गिर वन राष्ट्रीय उद्यान गुजरात में मियां बीवी का झगड़ा देखने को मिला ,लेकिन कोई इन दोनों के झगड़े में बीच में नहीं आया क्योंकि जोखिम अधिक था...!!
हैं कोई वीर योद्धा जो ,इन मिया –बीबी में सुलह या राजीनामा करवा सके....?
जिस पुलिस को अपराध, बलात्कार, दलित-आदिवासी उत्पीड़न और महिलाओं की सुरक्षा पर सख्ती से काम करना चाहिए, उसे पाखंडी बाबाओं की सुरक्षा और सेवा में लगा रखा है !
मैं गरीब हु...
इसलिए जोर दिखा रहे है
वो गरीब है पलट कर जवाब दे नहीं पाएगा,अगर आप भी ऐसे है तो अपना व्यवहार बदल लीजिए....
गरीबों पर अपना गुस्सा दिखाना छोड़ दीजिए
क्योंकि गुस्सा तो सभी को आता है...
कभी-कभी चालाकी इतनी भारी पड़ जाती है कि
शिकार कौन है…
और शिकारी कौन ???
खुद समझ नहीं आता.... 😶
कभी कभी शिकारी खुद के जाल में ही फंस जाता है........
सोचिए अगर आप इनकी जगह होते…
तो क्या करते?
जो दूसरों को नंगा कहे, वो पहले अपना सच देखे!
बोलने में शेर, काम में ढेर!
मंच पर तूफ़ान, ज़मीन पर सुनसान!
शब्दों की राजनीति बंद करो, सच से सामना शुरू करो!
आईना झूठ नहीं बोलता!
जनता सब देख रही है — हिसाब होगा!
नारे ऊँचे, इरादे नीचे — अब नहीं चलेगा!
दोगलापन ज्यादा दिन टिकता नहीं!
बयान से नहीं,
व्यवहार से पहचान होती है!
अबकी बार सवालों की मार!
गलगोटिया यूनिवर्सिटी तो एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी है न? यहाँ संवैधानिक आरक्षण भी लागू नहीं होता। सब ‘मेरिट’ से ही आए होंगे। फिर ऐसा कैसे हो गया? या केवल दलितों और पिछड़ों का हक़ मारने को ही ‘मेरिट’ कहा जाता है?
नेहा सिंह ने रोबो-डॉग को गलगोटियास यूनिवर्सिटी का नया इनोवेशन बताया।
जब लोगों ने सच सामने ला दिया, तो अब वह कह रही हैं कि लोगों ने गलत समझा और वह AI फैकल्टी नहीं हैं।
ये “मुझे दोष मत दो, जनता को दोष दो” का एक क्लासिक उदाहरण है।
आज तो किम जोंग भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के Rajya Sabha में प्रवेश को देखकर ईर्ष्या कर रहा होगा ! 😂
भाजपा सांसद उनके लिए लाइन में खड़े होकर मोदी मोदी मोदी मोदी मोदी मोदी के नारे लगा रहे थे !
संसद में आज फिर से विक्टिम कार्ड खेलना शुरू कर दिया गया !!
राज्य सभा में अपना भाषण मोदी जी ने Nehru युग की कांग्रेस को दोषी ठहराते हुए शुरू किया ! अब
या तो 1947 की बात की जाएगी या 2047 की ! 🤔
Russian Oil पर कोई जवाब नहीं दिया और न ही भारत अमेरिका Trade Deal पर कोई सफ़ाई दी !
AQI , प्रदूषित पानी , शेयर बाजार के गिरने का कोई ज़िक्र तक नहीं हुआ ,
लेकिन मोदी जी के भाषण में ज़िक्र हुआ राहुल गांधी ने रवनीत बिट्टू को गद्दार कहा, जो सिख समुदाय का अपमान है।
जबकि मज़ेदार बात यह रही कि मोदी जी ने 2013 में डॉ. मनमोहन सिंह को मौनमोहन जैसे शब्दों से ख़ुद ट्रोल किया था !
मोदी जी की स्पीच में ज़िक्र हुआ कि मैं विपक्ष से रोज़ 2 किलो गालियां खाता हूँ , यही मेरी अच्छी सेहत का राज़ है !!
Mallikarjun Kharge ji का कहना काफ़ी हद तक सही है कि मोदी सरकार ने ठान लिया है कि
दोनों Opposition Leaders Rahul Gandhi और Kharge ji को बोलने नहीं देना है , न Loksabha में और न Rajya Sabha में।
लेकिन सच्चाई तो इमरान प्रतापगढ़ी के शब्दों में बोल रही है कि नेहरू का नाम आइंस्टीन के साथ लिया जाता था और मोदी जी का नाम Epstein के साथ लिया जाता है !
एक तरफ 'अहिंसा' का मार्ग था और दूसरी तरफ 'हिंसा' का प्रहार। गोडसे की गोली ने गांधी के शरीर को तो खत्म कर दिया, लेकिन क्या उनके विचारों को मिटा पाया? इतिहास के इस सबसे विवादित अध्याय पर आपकी क्या राय है? 👇"
नेहरू का नाम आइंस्टीन के साथ इतिहास में दर्ज है,और आज आपका नाम एप्सटीन के साथ जोड़ा जा रहा है।
बस यही फर्क है
विचार बनाम विकृति का।
3 मिनट में इमरान प्रतापगढ़ी ने
राहुल गांधी समेत पूरे विपक्ष का नहीं,
बल्कि लोकतंत्र का अपमान करने वालों को करारा जवाब दे दिया।
यह भाषण नहीं था,
यह सच का प्रहार था।
यह बदला नहीं था,
यह इतिहास का हिसाब था।
देश के केंद्रीय विश्वविद्यालयों से लेकर IIT, IIM जैसे सर्वोच्च अकादमिक संस्थानों में आज भी SC, ST, OBC के आधे से ज़्यादा पद ख़ाली हैं।
हम किसी के ख़िलाफ़ नहीं हैं—हम सिर्फ़ अपने संवैधानिक हक़, अधिकार और हिस्सेदारी की माँग करते हैं।
Ex-Army Chief Naravane’s book is published & available outside India. But in India, Modi Govt is not allowing to get it published.
— LoP Rahul Gandhi
This book will soon be a Bestseller 🔥
देश के 8 IITs और 7 IIMs में 80 प्रतिशत से अधिक फैकल्टी सामान्य वर्ग से है, फिर भी इसे जातिवाद नहीं बल्कि ‘मेरिट’ कहा जाता है।
अब सवाल यह है कि यह जातिवादी व्यवस्था अपनी सच्चाई कब स्वीकार करेगी? और दलितों-पिछड़ों व आदिवासियों के हक़ पर कब्ज़ा कब तक जारी रहेगा?