मोदी जी आज 73 वर्ष के हो गए...वर्तमान में वो विश्व के सबसे लोकप्रिय राजनेता हैं...हम सब भारतीय उन्हें अलग अलग रोल में पूरी विश्वसनीयता के साथ अपने दायित्व निर्वहन के लिए जानते हैं..
फिर वो चाहे एक स्वंयसेवक के तौर पर निभाया गया दायित्व हो, या पार्टी के कार्यकर्त्ता के रूप में जिम्मेदारी निभाना हो या एक मुख्यमंत्री के तौर पर गुजरात मॉडल को एक गवर्नेंस मॉडल के रूप में स्थापित कर देना हो या फिर एक प्रधानमंत्री के रूप में भारत की छवि को पूरे विश्व में प्रतिस्थापित करना हो..
अपने जीवन के हर रोल में मोदी जी ने अपना शत प्रतिशत दिया है शायद यही "मन समर्पित, तन समर्पित, और यह जीवन समर्पित चाहता हूँ देश की धरती तुझे कुछ और भी दूं" शब्दों को असल में जीने जैसा है।
मोदी के मोदी बनने के पीछे अगर विश्लेषण करने जाएंगे तो बहुत से कारण आप पाएंगे पर एक गुण जिसने मोदी को हर भारतीय की जिंदगी का हिस्सा बना दिया है वो है उनकी सादगी।
बीते वर्षों में न जाने कितनी बार हमने देखा कि विदेशी दौरों की टाइमिंग नवरात्र के साथ पड़ी खाली नीम्बू पानी के सहारे 5 5 दिन एक साथ अलग अलग देशों में मीटिंग्स निबटाना..जन संवाद करना.. फ्लाइट के टाइम को ब्रीफिंग्स के लिए उपयोग करना ये सब एक ही दिन में जीवन का हिस्सा नहीं बन जाता ये एक डिसिप्लिन है जो उम्र भर की तपस्या के बाद अचीव होता है और यही बात हम सब भारतीय बहुत अच्छे से समझते है।
गुजरात के CM के दिनों का मोदी जी का एक किस्सा है कि एक बार वहाँ CM हाउस पर सिक्योरिटी रिव्यू मीटिंग थी ..सिक्योरिटी रिव्यू करने वाली टीम को शाम 6 बजे CM हाउस पहुंचना था और वो टीम एक दम टाइम से वहाँ पहुँच भी गयी.. मोदी जी उस टीम को रिसीव करने वहां व्यक्तिगत तौर पर गेट पर पहुंचे और उन सबको हॉल में बिठा कर उनसे 2 मिनट का समय मांग कर घर के अंदर चले गए..
वो टीम वहाँ 10 मिनट बैठी रही उन्हें लगा कि हो सकता है CM किसी अन्य कॉल पर चले गए हों ..10 मिनट बाद वो क्या देखते हैं कि मोदी जी एक ट्रे में सबके लिए चाय के कप स्वंय ला रहे हैं.. ये उस दौर में बाकी लोगों के लिए अचम्भे जैसा था कि एक राज्य का मुख्यमंत्री खुद उनके लिए सर्विंग कर रहा है... चाय के कप रखते हुए मोदी जी ने देरी के लिए उनसे माफ़ी मांगते हुए उन्हें बताया कि आज उनके रसोई में काम करने वाले स्टाफ के बच्चे का जन्मदिन है तो उसको हाफ डे की छुट्टी दे दी है इसलिए खुद से चाय बनाने में उन्हें 10 मिनट का समय लग गया और फिर उसके बाद सिक्योरिटी रिव्यू शुरू हुआ
जिस दौर में देश लाखों करोड़ों के घोटाले देख रहा था नेताओं की अर्रोगंस टीवी पर देख रहा था उस दौर में जो मशीनरी पास से मोदी का उदय देख रही थी उस मशीनरी का अपने नेता पर विश्वास भी वो कारण बना जिसके कारण वो सब कुछ संभव हो पाया जिसकी झलक अब हम टीम मोदी के ग्लोबल स्तर पर कॉन्फिडेंस के रूप में वैश्विक मंचों पर देखते है।
जन्मदिन की शुभकामनायें @narendramodi जी ऐसे ही जमे रहिये ..🙏
जब चन्द्रगुप्त ने उत्तरापथ का निर्माण किया था तो उसको ये मालूम था कि उसकी ये सड़क जब तक सृष्टि चलेगी, तब तक रहेगी।
जब सातवाहन राजाओं ने अजंता एलोरा बनाई थी तो उनको मालूम था कि ये गुफ़ाएँ चिरकाल तक रहेंगी
जब राजा राजा चोला ने मंदिर बनाये तो उसको मालूम था कि वो मंदिर १०-१५ साल नहीं लेकिन हज़ारों सालों के लिए बना रहा था
जब अहिल्या बाई देश के कोने कोने में मंदिरों का जीणोद्वार करवा रही थीं तो उनको मालूम था कि इन मंदिरों का हज़ारों सालों से चली आ रही हिंदू सभ्यता की पताका को आगे भी फैराये रखना है
अब अगर @narendramodi जी १००० साल की बात कर रहे हैं तो ऊपर उल्लिखित महान आत्माओं की तरह ही कार्य कर रहे है
ऐसा नहीं है कि चंद्रगुप्त, सातवाहन, राजा राजा चोला, अहिल्या बाई के कालखण्ड में कोई @ajitanjum नहीं रहा होगा - ज़रूर रहा होगा क्योंकि हर दौर मैं दो मनुष्यों की चूल के आप जैसे नतीजे पैदा होते आये हैं - फ़र्क़ ये है कि उन सभी अजीत अंजुम के नाम मिट्टी में मिल गए लेकिन जिनके कालखंड के अजीत अंजुम वो थे, उनके सब के नाम कालजयी हो गए
तुम भी मिट जाओगे, अजीत अंजुम, लेकिन मोदी का नाम तो इतिहास में ऊपर उल्लिखित नामों की पंक्ति में दर्ज हो चुका है!
They coined term 'Godi Media' in a disengenious attempt to discredit those who they couldn't counter in the court of ideas.
But this ecosystem sits in the "Godi" of India's arch foe China!
Talk of India's slide into hate and anarchy paid for by China!
Snakes in the Ganga?
During the Gyanvapi survey, a 45.72 cm long metal trishul was found hidden in the part of the mosque.
Prima facie, the estimated time of the existence of this trishul is being told in the third century, which means about 300 years before the existence of Islam.
Har Har Mahadev!
PLEASE NOTE:
What media & #UrbanNaxals call minority is actually the Second Largest Majority.
At the core of all the H/M riots is the ambition of the 2nd largest majority to become the Largest.
It was this ambition which created Pakistan.
ब्राह्मण समाज की क्या दुश्मनी है फलाने से जो बीच में पड़े..
जाटों की क्या दुश्मनी है..
राजपूतों की क्या दुश्मनी है..
गुज्जरों की क्या दुश्मनी है..
सरदारों की क्या दुश्मनी है..
दलितों की क्या दुश्मनी है..
यादवों की क्या दुश्मनी है..
भूमिहारों की क्या दुश्मनी है..
कुर्मियों की क्या दुश्मनी है..
जब किसी की किसी से कोई दुश्मनी नहीं है
और इतना ही प्यार का माहौल है..
तो इस देश के तीन टुकड़े करके सीमाओं पर फौजें क्या कर रही हैं..
10 साल पहले तक लगातार हर महीने बम ब्लास्ट क्यों हो रहे थे..
क्यों कसाब मुंबई में 170 लोगों को खुलेआम भून रहा था..
क्यों अक्षरधाम पर हमले हो रहे थे..
क्यों बनारस में बम मिल रहे थे..
क्यों सहारनपुर मुजफ्फरनगर में बहन बेटियां सरेराह दबोची जा रहीं थीं..
क्यों कैराना से पलायन हो गया..
क्यों मेवात में पूजा पाठ गुनाह हो गया..
क्यों गोधरा में 59 महिला बच्चे जला दिए गए..
क्यों मुजफ्फरनगर में पंचायत से लौटते बुजुर्ग लतिया दिए गए..
किसने कन्हैया लाल का सर कैमरे पर धड़ से अलग किया..
किसने दिल्ली दंगों में जबरन उत्पात किया..
डायरेक्ट एक्शन डे पर किसने लाशों के ढेर लगाए..
किसने हर बार इस देश में पानीपत सजाए..
किस जाति का पुरखा इनसे लड़ते न ढेर हुआ..
कायरता को इतिहास बोध की कमी से रिप्लेस करना आसान तो है..
पर होना वही है जो होता आया है..
कितनी भाईचारे की पीपनी बजा लो..
जिस दिन मौका मिलेगा उनको उस दिन भाई वो और चारे तुम ही बनोगे..
इतिहास में भी यही हुआ है..भविष्य भी यही होगा..
कुछ नेताओं से भी ज़्यादा ख़तरनाक हैं वो पत्रकार (पिद्दी मीडिया) जो बकायदा स्लीपर सेल की तरह काम करते हैं। देश में कहीं कोई एक अकेली घटना में कोई एक चुन्नू सा व्यक्ति भी जय श्री राम बोलकर कोई क्राइम कर दे तो पूरे देश को हिंदुत्व से खतरा बता देते हैं लेकिन जैसे ही एक पूरी भीड़ अल्लाह हू अकबर के नारे लगाते हुए या सर तन से जुदा के नारे लगाते हुए पत्थर, पेट्रोल बम तक चला दे तो सरकार, पुलिस, मीडिया, मंगल ग्रह, एलियन वगैरह वगैरह की ज़िम्मेदारी तय करने लगते हैं लेकिन उस दंगाई भीड़ को मासूम बताकर बचाने में जुट जाते हैं। गुजरात दंगों से लेकर दिल्ली दंगों और नूंह हिंसा तक देख लीजिए, सेम पैटर्न है। इनकी मोडस ऑपरेंडी का हिस्सा है एक्शन को छुपाना और फिर उस एक्शन पर रिएक्शन हो जाए तो उसे हाइलाइट करके हिंदुओं को कलप्रिट बताना। हेडलाइन्स में अपराधी को राम भक्त गोपाल लिखना लेकिन आरोपी दूसरे धर्म का हो तो उसे IIT ग्रेजुएट या गरीब टीचर का बेटा बताना। इनका हुनर और इकोसिस्टम ऐसा है कि ये आतंकी तक को मासूम और मासूम को आतंकी बता सकते हैं। हज़ारों उदाहरण हैं। लेकिन वक्त हैं कि इनलोगों को पहचानिए। जो इनके जाल में फंसे हैं उन्हें भी इनका असली चेहरा दिखाइए। सेक्यूलरिज्म के नाम पर अपराधियों का धर्म देखकर नेरेटिव तैयार करना इनका पुराना हथियार है और यही लॉलीपॉप चुसा चुसाकर इन्होंने अपराधियों के मन में भी भर दिया है कि जो उनका अपराध छुपाए वो उनके साथ है और जो सवाल पूछे वो दुश्मन है। मोदी-योगी के विरोध के नाम पर ये स्लीपर सेल अब न सिर्फ एक्टिव है बल्कि चरम पर जाकर काम कर रहा है। इनसे बचिए, देश को बचाइए।
Do you know that Mewat is one of the cybercrime hotspots in India.
Mob forcibly took over a bus & rammed it into the boundary wall of the Cyber Police Station in Nuh (Mewat).
Mob also tried to set fire to Mewat's cyber police station & its documents to erase criminal records.
>You need power to bring the change.
> It requires careful weaving of all the sub section of society.
> Winning arguments on Twitter and winning votes on the ground are two different phenomena.
> Winning argument every day may make you a micro celebrity, but in the long game these micro peaks of popularity don't matter.
> Ultimate change will be brought when you continuously first past the post in 80% of the electorate as 20% don't vote for you anyway.
If you feel that you have started panting in just 2 terms, you won't be able to relate where this is headed to.
Backpilled/Disillusioned are just words you have feeded yourself for balance. Meanwhile, Gyanvapi is being reclaimed slowly after Ram mandir, irrespective of your changing priorities daily.
Those who know which direction to work will keep on working until everything is claimed.
So @TheLallantop first spread videos of those protesting against the farm laws
Today it is spreading video of that vegetable vendor who would have actually benefitted from the farm laws
Integrity doesn’t matter. Views and propaganda are supreme 🙂
Many so called Twitter Hindu Warriors celebrated ousting BJP from Karnataka. None of them now have any power to even raise voice and criticize Congress Govt.
कल से दिल्ली में भारत सरकार के पोर्टल @ONDC_Official पर NCCF अगले 10 दिन तक 70 रुपए किलो टमाटर मिलेंगे और डिलीवरी फ्री रहेगी..जनहित में जारी है..जैसे फ्लिपकार्ट किताब बेचने से शुरू होकर सब कुछ बेचने लगी थी लगता है सरकार अमेजन वगेरह की मोनोपोली खत्म करने के लिए कमर कस चुकी है..
UPI के बाद ONDC भी long term strategic value वाला साबित होगा 👍
आज कन्हैया जी की पुण्यतिथि है।
कानून महा घटिया है इसीलिए कन्हैया जी की हत्या करने वाले जिहादियों को आजतक फांसी नहीं हुई
बच्चों के भविष्य की चिंता है तो दल गुलामी छोड़िए और पुलिस चार्टर ज्यूडिशियल चार्टर सिटिजन चार्टर और एडमिनिस्ट्रेटिव चार्टर लागू करने की मांग करिए
It has been 25 hours since the Odisha Train Accident, and Railway Minister Ashwini Vaishnaw Ji is still on-site at Balasore, overseeing the restoration process.
The Modi government tirelessly serves the people around the clock.