भाजपा के राज में दूरदर्शन @DDNewsHindi पर खुले आम माँ बहन की गालियाँ निर्बाध रूप से परोसी जा रहा हैं
वो भी निरंतरता के साथ
भाजपा के समर्थक को देखिये इस राजू दास को तो गालियों के लिये पद्मश्री मिलना चाहिये और नरेंद्र मोदी जी के हाथों @prasarbharati को और DD news की इन एंकर्स को भी राष्ट्रीय पुरस्कार मिलना चाहिये
इस वीडियो में बहुत माँ बहन की गालिया हैं अपनी ज़िम्मेदारी पर देखें।
India threw out the world’s most powerful empire - Britain in 1947 to gain her independence.
And barely five years later, Nehru was staring the Queen dead in the face and telling her off.
What an absolute legend Nehru was. 🔥🔥🔥
भगत सिंह की शहादत के बाद लिखे गए उन अनगिनत लेखों, पुस्तिकाओं, कविताओं आदि को पढ़ रहा था जिन्हें ब्रिटिश सरकार ने ज़ब्त कर लिया था। सब आर्काइव में सुरक्षित हैं।
इनमें से ज़्यादातर में उस समय लोगों ने लिखा है कि महात्मा जी ने भगत सिंह की जान बचाने के लिए हर संभव कोशिश की लेकिन शैतान अंग्रेज नहीं माने।
फिर 1960 के दशक में वे कौन से लोग थे जिन्होंने भगत सिंह की विचारधारा के वाहक होने का दावा करते हुए लिखा कि गांधी ने भगत सिंह को बचाने के लिए कुछ नहीं किया? क्या ए जी नूरानी जैसे विद्वानों को आर्काइव में यह मटेरियल नहीं मिला?
लेफ्ट से राइट तक यह झूठ कैसे पहुँचा और विकृत होता चला गया? कैसे भगत सिंह की शहादत के बाद तत्कालीन कम्युनिस्ट पार्टी के मुखपत्र में उन पर छपी टिप्पणी ग़ायब कर दी गई?
#भगतसिंह पर शीघ्र प्रकाशित होने वाली किताबों में इसकी तलाश करने की कोशिश की है और पूरा सच सामने रखने की भी।
कांग्रेस सरकार ने 23 अगस्त 2005 को ऐतिहासिक मनरेगा अधिनियम पारित कर नागरिकों को 'काम के अधिकार' की गारंटी दी।
देश में सामाजिक न्याय और रोज़गार की दिशा में यह बहुत बड़ा कदम रहा।
This is absolute CINEMA 🔥
Neha Rathore –– BJP people are abusing me for last 5 years, but i am stubborn
Rahul Gandhi 🗿 –– "They are also abusing me for so many years. Main bhi nahi sudhar raha"
This man has realised his strength 🔥
जनता: चीनी महंगी हो गई
सरकार: बोलो वंदे मातरम्
जनता: E20 से परेशानी है
सरकार: बोलो वंदे मातरम्
जनता: स्कूल खराब हैं
सरकार: बोलो वंदे मातरम्
जनता: सड़क खराब है
सरकार: बोलो वंदे मातरम्
जनता: अस्पताल बेकार हैं
सरकार: बोलो वंदे मातरम्
इस सरकार की कैसेट एक जगह फंस चुकी है.
गाँव के दबंगों के बच्चे प्राइवेट स्कूल में पढ़ते हैं, ज़्यादातर सरकारी स्कूलों में ग़रीब-दलित के बच्चे पढ़ते हैं।
कटु हक़ीक़त है कि ये नहीं चाहते कि स्कूल सुधरें, ग़रीब-दलित पढ़कर आगे बढ़ें।
तो जो सुधारने की बात करेगा, उनके तबेलों तक पहुँचेगा, उस पर नाराज़गी होगी ही।
त्योहारों से पहले चीनी की मिठास में मोदी सरकार की नीतियों की कड़वाहट घुल गई है।
मोदी सरकार से 3 सीधे सवाल:
1. दुनिया के बड़े चीनी उत्पादक और निर्यातक भारत में आज चीनी का स्टॉक 9 साल के निचले स्तर पर क्यों है? नौबत निर्यात रोकने और 10 लाख टन चीनी duty-free आयात करने तक कैसे पहुँच गई?
2. तीन महीने में चीनी करीब 40% महँगी हो गई —त्योहारों से पहले जनता पर पड़ी इस महंगाई की मार का जिम्मेदार कौन है?
3. जब देश में चीनी की कमी है और सरकार विदेश से चीनी मंगा रही है, तो गन्ने और अनाज को E20 के लिए Ethanol बनाने में झोंकने की नीति की समीक्षा क्यों नहीं हो रही?
ये कैसा ‘आत्मनिर्भर भारत’ है?
पहले चीनी का उत्पादन घटा,
फिर स्टॉक 9 साल के निचले स्तर पर पहुँचा,
अब विदेश से चीनी आयात कर रहे हैं — और दूसरी तरफ गन्ने को पेट्रोल में मिलाने के लिए Ethanol में झोंक रहे हैं !
नेता वो होता है
जो अपने केबिनेट मेंबर्स, पार्टी अध्यक्ष और तमाम दूसरे सहयोगियों को धकिया कर, कैमरे की जद से बाहर फेंकवा देता है। और खुद स्पॉटलाइट मे..
शेर की तरह अकेला चलता है।
••
लेकिन जो युवाओं औऱ महिलाओ को आगे कर, उन्हें ताकत देने के लिए, खुद चुपचाप पीछे खड़ा हो जाता है उसे नेता नहीं,
महज, फैसिलिटेटर समझना चाहिए।
••
और 21 वीं सदी के हिंदुस्तान को नेता नहीं,
नई पीढ़ी की क्षमताओं को, चुपचाप पीछे रहकर ताकत देने वाला फैसिलिटेटर ही चाहिए।।
वेल्डन राहुल!!
❤️🥰
मीडिया कांग्रेस से पूछ रहा है—“किससे परमिशन लेकर धरने पर बैठे?”
मेरा जवाब बिल्कुल साफ है—अपने अधिकारों के लिए आवाज़ उठाने के लिए किसी तानाशाही की इजाज़त की जरूरत नहीं होती।
आप सभी को यह वीडियो जरूर सुनना चाहिए।
हर देशवासी तक यह बात पहुंचनी चाहिए।