मेरे काव्य-संग्रह ' तपस ' का विमोचन करने के लिए निदेशक प्रभारी बर्नपुर एवं दुर्गापुर इस्पात संयंत्र श्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह एवं डॉ नविता सिंह सहित सेल प्रबंधन का मैं हृदय से आभार व्यक्त करती हूँ। इस सम्मान व स्नेहाशीष से अभिभूत हूँ। इसके लिए मैं सदा ऋणी रहूँगी.....🙏🙏
उन्हें याद कर
आज भी उड़ेल दिया करते हैं
कप #चाय का ..
जो अक्सर कहा करते थे कि
ज़्यादा #चाय सेहत के लिए
अच्छी नहीं होती ..
मगर यह कहना शायद
कहीं रह गया था कि
ज़्यादा दूरी भी सेहत के लिए
अच्छी नहीं होती..
#अलका_सोनी@AarTee33@AlkaSoniB@Lekhni_@KavyaKriti_
"माता ही शिशु को यह बताती है कि यह विशाल विश्व उसका आत्मीय है, नहीं तो माता उसकी अपनी आत्मीय न हो पाती।"
~ रवींद्रनाथ टैगोर
#मातृ_दिवस 🤱 #लेखनी ✍️
#MothersDay
मां क्या होती है
ये मां बनकर जाना!!
चिंता में बच्चों के जगना,
रात – रात भर
आंखों में कटना !!
ये सब "मामूली" सी बातें,
आज मैंने भी जगकर जाना!!
मां क्या होती है
ये मां बनकर जाना!!
#अलका_सोनी#मदर्स_डे@AarTee33@AlkaSoniB@Lekhni_@KavyaKriti_