@HemantSorenJMM@dasraghubar@BJP4Jharkhand सर अगर आप गठबंधन कर रहे है तो
राहुल गाँधी से कहिये पाँच बातों का ध्यान
अपने भाषण में रखें तो गठबंधन झारखण्ड
में क्लीन स्वीप करेगी।
1 गृहरक्षक
2 पारा शिछक
3 आंगनबाड़ी सेविका
4 रसोइया
5 स्थापना दिवस में मार खायें मिडिया कर्मी को
इंसाफ दिलाने का भरोसा देना।
₹500 पुलिस को नहीं देने पर वाहन में रखे लाखों रुपये के मछली बीज समय पर तालाब तक नहीं पहुंच सके,मौत हो गई।
रामगढ़ के गोला थाना पुलिस पर गंभीर आरोप। ₹500 नहीं देने पर मत्स्य मित्र के बेटे की पिटाई का आरोप। पुलिस ने घंटों वाहन रोके रखा, जिससे 5 लाख रुपये के मछली बीज मर गए।पीड़ित ने दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
@HemantSorenJMM
#Jharkhand
जो ब्यक्ति वीडियो बना रहे हैं, क्या उनके पास 1200 रू नहीं थे, रू देकर उल्टा 5 थप्पड़ जड़ देते l तब वीडियो को सोशल मीडिया में डालते
तो एक like में भी karta .
यूपी के बरेली में एक गरीब औरत ने एक अमीर औरत से 1200 रुपए उधार लिए थे
लौटा नहीं पाई
अमीर महिला ने गरीब महिला को 5 थप्पड़ जड़ दिए और कहा “1200 का राशन खाके पैसे देने के लिए इधर उधर कर रही है”
मजबूरी और गरीबी का यह मतलब तो नहीं की पैसे वाली आंटी हाथ चलाने लगें
📍उप्र बरेली
पंच मंदिर दुर्गा पुजा समिति, हरमु, रांची, की और
से @MithileshJMM जी को जन्मदिन की ढ़ेर
सारी शुभकामनायें और कामना करतें है मां दुर्गा की
कृपा आप पर सदा बनी रहे l
झारखंड मुक्ति मोर्चा की वरिष्ठ नेत्री, सिंहभूम संसदीय क्षेत्र से मा. सांसद श्रीमती @JobaMajhi जी को जन्मदिन की शुभकामनाएं।
मां गढ़देवी से आपके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु जीवन की कामना है।
गोड्डा।दिव्यांग की उम्मीद फिर टूटी।बैटरी ट्राई साइकिल/ई-व्हीलचेयर की आस में फिर लौटा अमित।CDPO ने कहा कि सुविधा हमारे यहां से नहीं मिलती है।पहले से ही कई बार कार्यालयों के चक्कर काट चुके अमित के लिए यह जवाब एक और निराशा लेकर आया।
#godda#Jharkhand@HemantSorenJMM
गोड्डा के अमित कुमार पिछले एक महीने में तीन बार करीब 25 से 30 किलोमीटर का सफर तय कर सदर प्रखंड कार्यालय पहुंचे। उम्मीद सिर्फ़ एक—
बैटरी से चलने वाली ट्राई साइकिल या इलेक्ट्रॉनिक व्हीलचेयर। लेकिन हर बार जवाब वही मिला—
“साहब फील्ड में हैं,कंबल बाटने गय है।
@HemantSorenJMM
प्रेस बयान :
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भाजपा नेता बताएं वे कानून के राज के पक्ष में हैं या अवैध कब्जे के :
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी के बयान हताशा और राजनीतिक अवसरवाद का परिचायक है। जब भाजपा सत्ता में थी, तब झारखंड की जनता के कष्ट और आपदाओं पर उनकी सरकार आंख मूंदे बैठी थी, आज वही लोग संवेदना का दिखावा कर रहे हैं। झामुमो नेतृत्व वाली सरकार संवेदनशील और जवाबदेह सरकार है। कानून और न्यायालय के आदेशों का सम्मान करना हमारी प्राथमिकता है। सरकार न्यायालय के निर्देशों का पालन करती है। भाजपा नेताओं को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वे कानून के राज के पक्ष में हैं या अवैध कब्जे के।
मुआवज़े का प्रश्न नियम और कानून के दायरे में तय होता है, न कि किसी राजनीतिक दबाव में। सरकार हर वास्तविक पीड़ित के साथ खड़ी है, लेकिन भाजपा चाहती है कि अवैध निर्माण, भ्रष्टाचार और मिलीभगत को राजनीतिक संरक्षण मिले। यही वजह है कि वे अफसरों और बिल्डरों की जवाबदेही से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं।
पेसा कानून हो या आदिवासी हितों का सवाल, भाजपा का इतिहास सबके सामने है। जिन लोगों ने वर्षों तक आदिवासी अधिकारों को दबाए रखा, वे आज दिखावटी चिंता जता रहे हैं। झामुमो सरकार ने पेसा सहित आदिवासी हितों से जुड़े कानूनों को लागू करने के लिए गंभीर प्रयास किए हैं। फलाफल जल्द सामने आएगा। भाजपा को न्यायालय के नाम पर राजनीति करने से पहले यह बताना चाहिए कि उनकी सरकारों के दौरान जनता को कितनी बार न्याय के लिए सड़कों और अदालतों के चक्कर लगाने पड़े। झामुमो सरकार जांच और कार्रवाई में किसी तरह की अड़चन नहीं डालेगी, बल्कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगी—चाहे वे अफसर हों, बिल्डर हों या किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े हों।
भाजपा को जनता को गुमराह करने की बजाय आत्ममंथन करना चाहिए। झारखंड की जनता जानती है कि कौन उनके हक में खड़ा है और कौन सिर्फ राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए बयानबाजी कर रहा है।
@JmmJharkhand