इब्लीस की बेटी के खिलाफ FIR दर्ज कराने का वादा किया था और वे इसे पूरा कर चुके हैं, उन्होंने कोनागुरियन पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज करवाई है, वह आगे कहते हैं कि पुलिस ने भी उनका बहुत अच्छा सहयोग किया है और उन्हें कल सुबह तक FIR की कॉपी मिल जाएगी!!
यादवों की चोटी तुमने काटी ?
कुशवाहा से पैर तुमने धुलवाए ?
कुर्मी महिलाओं के छाती तुमने नोची ?
लोधी कथावाचक को तुमने पीटा ?
और तुम कहते हो कि मुस्लिमों से खतरा है 😡
इस बार BJP की बखिया उधेड़ दूँगा
पहले मैं BJP का समर्थक था, लेकिन अब देखों मैं BJP का क्या करता हूँ 😡
मुझे मालूम है की यह कैसे वोट चोरी करते है, लेकिन अब देखता हूँ कैसे करते हैं
चाचा तो अलग ही गुस्से में है😂
राजस्थान के अजमेर में बुर्के और दुपट्टे में NEET की परीक्षा देने पहुंची मुस्लिम छात्रा कुलसुम फ़ातिमा (18) को सेंटर के बाहर रोक दिया गया, बुर्का पहनने के कारण सुरक्षाकर्मियों द्वारा रोकी गई छात्रा खुशामद करती रही लेकिन न उसकी परीक्षा का ख्याल किया गया और न ही NTA की गाइडलाइन को माना गया।
कुलसुम फ़ातिमा और उसके पिता सेंटर के बाहर रोकने वाले सुरक्षाकर्मियों को बुर्के की वजह से पाबंदी न लगाने वाली NTA की गाइडलाइन दिखाते रहे लेकिन सब नियमों की धज्जियां तो उड़ी ही साथ ही धार्मिक स्वतंत्रता का भी हनन किया गया। कुलसुम के मुताबिक़ उसने 3 मई को भी बुर्के और दुपट्टे में ही NEET का एग्जाम दिया गया था उसे किसी ने नहीं रोका था, अब कुलसुम ने कहा "अगर मुझे दुप्पटे और बुर्के में प्रवेश नहीं दिया गया तो मैं एग्जाम नहीं दूंगी।"
छात्रा राजस्थान के ब्यावर जिले की रहने वाली हैं जो कि अजमेर शहर के सावित्री इलाके में स्थित राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय सेंटर पर बुर्के में परीक्षा देने के लिए पहुंची थी लेकिन बुर्के की वजह से परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने से रोक दी गई।
एक हिंदू भाई ने मस्जिद के सामने खड़े हो कर ऐसी बात कही" जिसने लाखों लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया।
जब दिल सुकून की तलाश में होता है, तो नफरत की दीवारें छोटी "और इंसानियत बड़ी नज़र आने लगती है।👇❤️🤝
राजस्थान यूनिवर्सिटी में एग्जाम शुरू होते ही क्वेश्चन पेपर की जगह आंसरशीट बांट दी गई. अब इसे पेपरलीक कहा जाये या एग्जाम लीक?
क्या अब विश्वविद्यालयों के ऊपर भी एग्जाम पेपर पहुँचाने वाले हेलीकॉप्टर उड़ते दिखाई देंगे?
मनीष सक्सेना लखनऊ की मशहूर शख़्सियत
हैं,वो अपने बेटे के साथ कहीं जा रहे थे उनका
Accident हो गया दोनों सड़क पर बेहोश पड़े
थे कोई मदद को नहीं आया,तभी दो बुरके वाली
फ़रिश्ता बन कर आईं और दोनों को अस्पताल
पहूँचाया,मनीष जी को सुनें,इंसानियत ज़िंदाबाद
“आप मुझे पाकिस्तानी कैसे कह सकते हैं? मेरे दादाजी इंडियन आर्मी में सूबेदार थे”
हैदराबाद की एक सोसाइटी में मुसलमान लड़के को जब पाकिस्तान कहा गया तो वह लड़का डरा नहीं बल्कि डट करके जवाब दिया।