राज्य सरकार को दूसरे राज्य के अभ्यर्थियों को शिक्षक भर्ती में प्राथमिकता नही दी जानी चाहिए क्योंकि राजस्थान में ही बहुत से अभ्यर्थी है जो बेरोजगार है उसके लिए सिर्फ राज्यो के अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए @ashokgehlot51@SachinPilot@BDSmovement@RajGovOfficial
समस्त कोरोनाकालीन सत्र के अभ्यर्थियों को इस भर्ती प्रकिया से बाहर करना चाहिए क्योंकि उन्हें बिना परीक्षा के प्रमोट करके अच्छे अंक देने से उनका रिजल्ट बाकियों से कहि ज्यादा अच्छा रहा है जिससे दूसरे सत्रो के अभ्यर्थियों का मैरिट में नाम आना असम्भव है प्रकिया रोकी जाए