@Reena_thkur फालो करने पर भी मुझे न दिया तो झूठा वादा क्यों।मैनै माँगा भी नहीं।भूल जाना वह न जो भाये।याद रखना,मन जिसे चाहे।मैं इसे स्वीकृति समझ लूँगा।यदि तुम्हारा कण्ठ भर आये।जब तक किसी की ट्वीट से कणठ न भर आयेऔर रिट्वीट का मन न करे ,तब तक उसके फालो,अनफालो या फालोबैक का कोई मतलब नहीं है।
काश हम सुभाष के पदचिन्हों पर चले होते और हमारी आजादी समझौते से न आकर गोलियों की सनसनाहट से आई होती, तो हमें अपने पूर्वजों का अस्थिप्रवाह सिंधु मे करने के लिए पासपोर्ट की आवश्यकता न पडती।सिंधु तट का आर्य भावुक आज जग मेरे.हृदय मे ं।
@Iamjanvishukla @Reena_thkur मैं फालोबैक नहीं माँग रहा।पर झूठा आश्वासन नही देना चाहिए।तुम अच्छा लिखती हो बिटिया रानी।पर जिसै देना हो,उसी सै वादा करो।वरना गुडविल गिरती है।मै तुम्हें तुम्हारी योग्यता पर फालो कर रहा।पर फालोबैक उसी को जिसका पुराना लिखा और भविष्य का भी लिखा पढने का और रिट्वीट का मन करें।
@bharatbonapart1@BhainsdehiWale@SalmanNizami_ बिहार मे नितीश कुमार जैसे अल्पसंख्यक प्रेमी को कम सीटों के बावजूद मुख्यमंत्री मान लेने वाले जब उद्धव के आगे ढाई ढाई साल का भी फार्मूला न मानेंगे तो विभीषण पैदा ही होगा।भरत ने कहा है कि राम जीत कर भी खेल मे हार जाते थे।ऐसे भाई को भरत मिलता है और पुठ्ठे पर लात मारने वाले को विभीषण
@Sarabha30008208 @bharatbonapart1@BhainsdehiWale@SalmanNizami_ मैने कब कहा कि हुई थी।नहीं हुई थी,तो करनी चाहिए थी।भाजपा जिन शर्तो पर पी डी पी या नितीश या मायावती से बात कर सकती थी,क्या उसे वैसा प्रयास शिवसेना के साथ करना चाहिए था या नहीं।और उद्धव भाग कर कहाँ जायेंगे।फिर लौटकर आयेंगे, जैसे लालू परिवार से हाथ मिला कर नीतीश आये।
@BalramS55671001@yadavakhilesh सभी स्वर्गवासी एक निश्चित समय बिताने के बाद पुनर्जन्म पाते हैं।मोक्ष के बाद पुनर्जन्म नहीं होता।मध्य प्रदेश मै कमलनाथ और बिहार मे तेजस्वी यादव की संक्षिप्त वापसी प्रमाण है।
@6vnI1Gq9eu6aUEK @DwivediBihar@Dr_Uditraj ये पूजनीय क्रान्तिकारी होंगे पर अपने समाज की आवाज़ इस विचार केसाथ नहीं हो सकते।मुझे पूर्ण विश्वास है कि नब्बे प्रतिशत ब्राह्मण उस दशा मैं इनके बेटे को दामाद या बेटी को बहू बनाने को तैयार नहीं होंगे।जाति का निर्माण उदित राज ने नहीं किया है।
@ShiviHindurastr@SapnaPandit20 रघुवंशी राजाओं ने साठ हजार पराक्रमी बच्चे पैदा किये।सांसद साध्वी तक चार बच्चों का आह्वान किया है।ब्राह्मण तो यत्र तत्र सर्वत्र नियोग से गरीब अमीर सबको समान भाव से बिना शादी किए ही उपकृत करते रहे।नेहरू द्वारा हिन्दू कोड बिल पारित कराने के पहले करोड़ शादियाँ भी वैध थीं।
@ravinadar11@SapnaPandit20 निरोध का विरोध तो हर धर्म ने किया है।गांधी जी तक ने संतान न चाहनेवालों को वीर्य सुरक्षित रखने की सलाह दी है।ब्राह्मण ने तो कभी बिना दक्षिणा के नियोग तक नहीं किया।कभी बह भी.गया तो घडे तक मे प्रिजर्व. कर लिया कि किसी के काम आ जाय। मुसलमान तो इसके प्रयोग की सोच भी नहीं सकता।
@SEEMA19882 मै और मैरे जैसै कयी लोग बराबर कर रहे हैं।सबकीक्षमता तुम्हारे उद्गारों को पचा सकने की नहीं हेः।तान् प्रति नैष यत्नः भवभूति ने कहा है कि मै जिन्हे पसंद नहीं, उनके लिए लिख नहीं रहा।