BREAKING 🚨:
Journalist Shubhankar Mishra explained why Manmohan Singh was a legend
"Modi used to criticise Dr Manmohan Singh because he spoke less, now i want to ask why isn't Modi speaking on important issues?" 🔥
History will be kind to Dr MMS 🫡
“सोनम वांगचुक का आमरण अनशन करना ही ग़लत है। क्योंकि आमरण अनशन उस राजनीतिक सत्ता के सामने की जाती हो जो मानवीय संवेदना से भरी हो। एक ऐसी राजनीतिक सत्ता, जो चाहती हो कि विरोध और असहमति की कोई आवाज़ ही न सुनाई पड़े... और ऐसी कोई आवाज़ हो तो वो जितनी जल्दी हो ख़त्म हो जाए उतना बेहतर है... उसके सामने आमरण अनशन असल में पंखे से लटक कर आत्महत्या करने जैसा ही है।”
पूरी बात👇
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इस ख़बर को ग़लत तरीके से दिखाया जा रहा है।इसको ऐसे लिखना था -
उज्जैन के विकास में मोहन यादव ने पेश की नज़ीर। पूरे परिवार को झोंका। पत्नी संग ख़ुद भी लगाए पैसे,बेटा भतीजा सब महाकाल के विकास में शामिल। सीएम ने किया साबित कि धर्म की सेवा में वो पीछे नहीं। उज्जैन तो अभी झाँकी है..
INTERESTING: the 6 MPs who are defecting from Shiv Sena (UBT) are to be provided enhanced Y plus security by the Govt . So first you defect from the party on whose symbol you were elected, then you get ‘rewarded’ with extra security. All of course on tax payers expense!! Yeh hai Bharat ki rajneeti ka kamaal!😡
पहले AAP, फिर TMC और अब खबर है कि उद्धव ठाकरे के शिवसेना के सांसद शिंदे से जुड़ेंगे.. कल यह सांसद ओम बिरला से मिल सकते हैं.. अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस देश में चुनाव ही क्यों करवाया जा रहा है? पत्रकार इसे ऑपरेशन ऑपरेशन कहकर जस्टिफाई कर रहे हैं, लेकिन सही मायने में यह आपके वोटों की चोरी है.. सरकार को अब फर्क नहीं पड़ता आप बेरोज़गारी या महंगाई पर नाराज़ हो सकते हैं, सरकार के खिलाफ वोट कर सकते हैं, लेकिन अब आपके सांसदों को ही खरीदा जाएगा! क्या आपको अब भी लगता है कि भारत में लोकतंत्र मौजूद है? अब ना ही इन्हें EVM हैक करना है, ना ही SIR करना है.. सबकुछ पैसों और डर के दम पर चल रहा है..
Compromised PM के राज में एक भारतीय होने का मतलब दुर्गति है।
विदेशी ताकत हमारे नागरिकों को मारती है। हमारी सरकार एक आज्ञाकारी नौकर की तरह चुप-चाप आदेश मान लेती है - और हमारे नागरिक सड़ने के लिए छोड़ दिए जाते हैं।
इस भारतीय को घर लाइए। अभी।
डॉ मनमोहन सिंह कमजोर नहीं थे
2013 में अमेरिका में कार्यरत राजनयिक देवयानी खोबरागड़े को उनकी नौकरानी द्वारा लगाए गए वीजा धोखाधड़ी और कम वेतन देने के आरोपों में अमेरिकी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।जिसके बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने विरोध में नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास के बाहर लगे सुरक्षा बैरिकेड्स हटा दिए,अमेरिकी राजनयिकों के विशेष पहचान पत्र और विशेषाधिकार वापस ले लिया था और आज 3 भारतीयों की हत्या पर हमारी सत्ता अमेरिका के सामने बेबस है !
India should ask US Ambassador in New Delhi to go back to Washington and remain there unless US expresses regret for the reckless killing of our citizens on sea. But Modi is a pussy cat before Donald. He shivers before him.
“ये भी ग़ौरतलब है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तीन भारतीयों के मारे जाने पर संवेदना का एक ट्वीट तक नहीं किया है। वो प्रधानमंत्री जो एक खिलाड़ी के अंगूठे में लगी चोट के बाद ट्वीट करते हैं। जल्द ठीक होने की शुभकामना देते हैं। ये अच्छी बात है। लेकिन संवेदना के ऐसे शब्द तीन भारतीयों के मारे जाने पर ग़ुम क्यों हैं?”
पूरी बात 👇
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IMPORTANT: SC dismisses Meenakshi Natarajan plea on rejection of her RS nomination, says she must file election petition in HC. A petition like this will take minimum 2-3 years , followed by appeal by which the RS term will be over!@ECISVEEP will take hands-off approach saying matter is sub judice! Net net: a returning officer can act in a prima facie arbitrary manner to disqualify a candidate with no immediate legal remedy. What a ‘masterstroke’!🙏