बिलासपुर से लगभग 25 किमी की दूरी पर स्थित है, सिद्ध शक्तिपीठ श्री महामाया देवी मंदिर। जहां देवी के तीन स्वरूपों महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती की पूजा की जाती है। तीनों रूपों में समाहित मां के इस स्वरूप को ही मां महामाया देवी का नाम दिया गया है।
#gochhattisgarh#navratri
“चिरई चुगनी” छत्तीसगढ़ में परंपरा है कि दीपावली त्यौहार की शुरुआत के साथ ही चिरई चुगनी प्रायः हर घर में लगाई जाती है। ये धान की बाली से बनी झूमर होती है जिससे चिड़ियाँ अपना दाना चुगतीं है।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर ज़िले के रतनपुर में स्थित महामाया मंदिर ऐतिहासिक एवं धार्मिक दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण है| ऐतिहासिक, धार्मिक तथा पर्यटन की दृष्टि से ये मंदिर प्रदेश के सर्वाधिक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में से एक हैl
#gochhattisgarh#VisitCG#ratanpur#temples