India Pakistan tensions
Breaking: US Vice President JD Vance says
"We’re not going to get involved in the middle of war that’s fundamentally none of our business.."
Vdo Ctsy: Fox News
MCD द्वारा "ओल्ड राजेन्द्र नगर" का नाम बदल कर "ओल्ड राजेंद्र प्रयाग"करने का फैसला लिया गया...
यहि वो जगह है जहां RaoIAS glacier और DrishtiIAS glacier से निकलने वाला पानी आपस में मिलती है...
Thank you MCD
मौत की सीधी
#UPSCaspirants#ORNprotests#DelhiRains#UPSC
ये पत्रकार महोदय इतना गुस्सा में नजर आ रहे है क्योंकि NEET का एग्जाम अमीरों परिवार के लड़के देते है। कभी रेलवे, SSC, कांस्टेबल, पटवारी आदि का पेपर हमेशा लीक होता रहता था उस समय इतना चिलाये होते तो ये नौबत नहीं आती। #NEET_परीक्षा#NET2024
ये चित्रा त्रिपाठी के पति अतुल अग्रवाल है।
NEET पेपर लीक घोटाले पर विजय सिन्हा इंटरव्यू दे रहे थे। अचानक अतुल अग्रवाल ने उनकी रेलाई शुरू कर दी।
विजय सिन्हा को दुम-दबाकर भागना पड़ा।
वीडियो देखिए, मज़ा ना आए तो पैसे वापस।
🤣🤣
अंग्रेज़ बहुत चालाक हैं। भरी बरसात में स्वतंत्र करके चले गए। उस कपटी प्रेमी की तरह भागे, जो प्रेमिका का छाता भी ले जाए। वह भीगती बस-स्टैंड जाती है, तो उसे प्रेमी की नहीं, छाता-चोर की याद सताती है। स्वतंत्रता-दिवस भीगता है और गणतंत्र-दिवस ठिठुरता है।
#RepublicDay#गणतंत्रदिवस
जिंदगीरूपी नाव में इंसान एक किनारे से दूसरे किनारे पे पहुंचने की अनेकों कोशिश करता है, कुछ बीच में ही छोड़ जाते हैं और कुछ जो किनारे पर पहुंच भी जाते हैं...वो उस यात्रा में कितनी ख्वाहिशें और कितने ही अपनों को छोड़ देते हैं, बस इसी खोने और पाने का नाम है ज़िंदगी...!!!
जब जिंदगी आपकी तबियत से लेना शुरु करती है तब आप स्वयं को दुनिया से काट लेते हैं और अपने बनाए हुए आशियाने में रहते हैं जहां कोई आता जाता नहीं, यहां केवल आप और आपके अतीत के बेशुमार पीड़ाएं होती हैं। बुरे समय की यही विशेषता है कि इससे हमें अकेले ही लड़ना पड़ता है।
मुझे मौन रहना अच्छा लगने लगा है। अब मैं दावे के साथ कह सकता हूँ इस शहर में मेरे एक भी दोस्त नहीं। एकांत में हूँ और यहाँ सुकून है और एक उम्मीद भी की पुनः मजबूती से लड़ा जा सकता है। कभी-कभी अकेलापन ईश्वर इसलिए देते हैं ताकि हम खुद पर समय दे सके..खुद का ख्याल रख सकें..!!!!
यह वर्ष अपने अंतिम पड़ाव पर आ चुका है अगर मैं इस वर्ष में स्वयं का अवलोकन करूं तो कुछ भी सकारात्मक नहीं हुआ...शायद मेरे कोशिश पर्याप्त नहीं थे, हां जीवन के थोड़े सत्य से परिचय ज़रूर हुआ...मुझे ज्ञात हुआ कोई आपको राह नहीं दिखाता; वल्कि इसके विपरीत हर व्यक्ति केवल मजे लेता है..!!
यात्राओं में कुछ शहरों से बहुत गहरा संबंध जुड़ जाता है। उन्हें छोड़ते वक्त अंदर से काफी जोर कुछ टूटने की गूंज सुनाई देती है। आखिरी दिन उस शहर को देखना, वहां के लोगों को देखना, सड़को और गलियों को देखना.. एक पीड़ा को जन्म देता है।
सफर जारी है कहीं पहुंचा नहीं हूं और न पहुंचने की जल्दबाजी में हूं। बस मन में एक गंभीरता के साथ ठहराव है इस सफर के मंजिल को समझने की, जानने की ढेर सारी उत्सुकता है। बस इन्हीं के सहारे सफर जारी है !!!