● पूरे विश्व के सच्चे मसीहा एवं समाज सुधारक संत रामपाल जी महाराज है ओर समाज को सही दिशा की ओर लगातार बदल रहे हैं सच्चा सनातन धर्म स्थापित होगा
#GodMorningWednesday
#GodNightWednesday
हम चाहते हैं संसार एक हो । एक मालिक है।
🙏🙏
मेरा निवेदन है जब तक हम एक नहीं होंगे, झगड़े नहीं मिटेंगे। और वो परमात्मा/अल्लाह खुश नहीं होगा। सारे उसके बंदे हैं।
#समर्थ_कबीर_के_सुदामाओंके_महल
बलधारा (इंदौर) MP की विधवा कोमल गरीबी और संघर्ष में तीन बच्चों का पालन कर रही थीं। Sant Rampal Ji Maharaj जी के सानिध्य में मात्र 15 दिनों में उनके परिवार के लिए नया मकान बनवाया गया, जिससे जीवन में नई आशा जगी।
#GodMorningWednesday
#है_काम_आदमीका_औरोंके_काम_आना
"कलयुग में सतयुग की शुरुआत" हो चुकी है क्योंकि संत रामपाल जी ने ठाना है अब कोई गरीब नहीं रहेगा भूखा!
देखिए Factful Debates यूट्यूब चैनल पर "कलयुग में सतयुग की शुरुआत"
काफिर किसको कहें?
जो लोगों को गलत ज्ञान देकर गुमराह करते हैं यानी नकली धर्मगुरु जो धर्मशास्त्रों की आड़ में गलत ज्ञान प्रचार करते हैं ये सभी काफिर है चाहे किसी भी धर्म के लोग हों।
#AlKabir_Islamic#SaintRampalJi
गुरु की शरण
गुरु की शरणा लीजै भाई। जाते जीव नरक नहीं जाई ।।
हे भाई! हे मानव ! गुरु जी की शरण प्राप्त कर, जिससे जीव नरक में नहीं जाएगा।
जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज
#मुक्तिबोध
#परमात्माकबीर_जननी_जना_न_माय
कबीर साहेब का शिशु रूप में अवतरण आज से लगभग 600 साल पहले भारत की पवित्र भूमि काशी के लहरतारा तालाब में एक विकसित कमल के फूल पर सन् 1398, विक्रमी संवत 1455, ज्येष्ठ मास की पूर्णमासी को हुआ था।
Kabir Sahib Prakat Diwas
#परमात्माकबीर_जननी_जना_न_माय
ऋग्वेद मण्डल 10 सूक्त 4 मंत्र 3 में कहा गया है कि परमात्मा का जन्म नहीं होता, वह परमेश्वर कबीर जी हैं।
जिनका जन्म नहीं हुआ, सशरीर प्रकट हुए थे। इसलिए उनका प्रकट दिवस मनाया जाता है।
Kabir Sahib Prakat Diwas
जीव हत्या करने वाले नरक में जाते हैं!
कबीर साहेब जी कहते हैं बकरी जो आपने मार डाली वह तो घास-फूंस, पत्ते आदि खाकर पेट भरती है।उस शाकाहारी बकरी का जो माँस खाते है उनका तो अधिक बुरा हाल होगा।जो लोग जीव हिंसा करते है वह कभी मुक्ति प्राप्त नही कर सकते।
#AlKabir_Islamic#SaintRampalJi
#परमात्माकबीर_जननी_जना_न_माय
नहीं बाप ना माता जाए, अविगत से हम चल आए।
कलियुग में काशी चलि आए। जब हमरे तुम दर्शन पाये।।
आज से करीब 600 वर्ष पहले कबीर साहेब, काशी के लहरतारा तालाब में कमल के फूल पर सशरीर प्रकट हुए थे, उनका जन्म माँ से नहीं हुआ था।
Kabir Sahib Prakat Diwas
#परमात्माकबीर_जननी_जना_न_माय
कबीर परमात्मा अपने सतलोक से चलकर आते हैं और अपनी प्यारी आत्माओं को ज्ञान बताते हैं। मां के गर्भ से जन्म नहीं लेते।
Kabir Sahib Prakat Diwas