जंग तो ख़ुद ही एक मसअला है
जंग क्या मसअलों का हल देगी
आग और ख़ून आज बख़्शेगी
भूक और एहतियाज कल देगी
इसलिए ऐ शरीफ़ इंसानो
जंग टलती रहे तो बेहतर है
आप और हम सभी के आँगन में
शम' जलती रहे तो बेहतर है
हमने काले लिबासो को पहना मगर दिल में हँसते रहे अपनी तकदीर पर,
हम मोहब्बत की दुनिया के इब्लीस है 😔
हम किसी के लगाए हुए रोग है जिनके बारे कभी सोचा नहीं हम वो हीं लोग है 😔