बात परिवार पर आ जाय तो, फैसला खुद ही करना चाहिए 🖐️
कोर्ट कचहरी पर निर्भर नहीं होना चाहिए !
साल दो साल की जेल, फिर बेल !
या तो गोली के बदले गोली मारने दो, 5/6 गोली चली है टाईगर श्राफ पर, अब तीनों को खड़ा करो, 5/6 गोली चलाने का मौका दो टाईगर श्��ाफ को ।
गोली चलाने वाले जान से ही मारने आए थे !
सिद्धू मूसे वाला और बाबा सिद्धकी को जान से मार भी चुके है ए लोग ?
क्या न्याय मिला इन्हें !
कई और कांड कर चुके हैं !
सलामन खान पर गोली चला चुका है !
खुलेआम धमकी फिर जिम्मेदारी भी ले रहा है !!
कानून बराबर न्याय दे पाती तो किसी को जरूरत नहीं पड़ती कानून को हाथ में लेने की !!