"मैं हूं महादेव बेटिंग ऐप का मालिक, भूपेश बघेल के कहने पर दुबई गया और मैंने अब तक 508 करोड़ रुपये दिए हैं!"
महादेव बेटिंग एप मामले में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पूरी तरह लिप्त हैं। एप के मालिक शुभम सोनी ने दुबई से वीडियो जारी कर बताई सारी सच्चाई।
हम डरे हुए लोग हैं, जिन्हें अतीत जैसा ही जीवन जीना है ! क्योंकि एक बार जिया जा चुका है .. इसलिए सुरक्षित लगता है !
परलोक छोड़ दो, इसी लोक में बहुत कुछ है जानने, समझने और जीने लायक है .. उसका हमें पता है क्या ?
- आचार्य प्रशांत
कर्म के माध्यम से
अगर आप भोगना चाहते हो,
तो आप ग़लत कर्म कर रहे हो।
अनंत ऊर्जा का स्त्रोत है
'निष्कामता'।
कामना रखो ही मत!
कोई तुम्हें कभी रोक नहीं पाएगा।
UPSC की तैयारी में सामान्य गलतियाँ...
अधिकांश UPSC यात्राएँ गलतियों से भरी होती हैं और असफलता में समाप्त होती हैं.
कुछ उचित मार्गदर्शन की कमी के कारण और कुछ सही दिशा में पर्याप्त मेहनत न करने के कारण... लेकिन फिर भी मैं कुछ प्रमुख गलतियों को रेखांकित कर सकता हूं..
1. परीक्षा की मांग (Demand) को न समझ पाना - मैं इस क्षेत्र में यह सोचकर आया था कि "बस कुछ किताबें और अखबार ही तो पढ़ना है "... मुझे लगता था कि मुझे पता था "क्या पढ़ना है "... कभी समझने की कोशिश नहीं की "कैसे पढ़ना है"... इसलिए मेरा पहला परीक्षा में वर्ष केवल सामग्री पढ़ने और तथ्यों को समझने में ही बीत गया, बिना वैचारिक स्पष्टता के...
2. पहला प्रयास बहुत जल्दी देना- यूपीएससी की तैयारी में कम से कम 1.5 साल लगते हैं, मैंने 5 महीने तक कुछ किताबों का अध्ययन किया और पेपर का प्रयास किया, बुरी तरह असफल रहा, हतोत्साहित हो गया और एक प्रयास भी खो दिया...
3. बस अपनी सारी ऊर्जा प्रीलिम्स में केंद्रित कर रहा हूं- चूंकि यह पहला चरण है, मैंने सोचा कि अगर मैं प्रीलिम्स पास कर लूंगा, तो अन्य चरणों को क्लियर करना आसान होगा, हालांकि यह सच्चाई से बहुत दूर है। "अगर मेन्स की तैयारी नहीं है, तो प्रीलिम्स क्लियर करके ज्यादा फायदा नहीं होगा"... यही वह बात है जब मैंने अपने दूसरे प्रयास में प्रीलिम्स क्लियर कर लिया, लेकिन मैं मेन्स में बुरी तरह असफल हो गया...
4. उचित उत्तर-लेखन अभ्यास न करना (डर, सामग्री की कमी आदि के कारण) - हमेशा यह महसूस होता था कि मेरे पास एक बहुत अच्छा उत्तर लिखने के लिए पर्याप्त सामग्री नहीं है, एक सही उत्तर लिखने के लिए उस सही समय का इंतजार करना ... मेरे चौथे प्रयास में, मुझे एहसास हुआ कि "आप कभी भी खराब उत्तर से शुरुआत किए बिना सही उत्तर नहीं लिख पाएंगे"... धैर्य, निरंतरता, निरंतर पुनरीक्षण ही वे चीजें हैं जो आपको बेहतर उत्तर लिखने में मदद करेंगी।
5. अंत में, बैकअप योजना न होने से- बैकअप योजना बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करती है, मेरे पास कोई नहीं था, इसलिए मेरे कुछ दिन मेरे भविष्य के बारे में चिंता से भरे हुए थे जिससे मेरी performance प्रभावित हुई... जहां ज्यादा लोग फेल होते हैं वहां अगर बैकअप प्लान होता है तो UPSC की तैयारी एकाग्रचित्त होकर बेहतर तरीके से हो सकती है....
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किसी बहके हुए युवा की
नारेबाज़ी नहीं थी।
भगत सिंह की क्रांति में;
गहरा बोध था।
ये बड़ा मुश्किल होता है कि
तुम अपने-आपको भुला दो,
अपने परिवार को भुला दो।
अपने गाँव, शहर,
मोहल्ले, अपने धर्म,
अपने पंथ को भुला दो।
और तुम कहो कि
"मैं करोड़ों लोगों की ख़ातिर
काम कर रहा हूँ"।
देश की आज़ादी के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले शहीद-ए-आज़म सरदार भगत सिंह जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। आइए हम सब मिलकर भगत सिंह जी के सपनों का भारत बनाएँ, भारत को दुनिया का नम्बर-1 देश बनाएँ।
Had the honor of meeting our dynamic women MPs who are absolutely thrilled at the passage of the Nari Shakti Vandan Adhiniyam.
It is gladdening to see the torchbearers of change come together to celebrate the very legislation they have championed.
With the passage of the Nari Shakti Vandan Adhiniyam, India stands at the cusp of a brighter, more inclusive future with our Nari Shakti being at the core of this transformation.
"जब आलस्य के कारण कुछ करने का मन न हो" विषय पर आचार्य प्रशांत, आज अमर उजाला में!
क्यों कह रहे हो कि कुछ भी करने का मन नहीं करता? मन तो कर ही रहा है कि अभी सो जाएं। कौन ध्यान का कष्ट उठाए ! कौन सत्संग सुने! सो ही जाओ! आलस्य में पड़े रहो! न ध्यान, न धन, मात्र तन।