🔥 "ये गाना नहीं, आग है…!" 🔥
सारी पोल खोलता गीत…
संगीत की ताकत का ऐसा इस्तेमाल कि हर तानाशाह की नींद हराम!
इन कलाकारों ने साबित कर दिया
संगीत कला का सबसे शक्तिशाली हथियार तानाशाह को हटाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
ये गीत नहीं, 'आग' है जो चारों तरफ तेजी से फैलेगी!
हर देशभक्त के अंदर जोश सुलगाती है ये धुन…
"New Anthem for Protesters" क्या कहूँ? बहुत खूब!!
एक तानाशाह का पूरा कठ्ठा चित्ता एक ही गीत में! एक दिन ज़रूर आएगा जब 'साहब' जेल के अंदर होगा!
हर तानाशाह डरता है… और यही इस गीत की सबसे बड़ी जीत है!
यह गाना डिलीट होने से पहले सुनो, सुनाओ, रिपोस्ट कर के फैलाओ क्योंकि ये सिर्फ़ गाना नहीं, आंदोलन है!
लखीमपुर खीरी में पूर्व प्रधान शिवसागर वर्मा जी की नृशंस हत्या के बाद योगी सरकार की पुलिस का अमानवीय चेहरा सामने आया है!
शव को घसीटते हुए ले जाना और इंसाफ मांग रहे पीड़ित परिजनों को ही पीटकर हिरासत में लेना — यही है भाजपा का जंगलराज...
@myogiadityanath जी, ये कानून-व्यवस्था है या कानून का खात्मा?
याद रखिए, अति के बाद अंत निश्चित है।
हम मांग करते हैं:
1. दोषियों पर तत्काल कठोर कार्रवाई हो
2. दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो
3. पीड़ित परिवार को न्याय और सुरक्षा मिले
वकील साहब जज से कह रहे हैं,
“अपनी आवाज़ धीमी रखिए—देश जल रहा है, और उसके साथ-साथ न्याय व्यवस्था भी जल रही है”🔥
ये साफ़ संकेत हैं कि भारतीय अदालतों और CJI से आम भारतीयों और वकीलों का भरोसा उठ चुका है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेशों में जाकर कहते हैं कि हम ‘मदर ऑफ डेमोक्रेसी’ हैं। क्या यही डेमोक्रेसी है?
ये दृश्य इस बात के गवाह हैं कि देश में लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचला जा रहा है।
ऐसा हिंदुस्तान बनाने के लिए Thank You Modi Ji 💔
एक अकेले इंसान को इतनी बर्बरता से पीटा जा रहा है जैसे दुश्मन देश से कोई आतंकवादी घुस आया हो?
बाकी अमेरिका के सामने तो हवा टाइट हो जाती है!
पैसे में इतनी ताकत होती है कि इंसान उसके लिए कुछ भी कर सकता है... 😱
अब इनको ही देख लो नाम तो मुझे याद नहीं आ रहा लेकिन इतना याद है कि इन्होंने पंजाब के शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगा था।
शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा तो दिया नहीं लेकिन इन्होंने इधर इंटरनेट पर आग जरूर लगा दी है...
वैसे अगर आप लोगों को इनका नाम पता है तो कमेंट में जरूर बताना क्योंकि मुझे बस याद नहीं है। 👇
इंस्टाग्राम भारत में दूसरा Poon Hub बनते जा रहा है.
फेसबुक टपोरियों के कारण झोपड़पट्टी बन चुका है. अब इंस्टाग्राम पर ऐसे अश्लील वीडियो के कारण अश्लीलता का अड्डा बनते जा रहा है.
केवल इतना ही नही, इंस्टाग्राम टीनएज लड़कियों के अश्लील डांस वीडियो और अश्लील कंटेंट को बढ़ावा दे रहा है.
𝕏 से बढियां प्लेटफार्म सोशल मीडिया पर दूसरा कोई नही है.
इंस्टाग्राम पर कानूनी कार्यवाही नही की गई तो भारत के टीनएज का भविष्य बर्बाद कर देगा. मार्क जुकरबर्ग को पार्लियामेंट समिति के सामने बुलाकर फटकार लगानी चाहिए.
इंस्टाग्राम पर इस वीडियो ने धमाल मचा दी है. इस महिला और पुरूष को गिरफ्तार कर के कड़ी कानूनी कार्यवाही करनी चाहिए ताकि ऐसा वीडियो सार्वजनिक करने की हिम्मत कोई दुबारा नही कर सके.
एक फार्म हाउस में मेरी हत्या करने का षड्यंत्र रचा गया है। मैं यह बात बहुत जिम्मेदारी से कह रहा हूं। मेरे पास जो सूचनाएं और स्रोत हैं, वे गलत नहीं हैं। मैं सरकार से मांग करता हूं कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए और हत्या की साजिश से लेकर बाराबंकी हिंसा में शामिल लोगों की भूमिका सामने लाई जाए।
मैं अपने विरोधियों से भी कहना चाहता हूं—मौत तो एक दिन आनी है, मौत से डरकर जिया नहीं जा सकता। अगर मेरी मौत आपके हाथों लिखी होगी तो वह भी हो जाएगी, लेकिन अगर आप अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हुए और मेरे लोगों ने मुझे ताकत, हिम्मत और मेरा साथ दे दिया, तो याद रखिए, आप जैसे गुंडों को उत्तर प्रदेश से पलायन करना पड़ेगा।
आज सवाल सिर्फ मेरी सुरक्षा का नहीं है। जब सुरक्षा प्राप्त एक चुने हुए जनप्रतिनिधि और सांसद के साथ दिनदहाड़े पत्थरबाजी की जाए, पेट्रोल-डीजल जैसी ज्वलनशील चीजों से भरी बोतलों के जरिए गाड़ी में आग लगाने का प्रयास किया जाए और आरोपी इतने बेखौफ हों, तो सोचिए इस प्रदेश में दलितों, पिछड़ों और मुसलमानों की सुरक्षा और न्याय की स्थिति क्या होगी?
मैं अपने साथियों से भी कहना चाहता हूं—डरने की जरूरत नहीं है। संघर्ष जारी रहेगा। मौत से डरकर जिया नहीं जा सकता।
जय भीम!
The most expensive part of a hospital bill may never touch the hospital at all.
A patient admitted for care has no way of knowing whether the price on a medical consumable reflects its actual cost or a markup fixed long before it ever reached the ward. That gap in information is, at its core, a public health issue.
A survey of hospital consumables in Maharashtra found an IV infusion set with a trade price of ₹11.05 carrying a printed MRP of ₹325 ; a markup of 2,841%. A syringe procured at ₹6.75 carried an MRP of ₹57.20. A catheter procured at ₹29.41 carried an MRP of ₹310.
These are not elective purchases. Patients cannot compare prices, seek alternatives, or question a number printed on a box while receiving care and the MRP itself is often fixed upstream by manufacturers and distributors, disconnected from the trade price by a wide, unexplained margin. The result is a system where the party bearing the cost has the least information to evaluate it.
The regulatory gap is structural: scheduled medicines are capped under the Drugs (Prices Control) Order, 2013. Most medical devices and consumables are not leaving both the pricing and the information around it almost entirely unmonitored.
A review of these findings and clear guidelines on the permissible gap between trade procurement price and declared MRP have been recommended to the Department of Pharmaceuticals and the NPPA ; a step toward closing not just a pricing gap, but the information gap patients are left to bear alone.
#PublicHealth #GoodGovernance #Leadership #TukaramMundhe
https://t.co/Ye9CVzr8qU
मेरा मानना है चंद्रशेखर आजाद भाई को पुलिस से डायरेक्ट बहस नही करनी चाहिए.
कभी कभार ठीक है पुलिस से आमना सामना हुआ तो डांट फटकार लगा सकते हैं. वो सांसद हैं, जन प्रतिनिधि हैं.
इतना ही नही, वो Azad Samaj Party के मुखिया हैं.
जो नेता कल को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार है. जनता उसे कल के मुख्यमंत्री के रूप देख रही है. हर काम खुद नही करना चाहिए.
ASP में और चेहरों को आगे किया जाना चाहिए. प्रवक्ता, जनरल सेक्रेटरी और अन्य नेताओं को फ्रंट लाइन पर खड़ा करना चाहिए.
जनता में संदेश जाना चाहिए ASP में नेताओं की कोई कमी नही है. लेकिन ऐसा महसूस होता है चंद्रशेखर आजाद अकेले लाइम लाइट में रहना चाहते हैं.
अगर मेरे आरोपों में 50% भी सच्चाई है तो यह ASP के भविष्य के लिए ठीक नही है.
यूपी के सीतापुर के थाना तंबौर एसएचओ ब्रजेश रॉय द्वारा दलित महिला को बंधक बनाकर पीटने का आरोप लगा जो लोकतंत्र की हत्या करना है। पहले पीड़िता की तहरीर के आधार पर एसएचओ पर मुकदमा दर्ज कर विवेचना करें और सख़्त कार्रवाई हो। महिला को न्याय मिले। @Uppolice