Blockchain sounds complicated… but it doesn’t have to be!
Ever wondered how Blockchain actually works? 🤔
It’s a decentralized technology that records transactions across a network—making data difficult to alter and easy to verify.
#Blockchain#BlockchainTechnology#Web3
लो मिल गया जवाब, हो गई तसल्ली !
भक्तों के साथ हमेशा ऐसा होता है !
महाराष्ट्र की पेशेवर डांसर उर्वशी पलांडुरकर से मिलिए, जिनके विरोध प्रदर्शन वाले वीडियो का इस्तेमाल भाजपा छत्तीसगढ़ ने अपनी आपत्तिजनक पोस्ट “बाबर की विरासत पर ठुमके लगाने वाली Gen Z” में किया था।
उर्वशी ने अब इसका तगड़ा जवाब दिया है। 👇🏾
-40 नंबर पर मेडिकल में एडमिशन हुआ एक्सपोज़्ड। SC/ST/ओबीसी ने नहीं जनरल लड़के ने लिया था सबसे कम मार्क्स पर एडमिशन।
लड़के ने पूरी पोल सबूतों के साथ खोल दी। Must Watch
ये हर्ष दुबे है जोकि पिछले 6 साल से नीट की तैयारी कर रहा है लेकिन आज तक सिलेक्शन नहीं ले पाया।
जबकि पिछले 4 साल से EWS आरक्षण लागू है जिसकी कटऑफ SC वर्ग से भी कम जा रही है।
अब जो लड़का इतनी कम कटऑफ में सीट नहीं ले पा रहा है वो मेरिट की लड़ाई लड़ रहा है।😂
Reservation exists- bcz of caste
Honor killing exists- bcz of caste
Love marriages fail- bcz of caste
Hindus aren't united- bcz of caste
Untouchability exists- bcz of caste
Caste violence- bcz of caste
Discrimination- bcz of caste
But Saar Saar End the reservation saar🙏🏼
Reservation should be abolished only when Dalits can become temple priests, and Brahmins are equally represented in sewer-cleaning jobs.
Until then, don’t lecture people about merit.
स्कूल में बच्चों ने सिर्फ़ इसलिए खाना नहीं खाया, क्योंकि उसे बनाने वाली रसोइया दलित समुदाय से थी. किसी दलित दूल्हे को अपनी ही शादी में घोड़ी पर चढ़ने के लिए पुलिस सुरक्षा लेनी पड़ी.
किसी की सिर्फ़ इसलिए हत्या कर दी गई, क्योंकि उसने समाज की जातिगत सीमाओं को चुनौती देते हुए तथाकथित ऊँची जाति की लड़की से शादी कर ली.
ये ऐसी ख़बरें हैं जो हम अक्सर सुनते हैं, लेकिन इन्हीं हालात के बीच कुछ दलित कलाकार अपनी कला के ज़रिए इन घटनाओं और भेदभाव के ख़िलाफ़ अपनी आवाज़ बुलंद कर रहे हैं. उन्होंने बोलना क्यों चुना? आख़िर ऐसा क्या था कि वे चुप नहीं रह पाए?
ऐसे ही दो कलाकार रैपर नवीन कुमार और कवयित्री अंजलि बंगा से बीबीसी संवाददाता अश्वनी पासवान @Ashwaniiiiiii ने बात की है.
शूट-एडिट: अरीबा अंसारी
होल्डिंग एडिटर: सुशीला सिंह
आज दिनांक २४ जुलै २०२६ चा दिवस महाहरामीपणाचा असणार आहे. सगळे गोदी बॉलीवूड, बकचोदी क्रिएटर्स आणि बरेच काही बाही आता मेरीट मेरीट बोंबलतील.
हळूच एज्युकेशन सिस्टीम ट्रांसफॉर्मेशन ची मागणी अँटी रिजर्वेशन वर आणून ठेवतील. तेव्हा खरी कसोटी लागणार आहे.
सरकार हरामीपणावर उतरणार. तेव्हा सावध होऊनच वागावं लागेल.
ते पाहीजे ती प्रलोभनं देतील, ध्रुवीकरण करतील.
आपण मोदींच्या राजीनाम्यावरच ठाम राहीलं पाहीजे.
अगदी सीजेपीनं धर्मेंद्र प्रधानच्या राजीनाम्यावर समाधान मानलं तरीही त्या पोरांना कोणताही दोष न देता ठामच राहीलं पाहीजे.
नरेंदर मोदी इस्तीफा दो.