बाड़मेर में आयोजित पृथ्वीराज चौहान जयंती समारोह में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ नेता शंकरसिंह वाघेला, उद्योग राज्य मंत्री के.के. विश्नोई, जयपुर ग्रामीण सांसद राव राजेंद्र सिंह, पोकरण विधायक महंत प्रताप पुरी, पूर्व डीजीपी सांगा राम जांगिड़, इतिहासकार राजवीर सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
हनुमान बेनीवाल के पीछे एक वानर 🐒 सेना है जिनकी रोज़ी रोटी 🫓 का ज़रिया ही सोशल मीडिया और टीआरपी है उनको हमें फ़ीड (टुकड़े) देने की ज़रूरत नहीं है…🙅🏻♂️
प्रदेश की सरकार बढ़िया काम कर रही है इनके कहने से मुख्यमंत्री हटेंगे क्या… ये ख़ुद एक विधायक नहीं बना पाया अबकि बार ख़ुद की पत्नी को चुनाव जीता नहीं पाया…बयानबाज़ी ऐसी कि हम मुख्यमंत्री बदल देंगे…😒
-ज्योति मिर्धा (@jyotimirdha)
मेरा आप सभी से आग्रह है कि 31 मई को प्रातः 11 बजे माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के लोकप्रिय कार्यक्रम "मन की बात" को अवश्य सुनें।
-श्री @madanrrathore
प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा राजस्थान
#MannKiBaat
बेनीवाल ने अपमानजनक बोला यह पूरे मंत्रालय और सरकार को दिख गया....
पर हजारों बीघा भैराणा धाम का जंगल उजाड़ दिया गया.. साधु संतों को अपमानित किया गया... इतनी भीषण गर्मी में भैराणा धाम बचाने का आंदोलन..
यह तथाकथित हिन्दू सरकार को क्यों नही दिख रहा हैं... ?
हनुमान बेनीवाल ने सिर्फ एक बार बीजेपी के मंत्रियों को मूर्ख और मुख्यमंत्री को मूर्खाधिराज कहा
ये बात बीजेपी को तुरंत सुनाई दे गई लेकिन
जो लोग महीनों से भैराना धाम बचाने के लिए बैठे थे
कोई ओरण के लिए बैठा रहता है
कोई गोचर के लिए
कोई पेपर लीक के लिए
कोई रोजगार के लिए …महीनों बैठे रहते हैं
ये सुनाई क्यों नहीं देता है बीजेपी सरकार को?
अर्थात् अपने ऊपर टिप्पणियाँ आपको एक सेकंड में सुनाई दे जाती है लेकिन जनता और पर्यावरण के मुद्दों पर आपके कानों में मैल जम जाता है
यह बीजेपी वाले नेताओं को ही ऐसा लगा है,बाकी यह ट्वीट स्टार्ट हुए उसके बाद में आम जन सोचने को मजबूर हुआ कि आखिर हनुमान जी ने गलत क्या कहा,राजस्थान में हालात ही कुछ ऐसे पैदा कर दिए,इस मंडली ने,पर्ची सरकार ने।
हनुमान बेनीवाल द्वारा माननीय मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp जी के लिए दिया गया बयान अत्यंत निंदनीय एवं दुर्भाग्यपूर्ण है। जिस प्रकार की अमर्यादित एवं असभ्य भाषा का प्रयोग उन्होंने किया है, वह लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है।
-श्रीमती @SumanSharmaBJP
पूर्व अध्यक्ष, महिला आयोग
राजनीति के मंजे हुए खिलाड़ी नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल जी ने एक तीर चलाया और राजस्थान भाजपा के छोटे से लेकर बड़े नेता विधायक, सांसद, प्रदेशाध्यक्ष, युवा मोर्चा वाले ,
पूर्व प्रदेशाध्यक्ष, दर्जन भर मंत्री, पूरी कैबिनेट, 65 प्रवक्ता, ढिमका पूछड़ा फलाना इत्यादि सिवाय मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री के बिल से बाहर निकाल दिया एक बयान से!
मैं इसलिए नागौर सांसद @hanumanbeniwal जी को उत्तरी भारत के सबसे बड़े किसान नेता इसलिए कहता हूं 🫡
@RLPINDIAorg
निंदनीय है क्या भाई,
परसों से जिस तरह ट्वीट करने,वीडियो बनाने में लगे हुए हो उस हिसाब से आम जन के काम करने लग जाते तो हनुमान जी को बयान देना ही नहीं पड़ता,लेकिन बीजेपी को ट्वीट ट्वीट ही खेलना है,reels बनानी है,जन सरोकार से कोई मतलब नहीं हैं
नागौर के सांसद द्वारा मुख्यमंत्री जी के लिए की गई अभद्र टिप्पणियां और अपशब्दों का प्रयोग बेहद निंदनीय है। केवल TRP और सुर्खियां बटोरने के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना वास्तविक राजनीति नहीं कहलाता। जनप्रतिनिधि का दायित्व मुद्दों को गंभीरता और मर्यादा के साथ उठाना होता है। आपने पूर्व में जितने धरने दिए, उनका रिपोर्ट कार्ड भी जनता के सामने रखना चाहिए। हर मंच पर केवल ताली बजवाकर निकल जाना समाधान नहीं है। मुद्दों से भटककर अमर्यादित भाषा और अशोभनीय टिप्पणियां करना किसी भी जनप्रतिनिधि को शोभा नहीं देता।
- मंत्री के. के. बिश्नोई
दरअसल यह मुद्दा मूर्ख/महामूर्ख का नही है सब जानते है इसमें कुछ भी अमर्यादित नही है #भजन_मंडली द्वारा लोकआस्था के स्थल #भैराणा_धाम से ध्यान भटकाने हेतु #हनुमान_बेनीवाल को टारगेट किया जा रहा है।
इतना ध्यान प्रदेश के विकास & जनसेवा में लगाते तो इस नौटंकी की जरूरत नही पड़ती।
कल जैसे ही नेताजी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को लेकर बयान दिया, पूरी बीजेपी अचानक एकजुट होकर मैदान में उतर आई। रातों-रात मंत्री, विधायक, प्रवक्ता और पार्टी के तमाम नेता बयान देने लगे, मानो राजस्थान की सबसे बड़ी समस्या सिर्फ हनुमान बेनीवाल का बयान हो। लेकिन सवाल ये है कि आखिर ऐसी परिस्थितियां पैदा किसने की, जहां प्रदेश के मुख्यमंत्री को “मुर्खाधीराज” जैसी उपाधि सुननी पड़ रही है? क्या ये सब बिना कारण हो रहा है? क्या जनता बिना दर्द के इतना आक्रोश दिखाती है?
सच्चाई ये है कि पिछले ढाई साल में अगर बीजेपी सरकार ने प्रदेश के किसानों, युवाओं, साधु संतों, बेरोजगारों, व्यापारियों और आम जनता के मुद्दों पर गंभीरता से काम किया होता तो आज राजस्थान का माहौल ऐसा नहीं होता। जनता आज भी बिजली, पानी, बेरोजगारी, कानून व्यवस्था, किसानों की समस्याओं और भ्रष्टाचार से परेशान है। गांवों से लेकर शहरों तक लोग परेशान घूम रहे हैं, लेकिन सरकार को सबसे ज्यादा चिंता उस आवाज की हो रही है जो जनता के दर्द को खुलकर बोल रही है।
हनुमान बेनीवाल जी ने जो कहा वो सत्ता को कड़वा जरूर लगा होगा, लेकिन उससे भी ज्यादा कड़वी वो सच्चाई है जिसे राजस्थान की जनता रोज महसूस कर रही है। अगर सरकार ने काम किया होता तो आज किसी बयान से इतनी बेचैनी पैदा नहीं होती। मजबूत सरकारें आलोचना से नहीं घबरातीं, लेकिन जब सरकार जमीन पर कमजोर पड़ने लगती है तब एक नेता का बयान भी पूरी सत्ता को हिला देता है।
सबसे बड़ी बात ये है कि जितनी तत्परता से बीजेपी के मंत्री, विधायक और पूरी पार्टी हनुमान बेनीवाल जी का विरोध करने में जुटी हुई है, अगर उतनी ही तत्परता से प्रदेश के मुद्दों पर काम किया होता तो शायद आज हालात इतने खराब नहीं होते। जिस तेजी से बयान जारी हो रहे हैं, अगर उसी तेजी से किसानों की समस्याएं हल होती, युवाओं को रोजगार मिलता, भ्रष्टाचार पर कार्रवाई होती और कानून व्यवस्था सुधरती तो जनता आज सरकार के खिलाफ इतना गुस्सा लेकर नहीं बैठी होती।
लेकिन सत्ता की सबसे बड़ी समस्या यही है कि उसे जनता का दर्द कम और अपनी आलोचना ज्यादा दिखाई देती है। इसलिए आज पूरा सिस्टम उस आदमी के पीछे पड़ा है जो सड़क से लेकर सदन तक लगातार जनता की आवाज उठा रहा है। और यही बात साबित करती है कि हनुमान बेनीवाल सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि वो नाम बन चुके हैं जिसकी आवाज सत्ता को सबसे ज्यादा बेचैन करती है ।
ऐसा क्या बोल दिया,जो बोला उसको कल से आप चरितार्थ करने में लगे हुए हो,बीजेपी कोई पार्टी है या छोटे बच्चों की मंडली।
रही सही कसर आप वाले मंत्री जी ने पूरी कर दी
आज कुछ राजनेताओं की शब्दावली अत्यंत हल्के स्तर पर पहुंच गई है। अपनी टीआरपी बढ़ाने और सुर्खियों में बने रहने के लिए गंदी एवं अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक परंपराओं और राजनीतिक शालीनता के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
हनुमान बेनीवाल को यह समझना चाहिए कि वे किसके बारे में और किस पद की गरिमा के संदर्भ में ऐसी भाषा का उपयोग कर रहे हैं। राजनीति में विरोध होना स्वाभाविक है, लेकिन शब्दों की मर्यादा और संवाद की शालीनता बनाए रखना आवश्यक है।
-श्री @madanrrathore
प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा राजस्थान
सुबह से मंत्री जी का अखबार कटिंग ही पढ़ रहा था,लेकिन अब तो आपके युमो के अध्यक्ष की भी वॉयस सुन ली,जिन्होंने सबसे वीडियो डाला था,अपने वालो को समझाओ कि जो समाज में बोला भी नहीं जा सकता वो सबकुछ बोल रहे है
हनुमान बेनीवाल द्वारा माननीय मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp जी के लिए दिया गया बयान अत्यंत निंदनीय एवं दुर्भाग्यपूर्ण है। जिस प्रकार की अमर्यादित एवं असभ्य भाषा का प्रयोग उन्होंने किया है, वह लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है।
-श्री @AidanSinghBJP
प्रदेश मंत्री, भाजपा राजस्थान
धन्यवाद संयम लोढ़ा जी
कल से यह मंडली वीडियो बनाने में लगी हुई थी,इसी से ही प्रू हो गया था कि यह बेनीवाल जी ने कहा वो ही है,बाकी सारे कारण आपने तो बताया ही है
@SanyamLodha66 जी