डॉ. साहब को जीत की अग्रिम बधाई 💐
विजयी भवः
🚩 समाज के पास एक मौका है एक ऐसे व्यक्ति को चुनने की जो अपने समाज के साथ-साथ सर्व समाज की बात करता है।
@DrSanjeev0121
पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से पूर्व विधायक Dr.Sanjeev Kumar जी को राजद द्वारा उम्मीदवार बनाए जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ। डॉ. संजीव जी पुनः सदन में पहुँचें और समाज की आवाज़ बनें। उनके उज्ज्वल राजनीतिक भविष्य एवं शानदार सफलता की हृदय से शुभकामनाएँ। 💐
@DrSanjeev0121
आज खगड़िया में आयोजित 'फरक्का जल संधि पर नीतीश संवाद' में मेरा संबोधन।
बिहार में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने के बावजूद, हमारे नेता नीतीश कुमार जी ने अपनी सत्ता बचाने के लिए कभी बिहार के हितों के साथ कोई समझौता नहीं किया। उन्होंने अपना पूरा जीवन बिहार को संवारने में लगा दिया।
जद(यू) की यह मांग भी पूरे बिहार के व्यापक हित में है कि फरक्का जल संधि का पुराने स्वरूप में नवीनीकरण नहीं हो, और 30 साल पहले राज्य के साथ जो अन्याय हुआ था, उसका इस साल अंत हो। हमारी पार्टी इस मुद्दे पर 13 करोड़ बिहारवासियों के हितों की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाएगी।
#NitishSamvad #FarakkaWaterTreaty #Khagaria #Bihar
@NitishKumar@JDUUmeshSingh@Jduonline
आप सभी के अपार स्नेह के लिए हृदय से आभार। 🙏
आज 'फरक्का जल संधि पर नीतीश संवाद' में शामिल होने के लिए जद(यू) के माननीय प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा जी के साथ बेगूसराय से खगड़िया जाने के क्रम में रास्ते में विभिन्न स्थानों पर ऊर्जावान कार्यकर्ता साथियों तथा क्षेत्रवासियों द्वारा फूल-मालाओं के साथ गर्मजोशी से किए गए स्वागत-अभिनंदन से अभिभूत हूँ।
#NitishSamvad #FarakkaWaterTreaty #Khagaria #Bihar
@NitishKumar@JDUUmeshSingh@Jduonline
लोगों के लिए काम करने वाला नवाचार।
🌾 खेतों में AI से लेकर
🏥 डिजिटल हेल्थ और
🏙️ स्मार्ट शहरों तक,
भारत की BRICS 2026 अध्यक्षता तकनीक को साझा प्रगति का माध्यम बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
#BRICS2026#BRICSIndia2026#IndiaBRICSChairship
भगवान श्रीहरि विष्णु जी की उपासना एवं आराधना के पावन पर्व अजा एकादशी की आप सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।
भगवान श्रीहरि विष्णु जी की कृपा से सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं आरोग्य का वास हो और प्रत्येक मनोकामना पूर्ण हो।
जय श्रीहरि विष्णु! 🙏🚩
हमारे नेता, पूर्व मुख्यमंत्री @NitishKumar जी फरक्का बराज और फरक्का जल संधि से बिहार को हो रहे भारी नुकसान का मुद्दा लगातार उठाते रहे हैं। अब, जबकि फरक्का जल संधि की 30 वर्षों की समय-सीमा समाप्त हो रही है, हम सभी चाहते हैं कि बिहार हित में इस संधि का नवीनीकरण नहीं हो।
हमने सबसे पहले राज्यसभा में यह मुद्दा उठाया। हम माननीय विदेश मंत्री @DrSJaishankar जी को सभी बिहारवासियों की ओर से धन्यवाद देते हैं कि उन्होंने बिहार की चिंता को समझा है और कहा है कि बिहार की जल आवश्यकताओं को ध्यान में रख कर ही आगे कोई बात की जाएगी।
जनता दल (यूनाइटेड) की मुहिम ‘फरक्का जल संधि पर नीतीश संवाद’ का उद्देश्य बिहारवासियों को उनके जल अधिकारों के प्रति जागरूक करना है, ताकि पिछले 30 वर्षों से चले आ रहे अन्याय को इस वर्ष खत्म किया जा सके।
Janata Dal (United)'s initiative 'Nitish Samvad on Farakka Water Treaty' aims to raise awareness among the people of Bihar regarding their water rights, so that the injustice prevailing for the last 30 years can be brought to an end this year.
#SanjayKumarJha #NitishSamvad #FarakkaWaterTreaty #Ganga #Bihar @Jduonline
आज मुंगेर के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर ज़िले में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की।
ज़िला प्रशासन आने वाली सभी चुनौतियों के लिए तैयार है। एसडीआरएफ की टीम मुस्तैद है। कम्युनिटी किचन संचालित किए जा रहे हैं।
माननीय प्रधानमंत्री @narendramodi जी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार, बिहार सरकार और बिहार की जनता के साथ है।
@Jduonline@samrat4bjp
"आरब्धकार्येषु दृढप्रयत्नः
सिद्धिं नयत्येव नरं न दैवम् ।"
अर्थात - "आरम्भ किए हुए कार्य में दृढ़ प्रयत्न करने वाला व्यक्ति अंततः सिद्धि प्राप्त करता है; केवल भाग्य सफलता का आधार नहीं है ।"
#MondayThoughts
महान शिक्षाविद एवं देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन!
ज्ञान का अमृत बांटने वाले समस्त गुरुजनों को शिक्षक दिवस की हार्दिक बधाई एवं ढेरों शुभकामनाएँ।
#teachersday
सिंचाई भवन के सभागार में माननीय मंत्रियों के समूह ने 'बिहार भवन उपविधि प्रारूप' की समीक्षा की।
इस समीक्षा बैठक का मुख्य उद्देश्य उपविधि (Building By-laws) के प्रारूप को और अधिक प्रभावी और जनोपयोगी बनाना है।
#EaseOfDoingBusiness#ComplianceReduction#Bihar#patna@Jduonline
बिहार में 'Ease of Doing Business' और 'Compliance Reduction' को लेकर आज पटना में माननीय मंत्रियों के समूह ने 'बिहार भवन उपविधि प्रारूप' की समीक्षा की।।
हमारा स्पष्ट लक्ष्य है, सिस्टम से उन सभी पुराने व अनुपयोगी नियमों (Redundant Rules) को पूरी तरह हटाना जो काम की गति रोकते हैं। व्यापार की प्रक्रियाओं को इतना सुगम और पारदर्शी बनाया जाएगा कि काम करने में कोई परेशानी न हो। सरकार आपके हर सकारात्मक सुझाव के लिए हमेशा तैयार है।
#bihar #EaseOfDoingBusiness #compliancereduction #redundantrules #businesses #transparency
@Jduonline
आज अपने संसदीय क्षेत्र मुंगेर अंतर्गत सूर्यगढ़ा विधानसभा के चानन प्रखंड में प्रस्तावित सेक्स-सॉर्टेड सीमन प्लांट स्थल का निरीक्षण किया व संबंधित अधिकारियों को ज़रूरी निर्देश दिए।
सेक्स-सॉर्टेड सीमन के ज़रिए कृत्रिम गर्भाधान करके बछड़ों के जन्म को कम किया जा सकेगा और अधिक बछिया पैदा होने से दूध का उत्पादन बढ़ेगा।
केंद्र व बिहार की एनडीए सरकार पशुधन की उत्पादकता और पशुपालकों की आय में बढ़ोतरी को लेकर प्रतिबद्ध है।
#animalhusbandry #nda_government #jdu
शाम्हो के चकवार राजा बख्तावर सिंह द्वारा मुग़लों, अंग्रेज़ों, डच और डेनिश जहाजों से कर लेने का प्रमाण
बिहार के कायस्थ समाज के इतिहासकार राधाकृष्ण चौधरी ने 'हिस्ट्री ऑफ़ चकवार' नामक पुस्तक में, पूर्णिया में प्राप्त संस्कृत अभिलेख में 'देवदेवानाम' की उपाधि वाले भूमिहार राजा (जिन्हें बिहार में बाभन कहा जाता है) बख्तावर सिंह के बारे में लिखा है कि कैसे पूरे गंगा क्षेत्र में, उन्होंने हर जहाज से कर वसूलने की व्यवस्था की थी।
बख्तावर सिंह ने गंगा रिवरबेड में बंकर बनवाए थे और हर आते-जाते जहाज़ पर आक्रमण कर के उन्हें उनकी जगह बताई कि इस क्षेत्र से जाओगे तो टैक्स देना ही पड़ेगा। 1720 में डच जहाज़ों पर आक्रमण की बात है और बंगाल के नवाब शुजाउद्दीन को हरा कर, बिहार के अलीवर्दी ख़ान को पराजित कर, पूरे क्षेत्र को सुरक्षित करने की भी।
इस क्षेत्र को बाभन/भूमिहार राजाओं ने 'जलदुर्ग' की तरह तैयार किया और एक समय में बंगाल बॉर्डर पूर्णिया से ओडीशा की सीमा तक कोई भी जलमार्ग बिना कस्टम्स टैक्स दिए वहाँ से नहीं जाने दिया जाता था। मुर्शिदाबाद आर्काइवल रिकॉर्ड्स में भी बंगाल के नवाब पर हुए आक्रमण का वर्णन है।
बख्तावर 'सिंह', चिरायु 'मिश्र' के वंशज थे। यह बात ही 'ब्राह्मण थे या नहीं', इसको निरस्त कर देता है। भूमिहार ब्राह्मण वस्तुतः आयुधजीवी या अयाचक थे जो शासन, सेना का नेतृत्व करने के लिए तब आगे आए जब ब्राह्मण समाज को अपनी सुरक्षा हेतु एक मिलिटेंट विंग की आवश्यकता पड़ी।
इस पूरे इतिहास पर, तत्कालीन स्रोतों के साथ, शीघ्र ही एक लंबा पॉडकास्ट करूँगा एक विद्वान के साथ।
तब तक जिनकी %₹ जल रही है, जलने दीजिए।