मनमाड-काकीनाडा-शिरडी एक्सप्रेस में सफर कर रहे मोहम्मद इमरान के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। जानकारी के अनुसार, वह ट्रेन से लातूर जा रहे थे, तभी हाफ़िज़पेट स्टेशन के पास करीब 20 लोगों ने उनकी धार्मिक पहचान, जिसमें टोपी और दाढ़ी शामिल थी, को देखकर उन पर हमला कर दिया। उन्हें बचाने आए उनके साथियों के साथ भी मारपीट की गई।
Meerut : A Muslim man, Faheem, was brutally assaulted by Shivank, Shivansh, Harshit and Sagar riding in a Scorpio after he objected to their rash driving. The goons dragged him to the ground and beat him. Police arrested the accused.
वीडियो पंजाब के मुबारकपुर की जहां एक शख्श मुस्लिम महिला के बुर्के पे टिपणी करता है और बच्चों के सामने धमकाता हुआ नजर आ रहा अबतक इस मामले में कारवाई नही हुई
@PunjabPoliceInd@BhagwantMann जल्द कारवाई करें
उत्तराखंड के विकासनगर इलाके में मंगलवार शाम को 18 वर्षीय कश्मीरी शॉल बेचने वाले युवक पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया। इस हमले में युवक के हाथ में फ्रैक्चर हो गया और सिर में भी गंभीर चोटें आईं।
जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (JKSA) के अनुसार, हमलावरों ने पहले युवक से उसकी पहचान पूछी। जब उन्हें पता चला कि वह कश्मीर का रहने वाला और मुस्लिम है, तो उन्होंने उसके साथ मारपीट की। युवक के साथ मौजूद उसके परिवार के लोगों को भी पीटा गया और घसीटा गया।
शाहरुख़ ख़ान की आईपीएल टीम केकेआर में बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्ताफ़िज़ुर रहमान को शामिल किए जाने पर उठे विवाद पर आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सवाल किया कि अगर बांग्लादेशी खिलाड़ी रखने पर शाहरुख़ ख़ान को देशद्रोही कहा जा रहा है, तो फिर शेख़ हसीना से करीबी रिश्ते रखने पर प्रधानमंत्री मोदी को क्या कहा जाएगा? साथ ही उन्होंने बांग्लादेश को भारत की बिजली सप्लाई करने वाले अडानी पर भी सवाल खड़े किए।
मुस्लिम महिला अपना नियुक्ति पत्र लेने पहुँची थी, मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने महिला का हिजाब हाथों से हटा दिया।
आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 1283 आयुष डॉक्टरों (आयुर्वेदिक, होमियोपैथिक और यूनानी) को नियुक्ति पत्र दिया. इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ-साथ डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा, बिहार सरकार के मंत्री विजय कुमार चौधरी और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय पहुंचे थे. तभी अन्य लोगों को नियु्क्ति पत्र दिया गया।
जब मुस्लिम महिला डॉक्टर अपना नियुक्ति पत्र लेने पहुँची तो उनके चेहरे पर हिजाब था। मुख्यमंत्री ने अपने हाथ से हिजाब हटा दिया। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है।
बिहार के मुख्यमंत्री @NitishKumar द्वारा एक सम्मानित महिला डॉक्टर परवीन के नक़ाब पर हाथ डालना किसी भी सूरत में क़ाबिले-बर्दाश्त नहीं है। अगर मुख्यमंत्री में ज़रा-सी भी नैतिकता और शर्मो-हया बाक़ी है, तो उन्हें तत्काल माफ़ी माँगनी चाहिए।
जब एक राज्य का मुख्यमंत्री ही इस तरह की हरकत कर सकता है, तो मुस्लिम महिलाओं की इज़्ज़त और सुरक्षा की गारंटी कौन देगा?
क्या महिलाओं के खाते में ₹10,000 महीना डालकर उनके आत्मसम्मान का सौदा किया जा रहा है?
AIMIM महिलाओं की इज़्ज़त और हिजाब की हिफ़ाज़त के लिए पूरी मज़बूती के साथ खड़ी है।
हमें किसी के “वंदे मातरम्” पढ़ने या गाने पर आपत्ति नहीं है, लेकिन मुसलमान केवल एक अल्लाह की इबादत करता है और अपनी इबादत में अल्लाह के सिवा किसी दूसरे को शामिल नहीं कर सकता। और “वंदे मातरम्” का अनुवाद शिर्क से संबंधित मान्यताओं पर आधारित है, इसके चार श्लोकों में देश को देवता मानकर “दुर्गा माता” से तुलना की गई है और पूजा के शब्दों का प्रयोग हुआ है। साथ ही “माँ, मैं तेरी पूजा करता हूँ” यही वंदे मातरम् का अर्थ है। यह किसी भी मुसलमान की धार्मिक आस्था के खिलाफ है। इसलिए किसी को उसकी आस्था के खिलाफ कोई नारा या गीत गाने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। क्योंकि भारत का संविधान हर नागरिक को धार्मिक स्वतंत्रता (अनुच्छेद 25) और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (अनुच्छेद 19) देता है।
वतन से प्रेम करना अलग बात है, उसकी पूजा करना अलग बात है। मुसलमानों की देशभक्ति के लिए किसी के प्रमाण-पत्र की आवश्यकता नहीं है। स्वतंत्रता संग्राम में उनकी कुर्बानियाँ इतिहास के सुनहरे पन्नो में दर्ज हैं।
हम एक खुदा (अल्लाह) को मानने वाले हैं, अल्लाह के सिवा न किसी को पूजनीय मानते हैं और न किसी के आगे सजदा करते हैं। हमें मर जाना स्वीकार है, लेकिन शिर्क (खुदा के साथ किसी को शामिल करना) कभी स्वीकार नहीं!
#ArshadMadani
धर्म के आधार पर लोगों को बांटने से देश कमज़ोर हो रहा है। जो हो रहा है, उसे देखकर लगता है कि फिरकापरस्त ताकतें इस्लाम और मुसलमानों दोनों को खत्म करने पर तुली हुई हैं। लेकिन शायद उन्हें यह नहीं पता कि इस्लाम का यह चिराग कभी नहीं बुझेगा और जिन्होंने इसे बुझाने की कोशिश की, वे खुद बुझ गए।
भारत के सामाजिक ताने-बाने को बचाने और इसके संवैधानिक सिद्धांतों को बनाए रखने के लिए एकता और न्याय की ज़रूरत है।
#ArshadMadani
#Jamiat_ulama_I_Hind
देश में धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने वालों पर सही से कार्यवाही होने की जगह कुछ लोग उन्हें हीरो की तरह पेश करते है।
चंदन कुशवाहा ने फेसबुक पर “I Love Muhammad” पोस्टर की आपत्तिजनक तस्वीर साझा की, मुहम्मद साहब को अपशब्द कहे पर अब भी गिरफ्त से बाहर है।
पुलिस इन असामाजिक तत्वों पर कार्यवाही का आश्वासन तो देती है मगर इनपर क़ानून का सख्त डंडा चल नहीं पाता। इसके पीछे नफरती वोट बैंक की राजनीति हावी है।
#ArrestChandanKushwah
बरेली में मुसलमानों पर हो रहा ज़ुल्म कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं बल्कि नफ़रत की राजनीति है।
पुलिस के सामने मज़ार शहीद करने वाले गुंडे सुरक्षित है और #ILoveMuhammad (PBUH)
कहने वाले मासूमों के मकान गिराए जा रहे है।
#StopBareillyBulldozer