एक नदी एक पहाड़ को काट देती है, लेकिन अपनी ताक़त से नहीं ! बल्कि अपने द्वारा किए गए लगातार प्रयासों से !!"
"कोई भी लक्ष्य इंसान के संघर्ष से बड़ा नहीं !
हारा वही जो लड़ा नहीं !!"
बढ़ता वही है, जो बदलता है।
शुरुआत सपने देखने से ही होती है।
नरेंद्र मोदी ने अभी शपथ भी नहीं ली है और NEET परीक्षा में हुई धांधली ने 24 लाख से अधिक स्टूडेंट्स और उनके परिवारों को तोड़ दिया है।
एक ही एग्जाम सेंटर से 6 छात्र मैक्सिमम मार्क्स के साथ टॉप कर जाते हैं, कितनों को ऐसे मार्क्स मिलते हैं जो टेक्निकली संभव ही नहीं है, लेकिन सरकार लगातार पेपर लीक की संभावना को नकार रही है।
शिक्षा माफिया और सरकारी तंत्र की मिलीभगत से चल रहे इस ‘पेपर लीक उद्योग’ से निपटने के लिए ही कांग्रेस ने एक रोबस्ट प्लान बनाया था। हमने अपने मैनिफेस्टो में कानून बना कर छात्रों को ‘पेपर लीक से मुक्ति’ दिलाने का संकल्प लिया था।
आज मैं देश के सभी स्टूडेंट्स को विश्वास दिलाता हूं कि मैं संसद में आपकी आवाज़ बन कर आपके भविष्य से जुड़े मुद्दों को मज़बूती से उठाऊंगा।
युवाओं ने INDIA पर भरोसा जताया है - INDIA उनकी आवाज़ को दबने नहीं देगा।
Dhruv Rathee ने इस वीडियो में समझाया है कि कैसे
BJP के News चैनलों ने अनपढ़ तबके को ये कहकर बेवकूफ बनाया कि तुम भले ही बेरोजगार, गरीब हो
पर मौजूदा भाजपा सरकार में विदेश में "भारत का डंका बज रहा है"
इस झूठ पर विश्वास करके
करोड़ों बेरोजगार लोग भाजपा को वोट दे रहे थे
पर डंके की सच्चाई बिल्कुल विपरीत है 😱
#dhruv_rathee
مجھ سے ناچیز پہ ہے تیری عنایت کتنی
تو نے ہر گام پہ کی میری حمایت کتنی
کیا بتاوں تری رحمت میں ہے وسعت کتنی
ایک میں کیا مرے عصیاں کی حقیقت کتنی
مجھ سے سو لاکھ کو کافی ہے اشارہ تیرا
صلی اللّٰہ تعالیٰ علیہ واٰلہٖ وازواجہ واھل بیتہ واصحابہ وبارک وسلم
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविधालय में कोई विद्यार्थी फीस के अभाव में अपनी पढ़ाई छोड़ने पे विवश हो जाए तो इससे दुःखद चमन ऐ सर सैयद के लोगों के लिए कुछ और नहीं हो सकता। अगर हम मिलकर थोड़ी थोड़ी मदद इस बच्चे की करें तो इसकी फीस आसानी से जमा हो जाएगी।
धन्यवाद!
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविधालय में कोई विद्यार्थी फीस के अभाव में अपनी पढ़ाई छोड़ने पे विवश हो जाए तो इससे दुःखद चमन ऐ सर सैयद के लोगों के लिए कुछ और नहीं हो सकता। अगर हम मिलकर थोड़ी थोड़ी मदद इस बच्चे की करें तो इसकी फीस आसानी से जमा हो जाएगी।
धन्यवाद!