आज लालू यादव का जन्मदिन है…
लालू यादव होना आसान नहीं है।
और दूसरा लालू यादव बन जाना, शायद उससे भी ज़्यादा मुश्किल।
उनसे प्यार करने वाले भी हैं, उनसे नफ़रत करने वाले भी। लेकिन दुनिया में ऐसा कौन है जिसे हर कोई सिर्फ़ प्यार करे या हर कोई सिर्फ़ नफ़रत? यही राजनीति है।
फिर भी एक बात पूरे विश्वास से कही जा सकती है—लालू यादव जैसा किरदार बार-बार पैदा नहीं होता।
मुझे आज भी 26 जुलाई 2017 का वह दिन याद है। बिहार की राजनीति में भूचाल आया था। महागठबंधन टूट चुका था, सरकार चली गई थी और कुछ ही घंटों बाद लालू यादव को रांची जाकर जेल में सरेंडर करना था।
राबड़ी देवी आवास के बाहर हज़ारों समर्थकों की भीड़ थी। कोई नारे लगा रहा था, कोई रो रहा था, कोई उम्मीद बँधा रहा था। अंदर तेजस्वी यादव प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर रहे थे, रघुवंश प्रसाद सिंह कार्यकर्ताओं में जोश भर रहे थे। माहौल ऐसा था कि किसी भी परिवार का मुखिया उस दिन टूट सकता था।
इसी बीच जब लालू यादव रांची के लिए निकले, तो मुझे उनकी गाड़ी में बैठकर एक्सक्लूसिव इंटरव्यू करने का मौका मिला।
सच कहूँ तो मैं सोच रहा था कि शायद उनके चेहरे पर मायूसी होगी, चिंता होगी, हार का दर्द होगा। लेकिन गाड़ी में बैठा वह आदमी बिल्कुल अलग था। चेहरे पर वही ठहराव, वही आत्मविश्वास .!
करीब 20–25 किलोमीटर पटना से आगे जाने के बाद इंटरव्यू हुआ। उतरते समय मैंने उनसे पूछा—
“दुख नहीं होता? आपका बेटा पहली बार सत्ता तक पहुँचा, सरकार चली गई… और अब आपको भी जेल जाना पड़ रहा है। घर और राजनीति संभालेगा कौन?”
उन्होंने बिना एक पल रुके मेरी तरफ देखा और कहा—
“इस सब से कोई फ़र्क नहीं पड़ता। बहुत कुछ झेला है। फिर से खड़े होंगे, फिर से सरकार में आएँगे। राजनीति में यह सब आता-जाता रहता है।”
उनकी आवाज़ में गुस्सा नहीं था, शिकायत नहीं थी, डर नहीं था। बस एक अजीब-सा विश्वास था—कि हार स्थायी नहीं होती।
उस दिन मुझे समझ आया कि कुछ लोग चुनाव से नेता बनते हैं, लेकिन कुछ लोग संघर्ष से पहचान बनाते हैं।
आज उनके जन्मदिन पर सुबह से लोग उनसे मिलने पहुँच रहे हैं। समर्थक उन्हें अपना मसीहा मानते हैं, विरोधी उनकी आलोचना करते हैं। लेकिन इतना तो दोनों मानेंगे कि लालू यादव सिर्फ़ एक नेता नहीं, भारतीय राजनीति का एक ऐसा अध्याय हैं जिसे नज़रअंदाज़ करना आसान नहीं है। #bihari #laluyadav #laluyadavbirthday
दिल्ली में जल संकट पर CM रेखा गुप्ता को सुनिए। कह रही हैं कि जो पानी हमारा आता है, वो बीच में Evaporate (भाप बनकर उड़ जाना) हो जाता है, इसलिए पानी की शॉर्टेज हो रही है।
भाजपा में जो जितना बेईमान
वो बैठा है उतनी ऊँची मचान!
भाजपा बेईमानी से चुनाव जीतती है, इस बात को स्वीकार करके भाजपा के विधायक ने भ्रष्ट भाजपाई राजनीति का एनकाउंटर कर दिया है, साथ ही उसके ऊपर बुलडोज़र भी चलवा दिया है। देखते हैं अब इन भाजपाई विधायक को पार्टी से निकाला जाता है या भाजपा द्वारा अगला मुख्यमंत्री घोषित किया जाता है।
इस बार जनता भाजपा की सारी तिकड़म निकाल देगी। भाजपा हारेगी और फिर कभी नहीं आएगी।
सांसद अभिषेक बनर्जी जी पर सोनारपुर में हुआ हमला बेहद निंदनीय है।
एक सांसद पर हमला सिर्फ़ एक व्यक्ति पर हमला नहीं - यह उस जनता पर है जिसने उन्हें चुना, और उस लोकतंत्र पर है जो हम सबकी साझी विरासत है।
यह BJP की बदले की राजनीति का घिनौना रूप है। राजनीतिक मतभेद कभी हिंसा का कारण नहीं बन सकते।
केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार - दोनों दोषियों पर तत्काल कार्रवाई करें, और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी जन-प्रतिनिधि, किसी भी दल का हो, अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित न रहे।
अभिषेक जी, मेरी संवेदनाएँ आपके और आपके परिवार के साथ हैं। आप जल्द स्वस्थ हों।
पेट्रोल,डीज़ल,रसोई गैस और सीएनजी के बाद अब उत्तर प्रदेश में बिजली 10 % महंगी हो गई है।ज़्यादा परेशानी वाली बात नहीं है,अगर आपका बिल 1000 ₹ आता है तो अब 1100 ₹ आएगा।5000 ₹ आता है तो 5500 आएगा।इतना तो देश 🇮🇳 के प्रति आपका भी फ़र्ज़ बनता है।
#भाजपा सरकार एवं पार्टी में सहयोगी पिछड़ी जाति की महिला का राजनीति में आने का ऐसे कर रहे हैं सहयोग व वंदन।
एक और महिलाओं को राजनीति में आरक्षण के लिए नारी वंदन कानून का प्रचार करती है,वहीं दूसरी और #समाजवादी_पार्टी की राष्ट्रीय पदाधिकारी सीमा राजभर के चरित्र हनन का प्रयास करती है।
@NCWIndia@UMahilaayog
उत्तराखंड : BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन आज देहरादून पहुंचे हैं। तेल बचत की अपील/प्रोटोकॉल का ध्यान रखते हुए काफिले में सिर्फ 35 गाड़ियां रखी गई हैं।
Video – Gajendra Rawat
पेट्रोलियम मिनिस्टर @HardeepSPuri कह रहे थे कि तेल कंपनियों को हर दिन 1000 करोड़ का नुक़सान हो रहा है। ये रिपोर्ट कह रही है कि उनको तो 41% का मुनाफ़ा हुआ है!
महंगाई मानव मोदी का फिर से हमला।
पेट्रोल-डीज़ल के दाम किश्तों में बढ़ाते हैं - ताकि चुपके-चुपके आपकी जेब कटती रहे।
मैं महीनों से आर्थिक तूफान आने की बात कह रहा था। पर मोदी जी तब हमेशा की तरह चुनाव में व्यस्त थे - और चुनाव खत्म होते ही पेट्रोल-डीजल ₹8 महंगा कर दिया।
और, ये बढ़त होती ही जाएगी।
महंगाई मानव मोदी का एक ही काम है - चुनाव में वादे, और बाक़ी समय जनता की जेब पर वार।
बड़ी ख़बर
ब्रेंट क्रूड की क़ीमत $100 प्रति बैरल के निशान से नीचे आ गई है।
आज सुबह ब्रेंट क्रूड अब $98.27 प्रति बैरल पर आ गयी।
दूसरी तरफ़ भारत में तेल कंपनियाँ पेट्रोल डीज़ल के क़ीमत बढ़ाती चली जा रही है! देश में कोई सरकार है कि इसे रोके?
“अगर मेरा आँख नहीं खुलता और मेरी बेटी को उठा ले जाता तो हम घर किस मुँह से जाते!”
ये शब्द एक पिता के हैं।होटल के कमरे से उनके सामने उनकी बेटी को अगवा करने की कोशिश हुई वो भी पटना में!
जातिय द्वेष फैलाने वाले CM बतायेंगे,अपराधी का मन कैसे इतना बढ़ा हुआ है?
बिहार के जंगलराज की ख़बरें खूब सुनाई देती रही हैं! निश्चित रूप से वह ख़राब दौर था! लेकिन २००४ के बाद दौर को बदलने का दावा किया गया! आज २२ साल बाद भी उस जंगलराज का याद दिलाकर वोट माँगा जाता है! चुनाव जीता जा रहा है!
लेकिन अब वक़्त आ गया है की राजनीति से दूर बिहार के लोगों को समझना होगा की २२ साल पुराने जंगल राज का तिलस्म रच कर कई बार हमारे आपके सामने असली जंगलराज की मिसाल आती है तो हम प्रतिरोध तक नहीं करते हैं!
बिहार में जो कल हुआ वह उस दौर के भी जंगलराज से खतरनाक है! बेगुसराई से एक पिता अपनी बेटी को परीक्षा दिलाने पटना लाता है!
यहाँ शहर के बीचो बीच होटल से उसकी बेटी को जबरन अगवा करने की कोशिश की जाती है! पिता के विरोध के कारण उसकी बेटी बच सकी!
पिछले दिनों नीट की तैयारी कर रही लड़की के साथ हॉस्टल में क्या हुआ था वह भी हमने देखा था!
अब वक़्त है बार बार अतीत की बात को छोड़ कर हकीकत की दुनिया में हो रहे इस "जंगलराज" की बात करने का! क्योंकि अगर आप बिहार के हित की बात करते हैं और तो आपको ऐसी घटनाएं भी डरानी चाहिए!