब 'मांदर' को GI Tag प्रदान किया गया है।
मांदर की बनावट और ध्वनि आदिवासी संस्कृति की धड़कन है
@DPIITGoI
एल. ख्यांगते ने JPSC का अध्यक्ष बनने के लिए 2 करोड़ रुपए घुस दिए थे।
अरुणपति त्रिपाठी और विधु गुप्ता ने शराब नीति बदलने लिए 50 करोड़ रुपए घुस दिए थे।
दोनों काम मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आदेश से हुए थे।
अगर कानून हेमंत पर शिकंजा कसेगा तो बोलेंगे मोदीजी हमारा हक लूट रहे हैं!
शर्म आती है कि हेमंत जैसा भ्रष्टाचारी आज मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठा हुआ है।
🚨JSSC CGL परीक्षा का कटऑफ कहा है ?
- कोर्ट के Affadavit में
🚨परीक्षा का Marksheet कहा है ?
-घर पे रखे OMR में
तो फिर JSSC कहे बना के रखे हो उसको मछली बाजार बना दो।
न मार्कशीट देते हो न कटऑफ देते हो सब कोर्ट से लेले?
वाह! भ्रष्ट व्यवस्था, हेमंत सरकार! वाह 👏🏻
वीडियो में सफेद T-shirt में जो व्यक्ति JSSC-CGL के पश्चात निर्भीक होकर अपना पक्ष रखते हुए JPSC-JSSC और सरकार के पक्ष में बोल रहा है, उसके CID के हत्थे चढ़ जाने की सूचना कई विद्यार्थियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से साझा की है।
साथ ही, JSSC-CGL मामले में जिस तरह से CID की जांच सिर्फ अभ्यर्थियों और एजेंटों की गिरफ्तारी तक सीमित दिखाई दे रही है, उससे यही लगता है कि एक बार फिर लोगों को गुमराह किया जा रहा है और बड़े साजिशकर्ताओं को बचाने की कोशिश हो रही है।
पूरे मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच के लिए CBI जांच ही सही रास्ता है।
आज नहीं तो कल, यह होकर रहेगा!
ये हाई कमान कही सीबू सोरेन तो नहीं थे?
क्यों कि उनके जेल जाने के बाद सुनील महतो केंद्र में कोयला मंत्री और JMM के अध्यक्ष बनने वाले थे।
वैसे तो सीबू सोरेन अब इस दुनिया में नहीं रहे पर अगर सच में ये नाम आता है तो सीबू सोरेन के खानदान को जेल में डालना चाहिए।
@BJP4Bengal ये अच्छा समय है इस हत्या कराने वालो का नाम उजागर कर के झारखंड में एक कुड़मी समाज को संदेश दे सकते है कि उनके नेता को हम सम्मान करते है।
समझ में नहीं आता कि JSSC CGL के अभ्यर्थियों के पहले शतक पर बधाई दें, या आंकड़ा कम से कम हजार तक पहुंचने का इंतजार करें !
यह शायद पहली नियुक्ति परीक्षा होगी, जिसे बड़े पैमाने पर हुए भ्रष्ट्राचार के बावजूद, जाँच एजेंसी द्वारा क्लीनचिट मिल गई थी।
यह पूछना मना है कि CID तब गलत थी या...
JSSC-CGL मामले में जिस तरह से CID की जांच सिर्फ अभ्यर्थियों और एजेंटों की गिरफ्तारी तक सीमित दिखाई दे रही है, उससे यही लगता है कि एक बार फिर लोगों को गुमराह किया जा रहा है और बड़े साजिशकर्ताओं को बचाने की कोशिश हो रही है।
मुख्यमंत्री के मित्र विनोद सिंह के पास CGL के एडमिट कार्ड मिले थे, लेकिन CID ने उनसे पूछताछ तक नहीं की। गिरिडीह परीक्षा घोटाले का हॉटस्पॉट बनाकर उभरा है। वहाँ से कई लोगों की गिरफ्तारी हुई, लेकिन अब तक वहां के झामुमो नेताओं से कोई पूछताछ नहीं हुई।
मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM जी, भला यह कोई कैसे मान सकता है कि इतने बड़े घोटाले में सिर्फ अभ्यर्थी और एजेंट ही शामिल थे और एजेंट ही करोड़ों-अरबों का खेल कर गए? इस जांच पर छात्र कैसे विश्वास करेंगे कि सिर्फ अभ्यर्थी और एजेंट ही दोषी हैं जबकि आपका पूरा तंत्र दूध का धुला हुआ है।
हम नहीं कह रहे, लोग कह रहे हैं कि अनुराग गुप्ता आपके सारे काले कारनामों की चिट्ठी दबाए बैठे हैं। इसीलिए CID अनुराग गुप्ता, सुधीर गुप्ता, नीरज सिन्हा, मनोज कौशिक, प्रशांत कुमार और विनोद सिंह की भूमिका की जांच नहीं कर रही। प्रशांत कुमार और सुधीर गुप्ता पर कार्रवाई तो दूर पद पर बैठाये रखने की क्या मजबूरी है आपकी। कहीं ये लोग भी तो आपके राज़दार नहीं? भ्रमण के दरम्यान आमलोगों की इस जिज्ञासा से हम जैसे लोगों को रूबरू होना पड़ रहा है।
हेमंत जी, इस CID जांच पर तब तक कोई भरोसा नहीं करेगा, जब तक जांच की पहुंच केवल छोटे मोहरों तक नहीं बल्कि पूरे नेटवर्क और जिम्मेदार लोगों तक नहीं होगी। वरना जनता यही मानेगी कि यह जांच भ्रष्टाचार की जड़ तक पहुंचने के बजाय सिर्फ लीपापोती तक सीमित है।
#Jharkhand #JPSC #JSSC #StudentProstestsJharkhand
@BJP4India@narendramodi@AmitShah@NitinNabin@blsanthosh@BJP4Jharkhand@JPSCreformanch
Dear CID
TDPL मामले में आप ख्यांगते और श्वेता गुप्ता को जेल भेज सकते है।
लेकिन
ICN से परीक्षा करवाने वाले गुप्ता जी और अरविंद लाल को अभी तक गिरफ्तार क्यों नहीं किए है ?
है कोई जवाब ?