@INCIndia "जो उचित समझो, वो करो "
कांग्रेस के हिसाब से गलत क्योकि शायद किसी ने संसद में कहा था बंजर जमीं के लिए क्यों लड़े
बॉर्डर तक रोड बनेगी तो चाइना हमला कर देगा
ये मोदी से भी यही उम्मीद कर रहे है
गांधी के हमलावर का नाम तो बताया, पर सरदार पटेल जी हमला करने वालों के नाम क्यों नहीं बताए ?
जिन्होंने मस्जिद से बाहर निकल सरदार पटेल पर हमला किया था।
हमें सिखाया गया कि MK गांधी की हत्या नाथूराम गोडसे ने की थी,
लेकिन हमें कभी नहीं सिखाया गया कि 14 मई 1939 को भावनगर में सरदार वल्लभभाई पटेल पर किसने हमला किया,
किसने उनकी हत्या करने की कोशिश की, और अदालत ने कितने आरोपियों को फांसी या आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई।
भावनगर में 14 और 15 मई 1939 को भावनगर राज्य प्रजा परिषद का पाँचवाँ अधिवेशन आयोजित होना था, जिसकी अध्यक्षता सरदार वल्लभभाई पटेल करने वाले थे।
जब सरदार पटेल भावनगर पहुँचे, तो रेलवे स्टेशन से एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई।
सरदार पटेल एक खुली जीप में बैठे हुए थे, दोनों ओर खड़ी जनता का अभिवादन स्वीकार कर रहे थे।
जब जुलूस खार गेट चौक पहुँचा, तो नगीना मस्जिद में छिपे हुए झुंड तलवारें, चाकू और भाले लेकर जीप की ओर दौड़ पड़े।
दो युवकों — बच्छुभाई पटेल और जाधवभाई मोदी — ने यह दृश्य देखा।
उन्होंने तुरंत सरदार पटेल को चारों ओर से घेर लिया ताकि उन्हें बचा सकें, और अपनी जान की परवाह किए बिना, वे उन वारों को अपने ऊपर ले लिए जो सरदार पटेल के लिए किए गए थे।
उन्होंने सरदार पटेल की ढाल बनकर अपने प्राणों की आहुति दे दी।
हमलावरों ने दोनों युवकों पर तलवार से कई वार किए — बच्छुभाई पटेल वहीं शहीद हो गए, जबकि जाधवभाई मोदी ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।
आज भी उन वीर युवकों की प्रतिमाएँ उसी स्थान पर स्थापित हैं जहाँ उन्होंने अपने प्राण न्योछावर किए थे।
तत्कालीन ब्रिटिश सरकार ने इस घटना की गहन जांच की और एक विशेष न्यायालय गठित किया।
57 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से:
• आजाद अली
• रुस्तम अली सिपाही — को फांसी की सज़ा सुनाई गई।
निम्नलिखित 15 अपराधियों को आजीवन कारावास की सज़ा दी गई:
• कासिम दोसा घांची
• लतीफ मियां काज़ी
• मोहम्मद करीम सैनिक
• सैयद हुसैन
• चंद्र गुलाब सैनिक
• हाशिम सुमरा ताह
• लुहार मूसा अब्दुल्ला
• अली मियां अहमद मियां सैयद
• अली मामद सुलेमान
• मोहम्मद सुलेमान कुम्भार
• अबू बकर अब्दुल्ला
• लुहार अहमदिया
• मोहम्मद मियां काज़ी
उन्होंने अदालत में कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने कोलकाता में मुस्लिम लीग के खिलाफ भाषण दिया था,
जिसके कारण उनकी हत्या की साजिश रची गई।
यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरदार पटेल की मृत्यु के बाद, नेहरू सरकार ने इस ऐतिहासिक घटना को इतिहास की पुस्तकों से मिटा दिया,
ताकि आने वाली पीढ़ियाँ यह न जान सकें कि सरदार पटेल पर भी एक घातक हमला और हत्या का षड्यंत्र हुआ था।।।
There's no RSS in Bangladesh
There's no BJP in Bangladesh
There's no Modi-Shah in Bangladesh
There's no Ram mandir in Bangladesh
There's no Jai shree Ram slogans and Hindu Majoritarianism in Bangladesh
Then what's provoking Bangladeshi Muslims to k*ll Minority Hindus?
@srinivasiyc इसी फ्रॉड के बल पे लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की सीट बढ़ गयी अब दुबारा नहीं हो पायेगा पुरे देश में चुनाव आयोग SIR की प्रक्रिया करेगा अब अगले 25 वर्षो तक फिर कांग्रेस विपक्ष में रहेगी
@ravish_journo रविश जी बहुत सरे हिन्दू कन्वर्ट हुआ है ये भी होने वाला होगा आप भी तो उसी मानसिकता के है
बाकि जो कट्टर हिन्दू है 11 साल वाले वो देशभक्त होते है हिंसक नहीं