उत्तर प्रदेश में Gen–Alpha छात्रों का पहला आंदोलन सफल
> हर क्लास रूम में कल तक 4–4 पंखे लगेंगे
> वायरिंग को दुरुस्त किया जाएगा
> डेस्क बेंच एक महीने में मिल जाएगी
> एक RO वाटर कूलर लगाया जाएगा
प्रदर्शनकारी छात्रों को लिखित रूप में यह सब आश्वासन दिया गया है। नई जेनरेशन अब अकाउंटेबिल्टी चाहती है। फतेहपुर के DIOS राकेश कुमार को सुनिए...👇
@bnetshukla
जितने भी ऑनलाइन एग्जाम होते हैं यानी CBT (Computer Based Test), उनमें पेपर लीक होना लगभग नामुमकिन है।
कैसे होगा? पेपर तो exam time पर ही system में land होता है।
CBT में पेपर लीक नहीं, बल्कि cheating होती है।
System का remote access कराकर बाहर बैठे solver gang से live paper solve कराया जाता है। आज maximum CBT exams इसी बीमारी का शिकार हैं।
आज लगभग सब कुछ outsourcing और private companies के भरोसे चल रहा है। ज़रूरत है कि सरकार का अपना exam infrastructure हो या फिर सिर्फ़ उन्हीं credible agencies like TCS से exam कराए जाएँ जिनका track record मजबूत हो।
साथ ही एक Centre Affiliation Board होना चाहिए जो पूरे देश के CBT centres का audit करे, standards तय करे और उनकी accountability सुनिश्चित करे।
Paper leak और CBT cheating दोनों अलग-अलग समस्याएँ हैं।
दिल्ली में जंतर मंतर पर 20 जुलाई को छात्रों/नौजवानों पर क्या–क्या प्रयोग हुआ ?
> लाठीचार्ज किया
> आंसू गैस के गोले छोड़े
> करंट लगाया
> थप्पड़ मारे
> डंडे मारकर सिर फोड़े
> पत्थर बरसाए
> पैलेट गन से चोट पहुंचाई
देश की राजधानी दिल्ली। जहां ऑनलाइन फूड डिलीवरी 10 मिनट में हो जाती हो, वहां पर आग बुझाने वाली गाड़ियां एक घंटे में आईं !!
दिल्ली में आज आग लगने से 21 मौतें हो गईं, कई जिंदगी–मौत से जूझ रहे हैं।
शिक्षकों के सम्मान में बबीता मैडम भी आ गई मैदान में..
उन्होंने जबरदस्त ढंग से अंजना को रेलते हुए कहा कि अगर अंजना टीचरों को कह रही है कि टीचर दो कौड़ी की है तो अंजना खुद फूटी कौड़ी की ठहरी..!
जब से यूट्यूब पर क्लासेस शुरू हुई हैं तब से वो बच्चे भी पढ़ने लगे हैं जो शहर में जाकर पढ़ाई नहीं कर पाते थे. फीस भी अब बहुत कम हो गई है.
यूट्यूब पर पढ़ाने वाले जितने भी टीचर हैं उसमें ज्यादातर योग्य हैं अंजना जी. वह आपसे कहीं ज्यादा युवाओं की फिक्र करते हैं. उनके पढ़ाए बहुत सारे लोग सिलेक्ट हुए और जिन मां-बाप ने उन्हें मेहनत से पढ़ाया उनका सहारा बन गए.
आप खुद पर विचार करिए. आप लोग युवाओं के हित में कभी बात नहीं करते.
उत्तर प्रदेश –
प्रयागराज में दो दिन पहले हजारों छात्रों ने लेखपाल भर्ती सहित कई परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ प्रदर्शन किया था।
आज प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने 3 कोचिंग सेंटर सील कर दिए। वजह अनधिकृत निर्माण बताई है।
1– एग्जामपुर
2– टारगेट विद रवि तिवारी
3– क्लाइमैक्स (मारूफ सर)
दरअसल, इन कोचिंग सेंटरों के बच्चे इस प्रोटेस्ट में शामिल हुए थे। इसलिए आरोप लग रहा है कि प्रशासन ने बदले की भावना से यह कार्रवाई की है।
भारत में एक परीक्षा के पेपर सुरक्षित पहुंचाने के लिए वायुसेना की मदद लेने और रक्षा संस्थानों में पेपर सुरक्षित रखने पर विचार चल रहा है !!
सोचिए, क्या स्थिति हो गई है !!
सरकारी परीक्षाओं में अव्यवस्था अब खबर नहीं,
लगभग routine ही बनती जा रही है।
Video में seriousness देखिए !
Exam hall के अंदर खुलेआम mobile लेकर paper दिया जा रहा है।
अब इस पर क्या ही कहा जाए?
यहां सीधे-सीधे exam centres की व्यवस्था,
निगरानी, और जिम्मेदार लोगों की संवेदनशीलता पर सवाल उठते हैं।
लेकिन शायद उन्हें भी पता है कि
ना कोई बड़ी कार्रवाई होनी है,
ना blacklist होना है..........
अगली बार फिर Centre मिल ही जाएगा।
फिर अंत में वही statement जारी होगा
परीक्षा पूर्ण पारदर्शिता और सुचारु रूप से सम्पन्न हुई।
इतनी “पारदर्शिता” कि आराम से mobile से answer check करके exam दिया जा सके।
सबसे दुखद बात यही है कि
अब लाखों मेहनती छात्रों का भरोसा टूटना भी system को गंभीर समस्या नहीं लगता।
भर्ती परीक्षाओं को आखिर इतना मजाक क्यों बना दिया गया है
कहीं paper leak, कहीं server issue, कहीं center mismanagement और अब #ssc_gd 500 छात्रों को बुलाकर सिर्फ 250 की व्यवस्था।
आखिर ये कैसी परीक्षा प्रणाली बनाई जा रही है?
दूसरे जिलों से छात्र महीनों की तैयारी, खर्च और pressure लेकर exam देने पहुंचते हैं, और वहां जाकर पता चलता है कि system खुद तैयार नहीं है।
सबसे दुखद बात ये है कि हर बार गलती व्यवस्था की होती है, लेकिन नुकसान सिर्फ छात्रों को उठाना पड़ता है। फिर जब युवा गुस्सा दिखाते हैं, तो लोग उनकी प्रतिक्रिया देखते हैं
लेकिन उस मजबूरी और टूटते भरोसे को नहीं, जो उन्हें वहां तक ले जाता है।