"रक्त की हर एक बूँद में संकल्प की वो धार है,
जो बदल दे राष्ट्र का इतिहास, वो हुंकार है।"
युवाओं और छात्रों के अधिकारों की आवाज़ उठाते हुए जननायक @RahulGandhi जी के चेहरे पर लगी यह चोट तानाशाही के ख़िलाफ़ संघर्ष का प्रतीक है।
सच्चाई की इस लड़ाई में देश का हर युवा आपके साथ खड़ा है! ✊🇮🇳
#RahulGandhi #StandWithRahulGandhi #YouthPower #DelhiProtest
PM Modi has cut off internet around Jantar Mantar, which is creating immense panic.
This is a direct assault on freedom of speech, to silence the voice of India’s youth and hide the Delhi Police’s brutalities.
Be warned, Mr. Modi - any untoward step to quash this youth protest will be deeply disastrous and the people will deliver a historic punishment against you.
दिल्ली की हवा पर चेतावनी 🚨
शहर का औसत AQI 68 — जबकि WHO मानक AQI 25 है, जो PM2.5 के 15 μg/m³ के बराबर है।
• शहर AQI 68 — ‘संतोषजनक’ (population weighted 72)
• सबसे ख़राब: Wazirpur — मौसम हटाने पर AQI 130 (PM10 का इलाक़ा)
• मौसम हटाने पर असली AQI पिछले साल से 22 अंक ऊपर — दिखती राहत मौसम की देन।
सरकार से माँग — PM2.5 के स्रोतों पर तुरंत कार्रवाई; Wazirpur जैसे इलाक़ों में स्थानीय कदम; हर स्टेशन का real-time AQI और जवाबदेही।
साँस लेना मौलिक अधिकार है — सुविधा नहीं।
#DelhiAQI #AirQuality #CPCB #वायुप्रदूषण #दिल्ली
Thank you, Delhi Police, for the love and affection. ( sharing one part )
Just remember—your children are victims of paper leaks too. I understand the pressure you’re under to stop us.
You may use force,We will use courage.
Thank you .@RahulGandhi ji for raising the bar and leading from the front.
#PaperLeak #ChhatronKiGoonj #DharmendraPradhan
दिल्ली वायु गुणवत्ता — CPCB सूचकांक
शहर का औसत AQI 90 — जबकि WHO मानक AQI 25 है, जो PM2.5 के 15 μg/m³ के बराबर है।
• शहर AQI 90 — ‘संतोषजनक’ (population weighted 97)
• सबसे ख़राब: Wazirpur — मौसम हटाने पर AQI 131 (PM10 का इलाक़ा)
सरकार से माँग — PM2.5 के स्रोतों पर तुरंत कार्रवाई; Wazirpur जैसे इलाक़ों में स्थानीय कदम; हर स्टेशन का real-time AQI और जवाबदेही।
साँस लेना मौलिक अधिकार है — सुविधा नहीं।
#DelhiAQI #AirQuality #CPCB #वायुप्रदूषण #दिल्ली
दिल्ली की हवा पर चेतावनी 🚨
मौसम का असर पूरी तरह हटाने के बाद भी, दिल्ली का अपना PM10 पिछले साल के इन्हीं दिनों से लगातार 52 दिन से ऊपर है — मई से आज तक, एक भी दिन नीचे नहीं।
de-weathering यानी हवा, बारिश और तापमान का असर गणित से हटाकर यह देखना कि शहर का अपना सचमुच का प्रदूषण कितना है — ताकि 'बारिश से हवा साफ़' कहकर बात न टाली जा सके। अगर यह सिर्फ़ मौसम होता, तो कुछ दिन नीचे भी आते। यह टिकाऊ बिगड़ाव है, मौसम का उतार-चढ़ाव नहीं।
सरकार से माँग — PM2.5 के स्रोतों पर तुरंत कार्रवाई; Wazirpur जैसे इलाक़ों में स्थानीय कदम; हर स्टेशन का real-time AQI और जवाबदेही।
साँस लेना मौलिक अधिकार है — सुविधा नहीं।
#DelhiAQI #AirQuality #CPCB #वायुप्रदूषण #दिल्ली
पेपर लीक करने वाले आज़ाद घूम रहे हैं, और इंसाफ मांगने वाले छात्रों को आंसू गैस और लाठियां मिल रही हैं।
यही है इस सरकार का असली चेहरा।152 पेपर लीक। 7.5 करोड़ छात्रों का भविष्य दांव पर। एक भी दोषी को सज़ा नहीं मिली, लेकिन आज जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ रहे मासूम छात्रों पर आंसू गैस छोड़ी गई, लाठियां बरसाई गईं। संसद बार-बार स्थगित करनी पड़ी, क्योंकि यह सरकार जवाब देने से डरती है।
@RahulGandhi जी ने बिल्कुल सही कहा है। यह देश के इतिहास की सबसे युवा-विरोधी सरकार है, जो एक नाकाम शिक्षा मंत्री तक को बर्खास्त नहीं कर सकती।
धर्मेंद्र प्रधान जी, आखिर कब तक कुर्सी बचाएंगे? शर्म है तो इस्तीफा दीजिए।@INCIndia और @NSUI हर उस छात्र के साथ खड़ी हैं जिसका भविष्य इस सरकार की नाकामी और लापरवाही की भेंट चढ़ रहा है।
यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक इंसाफ नहीं मिलता।हम चुप नहीं बैठेंगे। #NEETPaperLeak #JusticeForStudents #ResignDharmendraPradhan
पेपर लीक करने वाले आज़ाद घूम रहे हैं, और इंसाफ मांगने वाले छात्रों को आंसू गैस और लाठियां मिल रही हैं।
यही है इस सरकार का असली चेहरा।152 पेपर लीक। 7.5 करोड़ छात्रों का भविष्य दांव पर। एक भी दोषी को सज़ा नहीं मिली, लेकिन आज जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ रहे मासूम छात्रों पर आंसू गैस छोड़ी गई, लाठियां बरसाई गईं। संसद बार-बार स्थगित करनी पड़ी, क्योंकि यह सरकार जवाब देने से डरती है।
@RahulGandhi जी ने बिल्कुल सही कहा है। यह देश के इतिहास की सबसे युवा-विरोधी सरकार है, जो एक नाकाम शिक्षा मंत्री तक को बर्खास्त नहीं कर सकती।
धर्मेंद्र प्रधान जी, आखिर कब तक कुर्सी बचाएंगे? शर्म है तो इस्तीफा दीजिए।@INCIndia और @NSUI हर उस छात्र के साथ खड़ी हैं जिसका भविष्य इस सरकार की नाकामी और लापरवाही की भेंट चढ़ रहा है।
यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक इंसाफ नहीं मिलता।हम चुप नहीं बैठेंगे। #NEETPaperLeak #JusticeForStudents #ResignDharmendraPradhan
प्रधानमंत्री मोदी भारत के इतिहास के सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री हैं - इतने युवा विरोधी कि एक नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी नहीं ले सकते।
152 पेपर लीक। 7.5 करोड़ छात्र पीड़ित। और सज़ा एक दोषी को भी नहीं। सजा किसे मिली? मेहनती युवाओं को।
और जब इन बच्चों ने शिक्षा के जायज़ सवाल उठाए - तो जवाब में मिली लाठी और हिरासत। लीक करने वाले अपराधी आज़ाद - और वाजिब मुद्दे उठाने वाले छात्र घसीटे जाते हैं, पीटे जाते हैं।
यह सरकार सिर्फ़ युवाओं को नाकाम नहीं कर रही - उनपर टूट पड़ी है।
दिल्ली की हवा पर चेतावनी 🚨
मौसम का असर पूरी तरह हटाने के बाद भी, दिल्ली का अपना PM10 पिछले साल के इन्हीं दिनों से लगातार 51 दिन से ऊपर है — मई से आज तक, एक भी दिन नीचे नहीं।
de-weathering यानी हवा, बारिश और तापमान का असर गणित से हटाकर यह देखना कि शहर का अपना सचमुच का प्रदूषण कितना है — ताकि 'बारिश से हवा साफ़' कहकर बात न टाली जा सके। अगर यह सिर्फ़ मौसम होता, तो कुछ दिन नीचे भी आते। यह टिकाऊ बिगड़ाव है, मौसम का उतार-चढ़ाव नहीं।
सरकार से माँग — PM2.5 के स्रोतों पर तुरंत कार्रवाई; Wazirpur जैसे इलाक़ों में स्थानीय कदम; हर स्टेशन का real-time AQI और जवाबदेही।
साँस लेना मौलिक अधिकार है — सुविधा नहीं।
#DelhiAQI #AirQuality #CPCB #वायुप्रदूषण #दिल्ली
दिल्ली की हवा पर चेतावनी 🚨
मौसम का असर पूरी तरह हटाने के बाद भी, दिल्ली का अपना PM10 पिछले साल के इन्हीं दिनों से लगातार 49 दिन से ऊपर है — मई से आज तक, एक भी दिन नीचे नहीं।
de-weathering यानी हवा, बारिश और तापमान का असर गणित से हटाकर यह देखना कि शहर का अपना सचमुच का प्रदूषण कितना है — ताकि 'बारिश से हवा साफ़' कहकर बात न टाली जा सके। अगर यह सिर्फ़ मौसम होता, तो कुछ दिन नीचे भी आते। यह टिकाऊ बिगड़ाव है, मौसम का उतार-चढ़ाव नहीं।
सरकार से माँग — PM2.5 के स्रोतों पर तुरंत कार्रवाई; Wazirpur जैसे इलाक़ों में स्थानीय कदम; हर स्टेशन का real-time AQI और जवाबदेही।
साँस लेना मौलिक अधिकार है — सुविधा नहीं।
#DelhiAQI #AirQuality #CPCB #वायुप्रदूषण #दिल्ली
Shri Sonam Wangchuk has now been on a hunger strike for 19 days, demanding the resignation of the Union Education Minister.
The Indian National Congress has been making this very demand for over a month and a half. We share the anguish and outrage that Shri Wangchuk ji feels, especially due to the lack of accountability within the Modi Govt - for the collapse of the examination system in particular.
In view of his health condition, we appeal to Shri Wangchuk to end his fast. His concerns are our concerns and that of other Opposition parties as well.
Rest assured, we will continue to confront the Modi government and demand the Education Minister’s resignation.
दिल्ली की हवा पर चेतावनी 🚨
मौसम का असर पूरी तरह हटाने के बाद भी, दिल्ली का अपना PM10 पिछले साल के इन्हीं दिनों से लगातार 48 दिन से ऊपर है — मई से आज तक, एक भी दिन नीचे नहीं।
de-weathering यानी हवा, बारिश और तापमान का असर गणित से हटाकर यह देखना कि शहर का अपना सचमुच का प्रदूषण कितना है — ताकि 'बारिश से हवा साफ़' कहकर बात न टाली जा सके। अगर यह सिर्फ़ मौसम होता, तो कुछ दिन नीचे भी आते। यह टिकाऊ बिगड़ाव है, मौसम का उतार-चढ़ाव नहीं।
सरकार से माँग — PM2.5 के स्रोतों पर तुरंत कार्रवाई; Wazirpur जैसे इलाक़ों में स्थानीय कदम; हर स्टेशन का real-time AQI और जवाबदेही।
साँस लेना मौलिक अधिकार है — सुविधा नहीं।
#DelhiAQI #AirQuality #CPCB #वायुप्रदूषण #दिल्ली
रोज़ की वीडियो के पीछे की मशीन
हर दिन आप मेरी ओर से दिल्ली की हवा पर एक वीडियो देखते हैं। यह 2 मिनट की फ़िल्म वह मशीन दिखाती है जो उस वीडियो को बनाती है — एक ऐसा automatic सिस्टम, जिसे मैंने और मेरी टीम ने बनाया है। यह data से लेकर broadcast तक ख़ुद चलता है, और इसमें इंसानी फ़ैसला सिर्फ़ एक है: मेरा approval।
यह हर दिन क्या करता है:
सुबह 9 बजे — एक research task अपने आप जागता है। दिन के वैज्ञानिक प्रमाण जुटाता है और शाम की फ़िल्म का design तय करता है।
सुबह 10:30 बजे — production शुरू। कोई बटन नहीं दबाता।
Data — दिल्ली के हर CPCB monitoring station से हर घंटे की reading। quality की शर्त: किसी station का दिन तभी गिना जाता है जब 24 में से कम-से-कम 16 घंटे की सही readings हों।
De-weathering — सिस्टम का दिल। Machine learning models — जो सालों के hourly data पर trained हैं — हवा, बारिश, तापमान और atmospheric mixing का असर गणित से हटा देते हैं। जो बचता है, वही है दिल्ली का अपना प्रदूषण — मौसम का खेल नहीं। और चूँकि हर statistical model में कुछ uncertainty होती है, हम अपने model को उन दिनों पर परखते हैं जो उसने कभी देखे नहीं (out-of-sample validation), और हमेशा range — confidence interval — बताते हैं, झूठी precision कभी नहीं। पिछले साल से तुलना उन्हीं तारीख़ों के ±7 दिनों से, और सिर्फ़ matched stations से होती है — ताकि कोई एक अजीब दिन "normal" तय न कर दे।
Coverage gate — एक machine जाँच, ताकि कुछ छिपाया न जा सके: रिपोर्ट की हर नकारात्मक बात narration तक पहुँचनी ही चाहिए। एक भी छूटे, तो सिस्टम आगे बढ़ने से मना कर देता है।
Daily report — पूरा statistical evidence base, सबसे पहले तैयार होता है।
Adversarial peer review — कोई भी बात सार्वजनिक होने से पहले 6 विशेषज्ञ AI reviewers उसे परखते हैं: statistician, meteorologist, atmospheric chemist, exposure scientist, narrative editor और political red team। हर दावे के पक्ष में बहस, विरोध में बहस, और फिर फ़ैसला — विज्ञान की परख ऐसे ही होनी चाहिए।
Narration और फ़िल्म — जो जाँच में टिकता है, वही बोला जाता है। हर दिन नए सिरे से लिखा जाता है, और broadcast स्तर पर बनता है — हर बोले गए शब्द के साथ visuals की सटीक timing।
Human gate — फिर मशीन रुक जाती है, और इंतज़ार करती है। मेरी मंज़ूरी के बिना कुछ भी publish नहीं होता।
Publish — X, Facebook, Instagram, YouTube, WhatsApp। और अगली सुबह, यह सब फिर शुरू।
यह पूरा loop Fable 5 — Anthropic के सबसे नए Claude model — से बनाया गया है, जिसे मैं और मेरी टीम रोज़ इस्तेमाल करते हैं। Technology, जवाबदेही की सेवा में।
दिल्ली की हवा को चाहिए ऐसी निगरानी, जो कभी नहीं सोती।
— अजय माकन
THE MACHINE BEHIND THE DAILY
Every day you see a Delhi air-quality video from me. This 2-minute film shows the machine that makes it — an autonomous system my team and I have built, which runs itself from raw data to broadcast, with exactly one human decision inside it: mine.
What it does, every single day:
9:00 AM — a research task wakes up on its own. It gathers the day's scientific evidence and designs the visual language for the evening's film.
10:30 AM — the production run begins. No one presses a button.
Data — hourly readings from every CPCB pollution-monitoring station in Delhi, quality-checked (a station-day must have at least 16 of 24 valid hourly readings to count).
De-weathering — the heart of the system. Machine-learning models, trained on years of hourly data, mathematically strip out the effect of wind, rain, temperature and atmospheric mixing. What remains is Delhi's own pollution — not the weather's mood. And because every statistical model carries uncertainty, we test ours on days it has never seen (out-of-sample validation) and always quote ranges — confidence intervals — never false precision. Comparisons with last year use the same dates ±7 days and only matched stations, so no single freak day defines "normal".
The coverage gate — a machine check that nothing can be hidden: every negative finding in the day's report MUST reach the narration. If even one is missing, the system refuses to continue.
The daily report — the full statistical evidence base, built and delivered first.
Adversarial peer review — before a single word goes public, six specialist AI reviewers examine the draft: a statistician, a meteorologist, an atmospheric chemist, an exposure scientist, a narrative editor and a political red team. Every claim is argued for, argued against, and adjudicated — the way science is meant to be tested.
The narration and the film — only what survives review is spoken, written fresh every day, and rendered to broadcast standard with the visuals synced to every spoken word.
The human gate — then the machine stops, and waits. Nothing is published until I personally approve it.
Publish — X, Facebook, Instagram, YouTube, WhatsApp. And the next morning, it all begins again.
This entire loop has been engineered with Fable 5 — Anthropic's newest Claude model — which my team and I use every day. Technology in the service of accountability.
Delhi's air deserves scrutiny that never sleeps.
— Ajay Maken
दिल्ली की हवा पर चेतावनी 🚨
मौसम का असर पूरी तरह हटाने के बाद भी, दिल्ली का अपना PM10 पिछले साल के इन्हीं दिनों से लगातार 47 दिन से ऊपर है — मई से आज तक, एक भी दिन नीचे नहीं।
de-weathering यानी हवा, बारिश और तापमान का असर गणित से हटाकर यह देखना कि शहर का अपना सचमुच का प्रदूषण कितना है — ताकि 'बारिश से हवा साफ़' कहकर बात न टाली जा सके। अगर यह सिर्फ़ मौसम होता, तो कुछ दिन नीचे भी आते। यह टिकाऊ बिगड़ाव है, मौसम का उतार-चढ़ाव नहीं।
सरकार से माँग — PM2.5 के स्रोतों पर तुरंत कार्रवाई; Wazirpur जैसे इलाक़ों में स्थानीय कदम; हर स्टेशन का real-time AQI और जवाबदेही।
साँस लेना मौलिक अधिकार है — सुविधा नहीं।
#DelhiAQI #AirQuality #CPCB #वायुप्रदूषण #दिल्ली
दिल्ली की हवा पर चेतावनी 🚨
शहर का औसत AQI 155 — जबकि WHO मानक AQI 25 है, जो PM2.5 के 15 μg/m³ के बराबर है।
• शहर AQI 155 — ‘मध्यम’ (population weighted 157)
• सबसे ख़राब: Wazirpur — मौसम हटाने पर AQI 130 (PM10 का इलाक़ा)
सरकार से माँग — PM2.5 के स्रोतों पर तुरंत कार्रवाई; Wazirpur जैसे इलाक़ों में स्थानीय कदम; हर स्टेशन का real-time AQI और जवाबदेही।
साँस लेना मौलिक अधिकार है — सुविधा नहीं।
#DelhiAQI #AirQuality #CPCB #वायुप्रदूषण #दिल्ली
चंदा चोरी, आस्था धोखा
अयोध्या के भगवान श्री राम मंदिर में भाजपा-आरएसएस द्वारा सुनियोजित तरीके से की गई चंदा चोरी और जनता के विश्वास के साथ हुए धोखे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की रहस्यमयी चुप्पी आखिर क्या दर्शाती है? वे चंदा चोरों की मदद पर क्यों उतारू हैं?
देश सवाल पूछ रहा है कि भ्रष्टाचार पर 'जीरो टॉलरेंस' का दावा करने वाले प्रधानमंत्री इस गंभीर मुद्दे पर पिछले एक महीने से मौन क्यों है?
जनता इस विश्वासघात के लिए उनसे जवाब मांग रही है।
प्रधानमंत्री जी,
मौन तोड़िए, जवाब दीजिए
देशवासियों की आस्था से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे को लेकर बीते चार दिनों में कांग्रेस नेताओं ने देशभर के विभिन्न शहरों में 50 पत्रकार वार्ताएं कर प्रधानमंत्री से जवाब मांगा और असली गुनहगारों को जेल की सलाखों के पीछे डालने की मांग की।
दिल्ली की हवा पर चेतावनी 🚨
Anand Vihar ने छुआ रिकॉर्ड सबसे ऊँचा AQI — 500! असल में और ज़्यादा हो सकता है, पर यंत्र 500 से ऊपर नाप ही नहीं सकता।
• शहर AQI 310 — ‘बहुत ख़राब’ (population weighted 313)
• सबसे ख़राब: Wazirpur — मौसम हटाने पर AQI 130 (PM10 का इलाक़ा)
सरकार से माँग — PM2.5 के स्रोतों पर तुरंत कार्रवाई; Wazirpur जैसे इलाक़ों में स्थानीय कदम; हर स्टेशन का real-time AQI और जवाबदेही।
साँस लेना मौलिक अधिकार है — सुविधा नहीं।
#DelhiAQI #AirQuality #CPCB #वायुप्रदूषण #दिल्ली