Ex Coordinator Aicc Social Media Sevadal North Zone
Ex Parbhari Aicc Social Media UP
अन्याय के विरुद्ध मेरी लड़ाई,
#Rahul_Gandhi द्वारा सम्मानित #न्याय_योद्धा
उत्तर प्रदेश में डिजिटल संगठन निर्माण
किसी एक चेहरे पर आधारित नहीं रहा।
इसकी नींव 2013–14 में पड़ी।
समय के साथ संगठनात्मक प्राथमिकताओं में बदलाव हुआ,
जिसके चलते जमीनी डिजिटल नेटवर्किंग
एक दौर में मुख्यधारा से बाहर हो गई।
छात्रों की गूंज - राहुल गांधी के नेतृत्व में एक देशव्यापी छात्र आंदोलन।
क्यों?
क्योंकि युवा भारत का भविष्य हैं।
क्योंकि हर पेपर लीक लाखों युवाओं का भविष्य, देश का भविष्य छीन लेता है।
क्योंकि अब पानी सर से ऊपर हो गया है।
आप भी जुड़ें - अपने, अपने बच्चों, अपने साथियों के लिए आवाज़ उठाएं।
17 जून | कोटा | छात्रों की गूंज
देश के हर युवा से मेरी एक बात - आज इस देश में मेहनत का फल नहीं, सपने देखने की सज़ा मिलती है।
हर पेपर लीक, हर रद्द परीक्षा, हर अधूरी भर्ती - सिर्फ़ सिस्टम की विफलता नहीं, लाखों सपनों पर प्रहार है।
मैं जानता हूँ आप थक चुके हैं। ग़ुस्से में हैं। पर याद रखिए - जब सरकार सुनने को तैयार न हो, तब आवाज़ ऊँची करनी पड़ती है।
इसलिए मैं आप सबको बुला रहा हूँ - 17 जून, कोटा। छात्रों की गूंज।
आइए, मिलकर एक ऐसी हुंकार बनें जिसे अनसुना करना नामुमकिन हो। कोटा से शुरुआत - फिर देश के हर कोने तक।
ये आपके भविष्य की लड़ाई है। और मैं आपके साथ हूँ।
🗓️ 17 जून | छात्रों की गूंज | कोटा महारैली
#ChhatronKiGoonj
ये बिहार का पटना स्टेशन है 👇
जहां छात्रों का हुजूम किसी तरह ट्रेन पकड़ना चाहता है, ताकि एग्जाम सेंटर तक पहुंचा जाए।
वोट लेने के समय BJP सरकार युवाओं को ट्रेन से घर भेजती है, लेकिन काम निकलने के बाद युवाओं को उनके हाल पर छोड़ दिया जाता है।
यही BJP का चाल, चरित्र, चेहरा है।
Within a month of assuming office, the UDF has rolled out its 1st Indira Guarantee!
The widely awaited Priyadarshini Free Bus Scheme is now in force!
Women across Kerala will be able to travel for free on KSRTC buses, and save thousands of rupees every month!
We believe in pro-people welfare and always deliver on our promises - be it in Karnataka, Telangana or now in Kerala!
ٹریڈ یونینوں کی جدوجہد کے نتیجے میں مزدوروں کو بہتر اجرت، 8 گھنٹے کام، سماجی تحفظ، زچگی فوائد اور دیگر حقوق حاصل ہوئے۔ مزدور تحریک کی تاریخی خدمات آج بھی مزدور حقوق کے تحفظ کی اہم بنیاد سمجھی جاتی ہیں
#YogiAdityanath
https://t.co/JCxzqF4ANJ
ये बिहार का पटना स्टेशन है 👇
जहां छात्रों का हुजूम किसी तरह ट्रेन पकड़ना चाहता है, ताकि एग्जाम सेंटर तक पहुंचा जाए।
वोट लेने के समय BJP सरकार युवाओं को ट्रेन से घर भेजती है, लेकिन काम निकलने के बाद युवाओं को उनके हाल पर छोड़ दिया जाता है।
यही BJP का चाल, चरित्र, चेहरा है।
फतेहपुर पुलिस क्या ये अराजक तत्व भारत के संविधान को नहीं मानते ?
क्या इन पर कोई क़ानून लागू नहीं होता ??
क्या पुलिस का कोई डर इन लोगों को नहीं है ??
क्या इस तरह के वायरल वीडियो आप तक नहीं पँहुचते हैं ??
क्या कहीं भी सार्वजनिक स्थल पर इस तरह का अपराध एक सामान्य घटना है ??
@fatehpurpolice@Uppolice https://t.co/G2xPdEBgqG
Even as the mortal remains of Indian seafarers killed in Oman by American action arrive in India, I join the nation in mourning the loss of the three Indian seafarers.
Three days have passed since this tragic incident. Yet, there has been no public statement at all or even a condolence message from PM @narendramodi.
The nation was waiting for it, Modi ji.
You spoke about “देश नहीं झुकने दूँगा” but no proof is now required that you have belittled India’s global standing and sovereignty.
Our National interests is being surrendered on a daily basis. And you have the audacity to sugarcoat it with the “Vishwaguru” narrative.
India used to be a “Vishwaguru” when it maintained its strategic autonomy and followed the policy of Non-Alignment. The world listened to us when all previous governments followed this consistent policy of not surrendering.
Indian lives cannot be treated as an afterthought in matters of foreign policy. At a time when serious questions remain unanswered, silence is not a substitute for accountability. The nation deserves clarity, and the families deserve justice.
अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की हत्या के बाद मोदी सरकार का मौन शर्मनाक है। अमेरिका इन हत्याओं पर अफसोस जताने और माफी मांगने की जगह धमकी और आदेश की भाषा इस्तेमाल कर रहा है।
अमेरिका को सख्ती से यह बताने की जरूरत है कि भारत एक संप्रभु और स्वतंत्र देश है जो अपनी संप्रभुता की रक्षा करना जानता है। लेकिन हमारे Compromised प्रधानमंत्री न देशवासियों की सुरक्षा कर पा रहे हैं, न ही देश की संप्रभुता की।
कांग्रेस और सपा दोनों 403 सीटों पर तैयारी कर रहे हैं तो हमारी डबल तैयारी हो रही है।
हम दोनों टोटल 806 विधानसभा सीटों की तैयारी कर रहे।
इसीलिए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस मिलकर भारतीय जनता पार्टी को अबकी हरा देंगी
- अखिलेश यादव
विदेशों में फंसे भारतीयों की सुरक्षा के दावे खोखले; दो दिन से जहाज पर डिकंपोज हो रही देश के बेटे की डेड बॉडी, मूकदर्शक बनी भाजपा सरकार!
"शिप पर अफसर की डेड बॉडी पड़ी है, दो दिन हो चुके हैं, बॉडी अब धीरे-धीरे डिकंपोज हो रही है लेकिन सरकार से कोई पॉजिटिव रिस्पांस नहीं मिला..." ईरान-अमेरिकी संघर्ष के बीच समुद्र में फंसे भारतीय नाविकों की यह चीख देश को झकझोर देने वाली है। 'MT Celestial' जहाज के कैप्टन का यह वीडियो भाजपा सरकार के उन बड़े-बड़े दावों की पोल खोल रहा है जिसमें वे विदेशों में भारतीयों को पलक झपकते ही मदद पहुंचाने का ढिंढोरा पीटते हैं।
35 साल के सेकंड ऑफिसर तमिलनाडु के निशांत उर्थनाथन जी का 11 जून को बीमारी के कारण निधन हो गया, लेकिन दो दिन से उनकी पार्थिव शरीर जहाज पर ही खराब हो रहा है। रेफ्रिजरेशन की व्यवस्था न होने के कारण चालक दल ठंडे पानी की बोतलों से शव को बचाने की बेबस कोशिश कर रहा है। भाजपा सरकार की यह कैसी 'विश्वगुरु' वाली विदेश नीति है, जहाँ समुद्र में फंसे देश के बेटों की जान की कोई कीमत नहीं है और उनके शव को सम्मानजनक विदाई तक नसीब नहीं हो पा रही है?
जल, जंगल और ज़मीन हमारे इतिहास, संस्कृति और लाखों लोगों के जीवन का आधार हैं।
प्राकृतिक संसाधनों और आदिवासी विरासत की रक्षा करना हमारी सामूहिक ज़िम्मेदारी है।
कांग्रेस पार्टी जनता के साथ मिलकर पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय अधिकारों और छत्तीसगढ़ की अस्मिता की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
हम अपनी प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होने देंगे
ओमान में फंसे जहाज पर 11 जून को भारतीय सेकंड ऑफिसर निशांत उर्थनाथन की मौत हो गई।
पिछले 2-3 दिनों से उनका पार्थिव शरीर हिंदुस्तान आने की राह देख रहा है, लेकिन मोदी सरकार की तरफ से कोई मदद नहीं की जा रही।
उनका शव सड़ रहा है, जिसे बचाने के लिए उनके साथी पानी की ठंडी बोतलों का इस्तेमाल करने को मजबूर हैं।
नरेंद्र मोदी एक कमजोर प्रधानमंत्री हैं, जिनकी नाकामी का खामियाजा भारत के नागरिक मरने के बाद भी चुका रहे हैं।
हमारी मांग है कि मोदी सरकार जल्द से जल्द निशांत जी के पार्थिव शरीर को सम्मान के साथ भारत वापस लाए।