Teacher,A Social Activist, who is aware of today's country's scenario and want to devote something towards our country(2 दिनमें 1 से ज्यादा follow पर बैन है😡
न कोई फिल्म, न कोई वेबसीरीज, न कोई पुरस्कार… बस मिट्टी में समा जाने वाली एक कहानी।
मगर यह कोई कहानी नहीं थी, यह सत्य था।
ऐसा सत्य जो हमें याद दिलाता है कि असली हीरो लाल कालीनों पर नहीं चलते, वो बर्फ से ढके पहाड़ों में, मौत की परछाइयों के बीच, भारत माँ की रक्षा करते हुए शहीद हो जाते हैं।
मेजर मोहित शर्मा को कोटिशः नमन।
वो आज नहीं हैं, लेकिन उनका बलिदान हर हिंदुस्तानी के दिल में जिंदा है।
उन जैसा बनना मुश्किल है,
लेकिन उन्हें याद रखना हमारा कर्तव्य है।
कमेंट में “जय हिंद” मेजर मोहित शर्मा जी को श्रद्धांजलि अर्पित कीजिए.. जय हिंद 🇮🇳🫡🫡
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मैं कुछ दिनों के लिए गांव से बाहर जा रहा हूं,
मेरे लौटने तक तुम लोग सारे खेत जोतकर रखना ताकि लौटने पर खेतों में बीज बो सकूं।
बैलों और कुत्तों ने स्वीकृति में सिर हिलाया।
किसान चला गया और बैलों ने किसान के कहे अनुसार खेत जोतना शुरू कर दिया, परंतु कुत्ते आवारागर्दी करते हुए सारा-सारा दिन आवारागर्दी करते रहते।
बैलों ने किसान के लौटने से पहले पूरा खेत जोत दिया।
थोड़ी देर में किसान वापस गांव आया और सीधा खेतों पर पहुंचा तो देखा दोनों कुत्ते मेंड़ पर बैठे हैं और खेतों की जुताई हो गई है, परंतु बैल कहीं नजर नहीं आ रहे थे।
किसान ने कुत्तों से पूछा कि बैल कहां हैं ?
कुत्तों ने कहा- मालिक आप जबसे गए थे तभी से हम लोग खेत जोत रहे हैं और अभी काम पूरा करके मेंड़ पर बैठकर आपका इंतजार कर रहे हैं,
जबकि बैल घर से बाहर निकलकर खेतों की ओर झांकने भी नहीं आए, वह घर पर ही आराम से सो रहे हैं।
मालिक ने खेतों में जाकर देखा तो उसे हर तरफ कुत्तों के पैरों के निशान मिले, वह कुत्तों के उपर बहुत प्रसन्न हुआ और कुत्तों के साथ घर लौटा तो देखा कि बैल घर के बाहर बैठे हुए आराम कर रहे थे।
किसान बैलों के उपर बहुत क्रोधित हुआ और बैलों को रस्सी से बांध कर उनकी पिटाई कर दिया और कुत्तों को खाने के लिए दूध रोटी और मांस के टुकड़े दिए और बैलों को खाने के लिए सुखा हुआ भूसा दिया।
पंडित जी कहते थे कि-
यह जो महात्मा गांधी रोड, नेहरू युनिवर्सिटी इंदिरा एयरपोर्ट और ऐसे अनेकों जगह नेहरू और गांधी का नाम देखते हो ये कुछ वैसे ही कुत्तों के पैरों के निशान हैं।
और वे आजादी के बाद से ही दूध मलाई खा रहे हैं।
जबकि रानी लक्ष्मी बाई, तात्या टोपे, लाला लाजपत राय , वीर सावरकर जी, महारानी अवंतीबाई लोधी सुभाष चन्द्र बोस, रामप्रसाद बिस्मिल, भगतसिंह, चंद्रशेखर आजाद, खुदीराम बोस.....!
जैसे सात लाख बहत्तर हजार असली सेनानियों के परिवार को रुखी-सूखी घास ही मिली है ।
बंधुओं, यही है स्वाधीनता संग्राम में गांधी-नेहरू का योगदान।
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@AlkaSaxena22
*कुछ रंग मधुर परिहास भरे,*
*कुछ रंग नवल-रस-राग भरे,*
*कुछ रंग बसंती फाग भरे,*
*कुछ नव चेतन उल्लास भरे।*
*कुछ गीत रीत मनमीत मधुर,*
*मानस के पुष्प सरस अंकुर*,
*सौंदर्य प्रसारित नैसर्गिक,*
*हो होली सबकी आस मधुर।*
*आप को और आपके परिवार को होली की हार्दिक बधाई
कुल मिलाकर अब मुहम्मद साहब के शत्रु ही मक्का के राजा थे साथ ही उनके बनाये इस्लाम के वकील भी।
अब उम्मा का अर्थ बदल दिया गया यहूदियों को चुन चुनकर मारा गया और सऊदी से भगा दिया गया।
यहूदियों के जाने से अर्थव्यवस्था लड़खड़ा गयी, गरीबी छा गयी अतः गरीबी से ध्यान मोड़ने के लिये उम्मा का नारा और बुलंद किया गया।
इसमें यह जोड़ लिया कि.......
पूरी दुनिया पर इस्लाम का झंडा फहराना है।
#महिला_दिवस विशेष...
वामपंथियों अंबेडकरधारियो के मूंह से अक्सर सुना होगा की कोई #मनुस्मृति पुस्तक है उसे जला देना चाहिए....
हां हम भी कहते है.....
उसे जला दो.... मगर क्या बिना पढ़े ही जला दे...?
कही ये सनातन धर्म की विशालता से जलने का कारण तो नही, बहकावे में आने से पहले एक बार सोचिये.....
फिर उसे पढ़िए फिर कहिये... क्या उचित है..?
शेष कमेंट में पढ़िए... 👇