Official of Shri. Akhilesh Singh | EX- University Representative KU Chaibasha| State Genral secretary youth cell, NCCHWO, Jharkhand | state convenor ABVP
अनुबंध कर्मियों के साथ हेमंत सरकार बंधुआ मजदूर जैसा व्यवहार कर रही है। चुनाव के समय नियमित करने, वेतनमान बढ़ाने जैसे लुभावने वादे कर बरगलाने का काम करती है, लेकिन सत्ता मिलते ही प्राथमिकता पूरी तरह से बदल जाती है।
जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत कार्यरत लगभग 58 हजार अनुबंध कर्मियों को पिछले पांच महीनों से मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है। ट्रेजरी में करीब 170 करोड़ रुपये के बिल लंबित पड़े हैं, जिससे राज्य की स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में स्वीकृत बजट का केवल 4.92% खर्च होना सरकार की वित्तीय अक्षमता और लापरवाही को दर्शाता है।
@HemantSorenJMM जी, लंबित मानदेय का भुगतान सुनिश्चित कराएं तथा भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो, इसके लिए स्थायी और पारदर्शी व्यवस्था लागू करें। स्वास्थ्यकर्मियों का सम्मान केवल भाषणों से नहीं, बल्कि उनके परिश्रम का समय पर उचित भुगतान करने से सिद्ध होगा।
@BJP4India@narendramodi@AmitShah@NitinNabin@blsanthosh@BJP4Jharkhand
मंत्री @IrfanAnsariMLA जी,
आप कहते हैं कि मदरसों में पढ़े छात्र उच्च पदों पर पहुंच रहे हैं, लेकिन सवाल यह है कि वहाँ कैसी शिक्षा दी जा रही है, शिक्षा का स्वरूप क्या है और वहां छात्रों को किस प्रकार की मानसिकता से प्रभावित किया जा रहा है।
हाल ही में, रांची के डॉ. इश्तियाक अहमद का मामला सामने आया है, जो एक प्रतिष्ठित अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट थे। उन्हें अलकायदा के झारखंड मॉड्यूल का मास्टरमाइंड पाया गया। उनकी मंशा देश में 'खिलाफत' की स्थापना और गंभीर आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की थी। इसके साथ ही, मुफ्ती रहमतुल्लाह मजहीरी, जो मदरसा शिक्षक है, और मतिउर रहमान - एक कपड़ा दुकानदार, समेत कुल 14 लोगों को एन.आई.ए ने अलकायदा मॉड्यूल से जुड़े होने के आरोप में गिरफ्तार किया है। इससे तो यह साफ है कि शिक्षा किसी को उच्च पद दिला सकती है, लेकिन गलत सोच और राष्ट्रविरोधी मानसिकता को दूर नहीं कर सकती।
यह चिंताजनक है कि उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद, यदि प्रारंभिक शिक्षा में कट्टरपंथी विचारधारा का समावेश हो, तो व्यक्ति समाज विरोधी गतिविधियों में लिप्त हो सकता है। इसलिए, मदरसों में दी जा रही शिक्षा की समीक्षा आवश्यक है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वहां से निकलने वाले छात्र समाज के लिए सकारात्मक योगदान दें।
आप सरकार में मंत्री है, आपसे जनता अपेक्षा करती है कि आप अपने बयानों में संतुलन और तथ्यात्मकता बनाए रखें। समाज में विभाजनकारी विचारधारा फैलाने से बचें और सभी समुदायों के बीच सद्भावना स्थापित करने में सहयोग करें।
✨ भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता @RajivPratapRudy जी का जमशेदपुर में भव्य स्वागत ✨
आदरणीय रूडी जी के आगमन पर भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया व उन्हें पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया।
#BJP#Jamshedpur#RajivPratapRudy#Jharkhand
#शुभकामनाएं
दीदी @gupta_rekha जी को दिल्ली प्रदेश की कमान मिलने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
@ABVPVoice और @BJP4India का कार्यकर्ता होने पर गर्व की अनुभूति कर रहा हूं। गर्व है कि मैं आजीवन एबीवीपी और भाजपा का कार्यकर्ता हूं और रहूंगा।
दिल्ली के सरायकाले खां चौक का नाम बदलने से कुछ लोगों के पेट में दर्द हो रहा है और ऐसा होना जरूरी भी है। आजादी के 7 दशक बाद भी हमारे वीर आदिवासी शहीदों को वो सम्मान नहीं मिल पाया जिसके वो हकदार थे। हमारी आने वाली पीढ़ी भगवान बिरसा मुंडा के जीवन से प्रेरणा ले सके इसके लिए दिल्ली के सरायकाले खां चौक पर धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की भव्य प्रतिमा स्थापित की गई है।
सरायकेला खां चौक से हर रोज करीब 25 लाख लोग गुजरते हैं। इतना ही नहीं RRTS, ISBT, पूर्वी दिल्ली, अक्षरधाम, मेरठ, नोएडा, मेट्रो स्टेशन, यमुना नदी पर बने पुल और बारापुला फ्लाईओवर से गुजरने वाले लाखों लोगों को भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा के दर्शन करेंगे और भगवान बिरसा मुंडा की उस गौरव गाथा से परिचित होंगे जिसे अब तक वामपंथियों, कांग्रेसियों और सेकुलरिस्ट कीड़ों ने दबा कर रखा हुआ था।
पूरा भारत जानता है कि धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा सदैव भाजपा के लिए पूज्य रहे हैं। ये मोदी सरकार ही है जिसने भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती को जनजातीय गौरव वर्ष घोषित किया है। आदरणीय प्रधानमंत्री मोदी जी ने भगवान बिरसा मुंडा की पवित्र जन्मस्थली की पावन मिट्टी को मस्तक पर सजाकर उलिहातू से ही आदिवासी समाज के लिए जन-मन जैसे महाअभियान की शुरुआत की।
मोदी सरकार ने देशभर में जनजातीय योद्धाओं और सेनानियों की स्मृति में 20 से अधिक संग्रहालय बनाने के पवित्र अभियान की भी शुरुआत की है। ये भाजपा ही है जिसने देश को पहली बार आदिवासी समाज से राष्ट्रपति दिया और अलग जनजातीय कार्य मंत्रालय बनाया।
₹65,000 करोड़ आदिवासी गांवों के विकास के लिए दिए। एकलव्य मॉडल स्कूलों के माध्यम से आदिवासी समाज के बच्चों का भविष्य उज्ज्वल बनाया जा रहा है। कांग्रेस की सरकार में जनजाति कल्याण के लिए सिर्फ 28,000 करोड़ रुपए का बजट था, जबकि मोदी सरकार ने वर्ष 2024-25 के बजट में आदिवासियों के विकास के लिए 1 लाख 33 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।
भगवान बिरसा मुंडा के आदर्शों को आत्मसात करते हुए भाजपा ने ऐसे तमाम फैसले लिए हैं और आगे भी लेती रहेगी। लेकिन हेमंत सोरेन, आप अपने सहयोगी दल कांग्रेस द्वारा आजादी के बाद से अभी तक झारखंड के आदिवासियों और धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा जी के सम्मान में किया एक भी काम गिनवा दीजिए?
आज साकची स्तिथ @MahanagarBjp के जिला कार्यालय में आगामी 22 अक्टूबर को होनेवाली कोल्हान प्रमंडलीय सोशल मीडिया व आईटी सेल की बैठक निमित एक अहम बैठक @MahanagarBjp अध्यक्ष श्री @Sudhanshubjpjsr जी के गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ।।
हेमंत सरकार ने नौजवानों के लिए जो लंबी चौड़ी घोषणाएं की थी, उन्हें पूरा नहीं किया।
जिसने अपने पिता जी की कसम खाने के बाद भी वादे पूरे नहीं किए, उनपर जनता कितना भरोसा करेगी।
-श्री @yourBabulal जी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष
एक ही नारा, हेमंत नहींं चाहिए दुबारा!
हेमंत जी, चुनाव जीतने के लिए आपने झारखंड के युवाओं को स्नातक के बाद ₹5000 और स्नातकोत्तर के बाद ₹7000 देने का वादा किया था लेकिन किसी को कुछ नहीं मिला।