भारत को बड़ा दिल दिखाने की ग़ज़ब बीमारी है।
अपने कलेजे पर चोट पहुंचा कर दूसरों को ख़ुश कर बड़ा दिल दिखाने का जज़्बा।
पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौते में ऐसा ही हुआ था।
और बांग्लादेश के साथ फ़रक्का जल संधि में भी।
1996 में तत्कालीन विदेश मंत्री इंद्र कुमार गुजराल ने 'गुजराल डॉक्ट्रिन' के तहत 'बड़ा दिल' दिखाते हुए बांग्लादेश के साथ फरक्का जल संधि की।
इसमें पड़ोसी देशों को एकतरफा रियायत दी गई।
आज जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने दैनिक जागरण में लेख में कहा कि इसमें बिहार के हितों की बलि चढ़ा दी गई।
उस समय बिहार में लालू यादव के नेतृत्व वाली सरकार भी इस पर मौन रही।
संधि के अनुसार फरक्का बैराज पर शुष्क मौसम में निर्धारित जलप्रवाह बनाए रखने का 73% बोझ अकेले बिहार को उठाना पड़ता है।
जबकि गंगा का 75% जलग्रहण क्षेत्र अपस्ट्रीम राज्यों में है।
1975 में बैराज चालू होने के बाद गाद जमा होने से नदी उथली हो गई है।
जिससे बिहार को मानसून में भीषण बाढ़ और शुष्क मौसम में पानी की भारी किल्लत झेलनी पड़ती है।
गाद और बहाव रुकने से गांगेय डॉल्फिन सहित स्थानीय जलीय जीवों पर संकट मंडरा रहा है।
भूजल स्तर गिरने और आर्सेनिक-फ्लोराइड के बढ़ते स्तर से पेयजल एवं कृषि पर गहरा असर पड़ा है।
दिसंबर 2026 में संधि की 30 वर्ष की अवधि समाप्त हो रही है।
बिहार सरकार ने 2050 तक की आवश्यकताओं का वैज्ञानिक आकलन कर 2,000 क्यूसेक अतिरिक्त जल की मांग की थी, लेकिन केवल 900 क्यूसेक का प्रावधान किया गया।
संजय झा के अनुसार, बिहार के विकास और जल-सुरक्षा के लिए 2050 तक की मांगों का वैज्ञानिक आकलन कर एक नई न्यायसंगत व्यवस्था लागू की जानी चाहिए।
@SanjayJhaBihar@JagranNews
Thirty years of data show the serious ecological and economic costs of the 1996 Indo-Bangladesh Ganga Water Treaty, particularly for Bihar.
With the treaty expiring on December 12, 2026, the JD(U) position is clear: it must not be renewed in its present form. India should allow it to lapse and negotiate afresh based on the scientifically assessed water needs of Bihar and other basin states up to 2050, with Bihar firmly at the decision-making table.
Read my article in today’s @timesofindia 👇
#FarakkaWaterTreaty #WaterTreaty #Bihar
@CRPaatil@DoWRRDGR_MoJS@PMOIndia@MEAIndia
खुद को मजबूत बनाना स्वार्थ नहीं, बल्कि निस्वार्थ सेवा की ओर पहला कदम है।
हवाई जहाज में भी आपात स्थिति में पहले अपना ऑक्सीजन मास्क लगाने की सलाह दी जाती है, फिर दूसरों की मदद करने की।
बिहार को हो रहे नुकसान पर @SanjayJhaBihar का लेख।
@RajGovOfficial को अब यह समझना होगा कि बिना Exam राजस्थान में नर्सिंग युवाओं के हालात कितने गंभीर हो चुके हैं।
@BhajanlalBjp जी अगर प्रदेश में नर्सिंग के युवाओं को Exam और Transparency से रोजगार, नियमित NURSING OFFICER भर्ती प्रक्रिया और भविष्य की चिंता नहीं होती, तो राजस्थान के युवा इतनी दूर दिल्ली के जंतर-मंतर तक अपनी आवाज़ उठाने क्यों आते ?
यह सिर्फ 80/20 का मुद्दा नहीं है—यह राजस्थान समेत पूरे देश के नर्सिंग युवाओं के भविष्य और समान अवसर का सवाल है।
राजस्थान में नर्सिंग युवाओं के बीच बढ़ती बेचैनी और @RPSC1 प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे हजारों Future Nursing officer एव पैरामेडिकल, फार्मासिस्ट, एवं ANM भर्ती की तैयारी करने वाले युवाओं की स्थिति देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है @GajendraKhimsar समस्या कितनी बड़ी है।
सरकार को युवाओं की आवाज़ सड़क पर आने के बाद नहीं, श्रीमान @svoruganti1466 जी उससे पहले सुननी चाहिए।
Backdoor Entry और अपारदर्शी नियुक्ति प्रक्रियाओं पर पूरी तरह रोक लगे।
राज्य मे अब ठेकेदारों/बिचौलियों के माध्यम से सरकारी नियमित नर्सिंग अदिकारी 4200 पे ग्रेड पदों तक बिना exam से पहुंच की किसी भी संभावना को समाप्त किया जाए। #नर्सिंग_न्याय_सत्याग्रह
@RajCMO@gssjodhpur
#नर्सिंग_बचाओ_महा_आंदोलन
#NursingStudents #JantarMantar
AIIMS संस्थानों में #NursingOfficer भर्ती में 80% पद महिलाओं और मात्र 20% पद पुरुषों के लिए निर्धारित करना लैंगिक समानता के मूल सिद्धांत पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। “Female comfort care” जैसे तर्क देकर किसी पूरे प्रोफेशन में पुरुष नर्सिंग प्रोफेशनल्स के अवसर सीमित करना स्वीकार्य नहीं हो सकता।
जंतर-मंतर पर आयोजित विरोध-प्रदर्शन में AIIMS Nurses Union के Vice-President @Rajmal_abhinna जी ने और Female Nursing officer ने भी @news24tvchannel मीडिया के सामने इस नीति पर महत्वपूर्ण सवाल उठाए—यदि मरीजों की देखभाल के आधार पर जेंडर तय किया जाएगा, तो फिर महिला मरीजों के इलाज के लिए Male Gynecologist पर भी सवाल उठना चाहिए?
नर्सिंग किसी जेंडर की नहीं, एक प्रोफेशनल स्किल और सेवा का पेशा है। Joint Working Committee इस भेदभावपूर्ण 80:20 व्यवस्था के खिलाफ लगातार आवाज़ उठाती रहेगी। आज #JantarMantar के धरने में शामिल सभी Nurses साथियों का हृदय से धन्यवाद। आपकी एकजुटता ही हमारी ताकत है। हमारी इस डिमांड को केंद्रीय चिकित्सा मंत्री श्री @JPNadda
जी जरूर सुनेगे और हम मिलकर 80:20 जैसे काले कानून को जरूर हटाएंगे। ✊
@hemantkumarnews@aajtak@PMOIndia@RajCMO@PIB_India #नर्सिंग_बचाओ_महा_आंदोलन #NursingOfficer
#save_nursing_profession
AIIMS संस्थानों में #NursingOfficer भर्ती में 80% पद महिलाओं और मात्र 20% पद पुरुषों के लिए निर्धारित करना लैंगिक समानता के मूल सिद्धांत पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। “Female comfort care” जैसे तर्क देकर किसी पूरे प्रोफेशन में पुरुष नर्सिंग प्रोफेशनल्स के अवसर सीमित करना स्वीकार्य नहीं हो सकता।
जंतर-मंतर पर आयोजित विरोध-प्रदर्शन में AIIMS Nurses Union के Vice-President @Rajmal_abhinna जी ने और Female Nursing officer ने भी @news24tvchannel मीडिया के सामने इस नीति पर महत्वपूर्ण सवाल उठाए—यदि मरीजों की देखभाल के आधार पर जेंडर तय किया जाएगा, तो फिर महिला मरीजों के इलाज के लिए Male Gynecologist पर भी सवाल उठना चाहिए?
नर्सिंग किसी जेंडर की नहीं, एक प्रोफेशनल स्किल और सेवा का पेशा है। Joint Working Committee इस भेदभावपूर्ण 80:20 व्यवस्था के खिलाफ लगातार आवाज़ उठाती रहेगी। आज #JantarMantar के धरने में शामिल सभी Nurses साथियों का हृदय से धन्यवाद। आपकी एकजुटता ही हमारी ताकत है। हमारी इस डिमांड को केंद्रीय चिकित्सा मंत्री श्री @JPNadda
जी जरूर सुनेगे और हम मिलकर 80:20 जैसे काले कानून को जरूर हटाएंगे। ✊
@hemantkumarnews@aajtak@PMOIndia@RajCMO@PIB_India #नर्सिंग_बचाओ_महा_आंदोलन #NursingOfficer
#save_nursing_profession
फरक्का जल संधि 2026 में ख़त्म हो रही है। अब इसे रेन्युअल नहीं होना चाहिए। 1996 में बिहार के साथ बहुत बड़ा छल हुआ था,इस संधि से।अब और नहीं होना चाहिए। यही संधि बिहार में बाढ़ की मुख्य वजह है। इसके वजह से बिहार को कम पानी मिल रहा है। दक्षिण बिहार में भू जल स्तर का गिरावट की वजह है। इसके वजह से बिहार में विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। @SanjayJhaBihar जी को आभार अपने बिहार के लिए आवाज उठाने के लिए। अगर केंद्र सरकार इस संधि को बरक़रार रखती है तो एक बड़ा आंदोलन होगा।
हमारी आवाज़ कब सुनी जाएगी?
आज #जंतरमंतर पर नर्सिंग बचाओ महा आंदोलन के दौरान एक छात्र ने जो सवाल उठाया, वह सिर्फ एक छात्र का सवाल नहीं है—यह देश के लाखों नर्सिंग विद्यार्थियों और युवाओं की बेचैनी है।
उसने पूछा—“क्या सरकार हमारी बात तब सुनेगी, जब किसी छात्र की जान चली जाएगी? क्या अपनी जायज़ मांगों और अधिकारों के लिए हमें इतना बड़ा कदम उठाना पड़ेगा जैसे #Neet के स्टूडेंट ने मजबूरी मे करना पड़ा,
यह सवाल व्यवस्था @MoHFW_INDIA और सरकार से है। हम किसी भी छात्र को अपनी जान जोखिम में डालने की सलाह नहीं देते। हर जीवन अनमोल है। लेकिन सरकार की जिम्मेदारी है कि युवाओं की आवाज़ को किसी अनहोनी का इंतज़ार किए बिना सुना जाए और उनकी जायज़ समस्याओं का संवाद, संवैधानिक प्रक्रिया और समयबद्ध समाधान के माध्यम से समाधान किया जाए।
आज की यह आवाज़ दबनी नहीं चाहिए।
नर्सिंग की आवाज़ सुनिए—क्योंकि यह सिर्फ नौकरी का सवाल नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के भविष्य और पूरे स्वास्थ्य तंत्र के सम्मान का सवाल है।
@PMOIndia@JPNadda@PIB_India
#नर्सिंग_बचाओ_महा_आंदोलन
#NursingStudents
#save_nursing_profession
@official_aimsa respectfully requests and strongly urges @NBEMS_Official to consider appropriate compensation marks for the recently conducted Foreign Medical Graduate Examination (FMGE), keeping in mind the concerns raised regarding the examination and the difficulties faced by the affected candidates.
A fair decision on compensation marks would help maintain the faith of thousands of FMGs in the examination system, uphold transparency and fairness, and protect the academic and professional careers of future doctors of Bharat.
We are confident that the other concerns raised by the Association will also be addressed appropriately through the due process.
However, at this crucial juncture, we sincerely request NBEMS to provide appropriate compensation marks to the affected students and ensure a fair, transparent and positive resolution.
We also wish Hon’ble Shri J. P. Nadda Ji @JPNadda a speedy recovery and good health. We sincerely hope for his kind intervention in the concerns raised by the Association before NBEMS and a positive resolution in the interest of thousands of FMGs.
We remain hopeful for a positive decision within the given time frame, in the interest of thousands of Foreign Medical Graduates and the future of healthcare in Bharat.
@PMOIndia@MoHFW_INDIA@JPNadda Ji @mpprataprao Ji @AnupriyaSPatel Ji @iChiragPaswan Ji @aimsa_fmsw@official_afa_@ANI@PTI_News@drjaswantvoice@apurva_999@drugsdose@DrJsinghRajawat@drsfaizanahmad
Aiims मे नर्सिंग ऑफिसर भर्ती में 80/20 के खिलाफ युवा लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं..
दिल्ली में आज प्रोटेस्ट चल रहा है केंद्रीय चिकित्सा मंत्री @JPNadda जी को युवाओं से मुलाकात करके मुद्दा हल करना चाहिए।
@BJP4India सरकार युवाओं के हित में फैसला करे।
@aajtak@neha_aisa
Train no 03252. SMVT banglore to Danapur special train 18 hour delay chal rha hai Kya @RailMinIndia aap bata sakte hai Danapur kitne baje tak pahuch sakte hai ghar se bahut call aarha
हैरानी नहींहोती। पहले भाषा ख़राब होती है फिर काम, इस केस में काम ख़राब हुआ फिर भाषा ख़राब हुई। यह बेपरवाही इसीलिए है कि इनके पास ज्ञानेश का प्रिंटर है। सब कुछ छपा छपाया आ जाता है, वरना जनता का लिहाज़ हर सरकार करती है।
पटना में भी छात्र सड़क पर हैं.... देश में सबकी रीढ़ झुकी नहीं है... कम से कम इनकी तो नहीं जो अंजाम जानते हुए भी अपने और आने वाले भविष्य के छात्रों लड़ रहे हैं,लाठी खा रहे हैं....
#Bihar#NEETPaperLeak#संसद_मार्च#patna
मुद्दा कांग्रेस, सपा, सीजेपी का नहीं है,छात्रों और युवाओं का है... हम मजबूरी में प्रधानमंत्री के आवास पर गए...आप सुन लेते तो नहीं जाते....
- अखिलेश यादव