संघ के शताब्दी वर्ष में उत्तर प्रदेश जैसे स्टेट में सरकार न बनने जैसा जोखिम उठाया जा सकता है?
जवाब : कभी नहीं रिस्क लेंगे. सरकार बीजेपी की आएगी संघ के हिसाब से.
इस वीडियो ये आदमी कह रहा है की अगर बाराबंकी में सपा और कांग्रेस का गठबंधन होगा तो नुक्सान सिर्फ सपा का होगा
आगे ये भी कह रहा है कि इसका खमियाजा सपाइयो ने 24 में उठाया है जो सीट पूरी तरह से सपा के खेमे में होनी चाहिए थी वो कांग्रेस के खेमे में गई और अब जनता कांग्रेस से परेशान है !
लोकसभा चुनाव २०२४
सपा - ३७ सीट
कांग्रेस ६ सीट - रायबरेली, अमेठी, सहारनपुर, इलाहाबाद, सीतापुर, बाराबंकी
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ताऊ वोट करेंगे या नहीं ये नहीं मालूम है परंतु हरियाणा में हुए चुनाव में जाति आंकड़े जरूर सामने लाने चाहिए
Log BJP Se To Bahut Naraj Hain Lekin SP Ko Vote Nahi Dena Chahte Hain..🥲
Ek Tau Bol Raha Ki Congress Ka Candidate Hoga To Hum Vote De Denge, Lekin SP Ko Vote Nahi Denge..😱
बलरामपुर जिले से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशियों की संभावित सूची कुछ इस प्रकार रहेगी-
बलरामपुर सदर(SC) - जगराम पासवान
गैंसड़ी - राकेश यादव
उतरौला - आरिफ अनवर हाशमी/ डॉ अब्दुल मन्नान(पीस पार्टी)
तुलसीपुर - जेबा रिजवान
बांदा-चित्रकूट से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशियों की संभावित सूची कुछ इस प्रकार रहेगी-
चित्रकूट धाम कर्वी - अनिल प्रधान पटेल
मानिकपुर - वीर सिंह पटेल
बांदा सदर - मयंक द्विवेदी
नरैनी - किरन वर्मा
बबेरू - विशंभर सिंह यादव
तिंदवारी - रामप्रकाश प्रजापति/ बृजेश प्रजापति
२४ घंटे हुए होंगे अमित शाह के यूपी आगमन के। चंडु खाने की गप अत्यंत सुहानी हैं परन्तु वास्तविकता सतही बताती है कि बिना केंद्रीय शीर्ष नेतृत्व के उत्तर प्रदेश की सत्ता कभी भाजपा नहीं पा सकती। "योगी से बैर नहीं मोदी तेरी खैर नहीं" वक्तव्य का विश्वास करने वाले राजनीतिक समझ से दूर है।
@Abrakadabr86647@Crazybakchod@Imranmasood_Inc@RahulGandhi सोनिया या प्रियंका के विषय में आपत्तिजनक टिप्पणी करेंगे सपाई, कैसा प्रतीत होगा कांग्रेसी को ?
राजनैतिक बयान में महिलाओं के विषय में अशोभनीय भाषा का प्रयोग ना करें, बेहतर होगा।
सपाई चूतिये ही रहेंगे क्या?
इन्हें अभी भी समझ नहीं आ रहा कि कांग्रेस २०२९ की तैयारी कर रही है। इसी रणनीति के तहत वह क्षेत्रीय दलों को हराना चाहती है, बड़ा दल बनकर।
जिस तरह कांग्रेस ने राजद के खिलाफ माहौल तैयार किया,उसी प्रकार सपा के खिलाफ कर रहे हैं।
परिणाम कुछ महीनों में होंगे
कांग्रेस के खिलाफ हमने बहुत संघर्ष किया है फिर चाहे बाबरी का मामला हो, चाहे फर्जी एनकाउंटर का मामला हो..........
मैं सपा और कांग्रेस के इस चुनावी समझौते के सख्त खिलाफ हूं और मैं प्रचार नहीं करूंगा
~ आदरणीय नेताजी (2017)
यदि गलती से किसी दिन सूरज पश्चिम से उग आया और मायावती जी ने कांग्रेस से गठबंधन की हामी भर दी, तब सबसे पहले हसन परिवार ही सपा छोड़कर बसपा का दामन थामने आएगा।
2012 तक यह परिवार बसपा में ही था। जब 2014 में बसपा ने नाहिद हसन के चाचा कंवर हसन को टिकट दी, तब नाहिद सपा में आया।
सपा समर्थकों को ये नही भूलना चाहिए तुम्हारे इस घमण्ड और ये सोशल मीडिया पर इस व्यवहार से कांग्रेस को कोई नुकसान नही होने वाला... उत्तर प्रदेश मे हार का फर्क सिर्फ समाजवादी को पड़ेगा...TMC, Shivsena जैसे हाल हो जायेगा, कांग्रेस तो हमेशा की तरह मुख्य राष्ट्रीय पार्टी बनी ही रहेगी