@vishalchauhan_1 सर जी प्राथमिकता से अपने संज्ञान में अवश्य लें
विनम्र निवेदन है आप से
हमें पूरा विश्वास है कि आपकी तरफ़ से हमें सकारात्मक प्रत्युत्तर प्राप्त होंगे।
All over India CHO ka Cadre CHO bane,Designation CHO bane,New Strong Guidelines banai jaye aur CHO k liye 5200 Grade Pay ka prastao Prime Minister of India,Vice Chairperson of NITI AYOG,Ministry Of AYUSH, Indian Nursing Council, Health Minister of India, Additional Secretary Mission Director (MoHFW) & Director (MoHFW) ko de dia gaya hai. Sathiyo AIACHO ka ye qadam asan nahi hai but impossible bhi nahi hai. CHO ko self respect dilwane k liye AIACHO CHO job ko respected job banana chahta hai. Aap sabhi ka sath raha unity rahi to hume zarur success milegi. Fir CHO ka sabhi cadres Samman karenge aur CHO ek samman janak post banegi. Jiska desh k sabhi CHO intezaar kar rahe hain. Dhanyawad 🙏
राष्ट्रीयस्वास्थ्यमिशन कार्यालय पत्रकाश्योपुरCM &HO द्वारा सरासर उल्लंघन,,
सत्यापन वेरिफ़िकेशन अटेंडेंस का समस्त कार्य दायित्व ब्लॉक मेडिकल ऑफ़िसर का है, इस तरह की पत्र jari करना BMO का अपमान है
@ABHWC_MP कृपया संज्ञान में लेकर भी संसोधन करवाया जाए🙏🏻@MoHFW_INDIA@CMMadhyaPradesh
प्रशासन जवाब दें ?
क्या CHO केवल ऑनलाइन काम के लिए है?
@ABHWC_MP ANM की पोस्ट ख़त्म की जाए।
यदि फ़ील्ड वर्क में ANM बेहतर काम कर रही होती तो आज CHO पोस्ट की आवश्यकता नहीं होती।
सम्पूर्ण भारत में डॉक्टर्स की कमी को देखते हुए मिड लेवल हेल्थ सर्विस प्रोवाइडर की पदस्थापना की गई।
बहुत बहुत धन्यवाद और आभार🙏🏻🌷सर जी
किंतु आप के आदेशों की अवहेलना लगातार करके CHO को OPD का कार्य मरीज़ों का उपचार कार्य छोड़कर गाँव गाँव घूमने पर मजबूर किया जा रहा है आशा और ANM होने के बावजूद ,@DrPRChoudhary ji संज्ञान में लेकर उचित निर्देशन देने की कृपा करें🙏🏻
मध्य प्रदेश में हज़ारों संविदा स्वास्थ्य कर्मी 20 दिन से हड़ताल पर हैं। कोरोना माहमारी के दौरान सरकार इन्हें कोरोना योद्धा बता रही थी और आज ये अपनी माँगों को लेकर आंदोलनरत हैं।
स्वास्थ्य सेवाएँ बदहाल है ऐसे में संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल से आम जनता को बहुत परेशानी हो रही है।
कांग्रेस पार्टी मानवीय और नैतिक आधार पर संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की वाजिब माँगों का समर्थन करती है।
मैं मुख्यमंत्री और सरकार से अनुरोध करता हूँ कि संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की वैधानिक मांगों को अविलंब मानें ताकि उनके साथ न्याय हो सके और राज्य में पहले से बदहाल स्वास्थ्य संरचना ध्वस्त होने से बच जाये।
शिवराज का अहंकार आया सामने,
— 20 दिनों से हड़ताल पर बैठे संविदा स्वास्थ्यकर्मियों की सुध तक नहीं ली, अब आरपार के मूड में मध्यप्रदेश के संविदाकर्मी;
शिवराज जी,
आपके अंत का आरंभ हो चुका है।
“मध्यप्रदेश माँगे कमलनाथ”