साथियों एक दिन पहले मैने ये पोस्ट 👇किया था कि कैसे ब्राह्मण परिवार को प्रताड़ित किया जा रहा संजय सारंग और उसके परिवार और साथ गांव के ही सतनामी समाज के लोगों के द्वारा जो भीम आर्मी से है,जिससे वे मानसिक रूप से टूट चुके है और स्थिति इतनी भयावह हो गई है कि सपरिवार आत्महत्या की ..
छत्तीसगढ़ के रायपुर के नजदीक एक गांव है नकटी जहां सतनामी (एससी) के मोहल्ले में सिर्फ एक घर के ब्राह्मण रहते है दरअसल पूरे गांव में सिर्फ एक घर के ही ब्राह्मण है ।जिनकी जमीन में सतनामी समाज के लोग (नीले कबूतर) कब्जा करना चाहते थे जिसका उन्होंने विरोध किया तो एससीएसटी एक्ट लगा दिया
#samvidan_nirvata_bnrao
हमारा उद्देश्य मात्र एक वीडियो साझा करना नहीं है,
बल्कि पूरे समाज की चेतना को झकझोरना है।
आज ज़रूरत है कि हम गंभीरता से यह प्रश्न करें—
भारतीय संविधान का वास्तविक शिल्पकार कौन है?
हम और हमारी पूरी टीम निरंतर इस दिशा में कार्य कर रहे हैं कि देशवासियों तक सही, प्रामाणिक और ऐतिहासिक तथ्यों को पहुँचाया जा सके। संविधान केवल धाराओं और अनुच्छेदों का संकलन नहीं है,
यह हमारी स्वतंत्रता, अधिकार, कर्तव्य और राष्ट्रीय चेतना की नींव है।
अब समय आ गया है कि समाज केवल सुने नहीं,
बल्कि स्वयं प्रश्न करे, शोध करे और सत्य को जाने व समझे।
क्योंकि जागरूक समाज ही सशक्त राष्ट्र की पहचान होता है।
He is Aanchal Saxena, who was preparing for the UPSC examinations. He believed that Brahmins are his enemies and that he needed to kill them for his own safety. He bought an axe, entered a temple, and asked about the pujari. He then attacked the pujari’s wife and killed her. This incident took place in Delhi, but no media outlet has covered the news.
Brahmin hatred is real.
राज्यसभा में भाजपा केंद्र सरकार द्वारा SC/ST एक्ट पर दिया गया जवाब👇
-हमने 2015 में SC/ST एक्ट को मजबूत बनाया, उसमें औऱ प्रावधान जोड़े, कानून सख्त किया
-2018 में हमने SC/ST एक्ट में अमेंडमेंट करके इसमें से FIR से पहले enquiry और अधिकारी की परमिशन वाले प्रावधान हटा दिए
-SC/ST एक्ट के पिछले 5 सालों के filed केसों और उसमें conviction की संख्या भी दी है!
साफ़ दिखाई दे रहा है कि जितने केस फ़ाइल होते हैं, उसमें मुश्किल से 10% में conviction होता है, यानी 90% केस कोर्ट में dismiss हो रहे हैं!
इतना दुरुपयोग देखकर भी सरकार वाहवाही लूट रही है कि हमने कितना अच्छा किया जो कानून को औऱ ज़्यादा सख्त बना दिया!!
वाह वाह👏👏
जो भी सवर्ण ये सोचता था कि बीजेपी की सरकार उनकी है, उनके मुँह पर तमाचा है ये।
इनके राज में-
ब्राह्मणों की बेटी पर कुछ भी बोल सकते हैं।
राणा सांगा पर राजपूतों के सम्मान को ठेस पहुँचाते हैं।
#EWS की बार-बार माँगों को अनदेखा किया जाता है।
कांग्रेस कम से कम सामने से वार कर रही थी, बीजेपी वाले तो पीठ में छुरा घोंप रहे हैं।
#GcLivesMatter
#EWS_AGE_RELAXATION
#JUSTICE_FOR_EWS
उन्होंने—-
- “भूरा बाल साफ़ करो” का नारा दिया, हम चुप रहे
- “तिलक तराज़ू और तलवार, इनको मारो जूते चार” कहा तब भी मौन रहे
- तुमने हजारों जातिगत अभद्र टिप्पणियाँ की फिर भी सह लिए
- फिर तुम देवी देवताओं पर अभद्र टिप्पणी करने लगे?
- 0.5% असामाजिक तत्वों , बेशर्मों तुम्हारी इतनी हिम्मत हो गई कि बहन-बेटियों पर अभद्र टिप्पणी करने लगे?
अब सहन नहीं किया जाएगा। संवैधानिक इलाज जरूरी है। इसकी शुरुआत हो चुकी है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव जीं कान खोलकर सुन लो - @CMMadhyaPradesh
कार्यवाही या बड़ा विरोध - फेसला आपके हाथ BJP सरकार उखाड़ कर फेंक देंगे।
आज भोपाल मे मुख्यमंत्री कॊ ज्ञापन देने जा रहे RSP राष्ट्रीय सवर्ण परिषद् के कार्यकर्ता एवं सभी ब्राहमण संगठन के लोग प्रतिनिधियों पर वाटर केनन का प्रयोग डिटेन्शन ब्राहमण विरोधि होना दर्शाता है।
मोहन यादव तुमने आग लगाने का प्रयास किया है। यदि अभी भी ias पर कार्यवाही नहीं होती तो अबकी बार सभी संगठन मिलकर निर्णय करेंगे।
आज यह लड़ाई बहन बेटियों के सम्मान मे शुरू हुई है
मेरा समाज के तमाम् संगठनों समाजसेवी नेतृत्व कर्ताओं से हाथ जोड़कर निवेदन एकता और समरसता बनाए
यदि हम मिलकर निर्णय प्रयास करेंगे तो स्थिति और बेहतर होगी।
कृपया अहम त्यागकर मिलकर लड़े। क्योंकि आज आप सब हम मिलकर तैय्यारी करते तो यह वाटर केनन फेंक दी जाती।
जय भगवान परशुराम की ॥
जय भवानी ॥
हर हर महादेव ॥
मध्यप्रदेश भोपाल में IAS संतोष वर्मा के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे। ब्राह्मण समाज पर इस कड़ाके की ठंड में पुलिस द्वारा महिलाओं एवं बुजुर्गों पर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया जाना मानवता के खिलाफ़ है। इस तरह के अत्याचार आखिर कब तक होते रहेंगे?
यह सवाल आज पूरे समाज को खुद से पूछना चाहिए— क्या लोकतंत्र में न्याय माँगना अपराध बन चुका है? क्या शांतिपूर्ण आंदोलन का जवाब पानी, लाठी और गिरफ्तारी से दिया जाएगा? यह केवल मेरे साथ हुआ अन्याय नहीं है, यह हर उस नागरिक के अधिकारों पर हमला है जो शांति से अपनी बात रखने का साहस करता है। मैं आप सभी से अपील करता हूँ— इस दमन के खिलाफ एकजुट होकर आवाज़ उठाइए। हम सत्य के साथ हैं, हम न्याय के साथ हैं, और यह लड़ाई डर से नहीं, संकल्प से लड़ी जाएगी। संघर्ष जारी रहेगा। आवाज़ दबेगी नहीं।
आज मैं भोपाल में अपने स्वर्ण समाज के हक़ और न्याय की शांतिपूर्ण आवाज़ लेकर पहुँचा था। हमारा उद्देश्य साफ़ था — बिना हिंसा, बिना अराजकता, सिर्फ़ अपने अधिकारों की बात रखना।
लेकिन बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है कि सरकार ने इस शांतिपूर्ण आंदोलन को दबाने के लिए अवैध और अनुचित तरीकों का सहारा लिया।
वॉटर कैनन का प्रयोग, कड़ाके की ठंड में लोगों पर पानी छोड़ा जाना,
और फिर मेरी गिरफ्तारी के साथ‑साथ मेरे कई साथियों को भी पुलिस द्वारा पकड़ लिया जाना —
यह साफ़ दिखाता है कि आज सच बोलना सत्ता को कितना असहज कर रहा है।
यह सवाल आज पूरे समाज को खुद से पूछना चाहिए—
क्या लोकतंत्र में न्याय माँगना अपराध बन चुका है?
क्या शांतिपूर्ण आंदोलन का जवाब पानी, लाठी और गिरफ्तारी से दिया जाएगा?
यह केवल मेरे साथ हुआ अन्याय नहीं है,
यह हर उस नागरिक के अधिकारों पर हमला है
जो शांति से अपनी बात रखने का साहस करता है।
मैं आप सभी से अपील करता हूँ—
इस दमन के खिलाफ एकजुट होकर आवाज़ उठाइए।
हम सत्य के साथ हैं,
हम न्याय के साथ हैं,
और यह लड़ाई डर से नहीं, संकल्प से लड़ी जाएगी।
संघर्ष जारी रहेगा।
आवाज़ दबेगी नहीं।
#न्यायमांगो
#सनातनीएकता
#अन्यायबर्दाश्तनहीं
#शांति_कीआवाज़
#सत्यकेसाथ
#जनहितमेंसंघर्