यानी नुकसान सीधा हमार�� जेब पर!
हैरानी इस बात की है:
👉 पेट्रोल में मिलावट (ब्लेंडिंग) बढ़ गई...
👉 गाड़ी का माइलेज घट गया...
👉 लेकिन पेट्रोल के दाम वहीं के वहीं महंगे बने हुए हैं!
यह कैसा अर्थशास्त्र है जहां नुकसान सिर्फ जनता का हो रहा है?
#आम_आदमी_की_आवाज #PetrolRate #E20
एक कड़वा सच... जो हम सब भुगत रहे हैं, लेकिन बोल कोई नहीं रहा! 🤫⛽
पेट्रोल पंपों पर चुपके से E20 आ गया। दावा है कि इसमें 20% एथेनॉल है। पर क्या आपको पता है कि इस 'नए पेट्रोल' से आपकी गाड़ी का माइलेज कम हो गया है? तकनीकी रूप से एथेनॉल की वजह से गाड़ियां अब कम एवरेज दे रही हैं।
Best wishes to the Leader of the Opposition in the Lok Sabha, Shri Rahul Gandhi Ji on his birthday. Praying for his good health and long life.
@RahulGandhi
मेरे युवा और Gen Z साथियों,
एक बात मेरे मन में साफ़ है और आप भी इसे दिल में बैठा लीजिए: भारत के हर युवा का भविष्य सुरक्षित करना सरकार की ज़िम्मेदारी है।
पर ज़िम्मेदारी और ईमानदारी - दोनों मोदी सरकार की सोच से परे हैं।
पेपर लीक, परीक्षा कुप्रबंधन, रद्द होती भर्तियाँ, आसमान छूती फीस, निजीकरण, घोटाले - इन्हीं औज़ारों से वो हर दिन करोड़ों सपने तोड़ रही है।
याद रखिए, युवा का भविष्�� ही देश का भविष्य तय करेगा। यही सब आपसे विस्तार से कहना है। इसलिए मैं आपको बुला रहा हूँ - देश की हर गली, हर कस्बे, हर शहर से उठती ‘छात्रों की गूंज’ को, आइए कोटा में हुंकार बनाएँ।
🗓️ 17 जून | छात्रों की गूंज | कोटा महारैली
#ChhatronKiGoonj
'Telegram Ban’ - मोदी सरकार का पेपर लीक रोकने का नया नुस्खा।
यानी चोर को पकड़ने के बजाय, पीड़ित के घर पर ताला लटका दो���
लाखों छात्र सालों से Telegram पर पढ़ते हैं - नोट्स, टेस्ट सीरीज़, डिस्कशन, तैयारी। वो सुविधा छीन लेना पेपर लीक का समाधान कैसे हुआ?
और यह फूलप्रूफ भी नहीं है - यह ��ेश का हर छात्र जानता है, और पेपर लीक माफ़िया भी। फिर अगला ban किसपर लगाएंगे? WhatsApp?
परीक्षा के दिन छात्रों की तलाशी होगी। जेबें कैंची से काटी जाएँगी। प्रश्नपत्र वायुसेना से भेजे जाएँगे। दिखावे की कोई कमी नहीं होगी।
पर बीमारी की जड़ पर एक वार भी नहीं - क्योंकि पेपर लीक माफ़िया इसी सरकार की देख-रेख में फल-फूल रहा है, और युवाओं को खून के आँसू रुला रहा है।
मोदी जी - दिखावा छोड़िए। माफ़िया पर वार कीजिए, छात्र पर नहीं।
‘छात्रों की गूंज’ सुन लीजिए - वरना देश का युवा अपना हक़ लेना जानता है।
#ChhatronKiGoonj
कोटा के लिए निकल चुका हूँ पर दिल में दो नाम गूंज रहे हैं: उमेश और रिया।
कल, सीकर में उमेश और देहरादून में रिया - दोनों ने Re-NEET के दबाव में अपनी ज़िंदगी ख़त्म कर ली।
22 और 23 साल के बच्चे - जिन्हें सपनों के खुले आसमान में उड़ना था वो इस अन्यायी व्यवस्था से हार गए।
ये मौतें एक टूटी, भ्रष्ट व्यवस्था की देन हैं। और इसके ज़िम्मेदार हैं मोदी सरकार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जिन्होंने छात्रों की रक्षा करने के बजाय, बार-बार पेपर लीक, परीक्षा कुप्रबंधन, और भविष्य के सदागरों को संरक्षण दिया।
आज कोटा से हम वो लड़ाई शुरू करेंगे जिसका एक ही मक़सद है - किसी बच्चे के सपने ऐसे टूटने न पाएं, किसी माँ-बाप को फिर कभी अपने बच्चे क��� इस तरह खोना न पड़े।
हर परिवार की यह पीड़ा अ�� ‘छात्रों की गूंज’ बनकर पूरे देश में गूंजेगी।
#ChhatronKiGoonj
शेखर सुमन एक दिन में ही इस शो की वजह से पूरे सोशल मीडिया में वायरल हो रहे हैं।
आज के समय में इतना खुलकर निष्पक्ष बोल पाने की हिम्मत हर कोई नहीं कर पा रहा है।
कई बार मुझे लगता है कि राहुल गाँधी जी के रूप में नास्त्रेदमस ने पुनः जन्म लिया है।
वे जो भी कहते हैं अगले 30 से 45 दिन में हम उसे सच होते देख लेते हैं।
मध्यप्रदेश से लेकर ओडिशा तक आदिवासी समुदाय अपनी जमीन बचाने के लिए बीजेपी सरकार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन इन गंभीर मुद्दों पर मीडिया में कोई बहस तक नहीं हो रही है।
राघव चड्ढा जैसे इस संघी की पहचान मैंने 2022 में ही कर ली थी। जो जातिवादी व्यक्ति जेल में होना चाहिए था, वह आज देश की संसद में बैठा है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है।
जब साल में 12 महीने होते हैं, तो टेलीकॉम कंपनियाँ 28-28 दिन का महीना बनाकर 12 की जगह 13 बार रिचार्ज क्यों वसूलती हैं? क्या कंपनियाँ अपना नया कैलेंडर चला रही हैं, जिसमें हर महीना 28 दिन का है? आखिर यह 28 दिन वाला महीना किस स्कूल में पढ़कर बनाया गया है, और उपभोक्ताओं से अतिरिक्त पैसा वसूलने की इस व्यवस्था पर सरकार और नियामक संस्थाएँ चुप क्यों हैं?
@airtelindia@reliancejio@TRAI@JM_Scindia
"नेहरू का नाम आइंस्टीन के साथ लेते थे, आपका एपस्टीन के साथ"
◆ राज्यसभा में कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा
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