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This year the membership fee of recognized trade unions has been deducted from the salary of the employees in Vadodara division by making fake signatures, kindly request sir to take action on this with immediate effect. and request to the General Manager
जूते महज अभी तक एक ही बार दिए गए हैं ऐसा लगता है प्रशासन ट्रैकमैन से काम तो चाहता है परन्तु रेलवे बोर्ड द्वारा निर्धारित सुविधा देना उन्हे नागवार गुजरा है जिससे साफ पता चलता है कि ट्रैकमैन की जिंदगी उनके लिए कोई मायने नहीं रखती है , pls taken action
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Wr के सभी मंडलों में ट्रैकमैन केडर को रेलवे बोर्ड द्वारा दी जाने वाली सेफ्टी किट के नाम पर रेल सुरक्षा सहित ट्रैकमैन केडर की जिंदगी से खिलवाड़ , वर्ष 2017 से वर्तमान समय तक प्रति छ माह में मिलने वाले 1400 रूपए के निर्धारित
हैं जो कि नहीं चलेगा , सरकार को समय रहते बोनस की घोषणा जल्दी ही करनी होगी अन्यथा कर्मचारी रेल रोको आंदोलन के लिए मजबुर होंगे जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी ।
अपना विश्वास कर्मचारी के प्रति बनाए रखने के लिए जिम्मेदार होंगी और ये उनकी भी भरोसे की घड़ी है अतः बोनस हमारा अधिकार है कोई भीख नहीं इसलिए इसे हम लेकर रहेंगे सरकार के नेताओ को जब अपने भत्ते बढ़ाने होते हैं तब ये झट से बड़ा लेते हैं और अब मेहनत करने वालों के हकों को ही खाना चाहते
बोनस कब आ रहा है , सरकार का ये रवैया बिल्कुल भी मान्य नहीं होगा । रेल कर्मी सरकार से कोई भीख नहीं मांग रहे हैं ये हमारा अधिकार " जिसे सरकार को हरहाल में देना ही होगा ।
"हम अपना अधिकार मांगते नहीं किसी से भीख मांगते"
"जो ना मिला मजदूर का हक तो
22 oct. को होगा फिर रेल का चक्का ठप"
नहीं है ? सरकार द्वारा बोनस की घोषणा अति शीघ्र करनी चाहिए , आखिर क्या कारण है कि जो वास्तव मै देश को चला रहे हैं उन्हीं को सरकार एक एक पैसे बढ़ाने या देने के लिए सोचती है । बोनस कर्मचारी का हक है कोई भीख नहीं
बोनस सरकार द्वारा देना कोई खैरात नहीं है ये कर्मचारी द्वारा पूरे वर्ष में किए गए उसके कार्य का परिणाम है जिस पर कर्मचारी का हक बनता है ।
जब नेता अपनी मन मर्जी से अपना वेतन बड़ा सकते हैं , पांच वर्ष चुने जाने पर पूरी जिंदगी पैंसन खा सकते हैं तो क्या कर्मचारी को अपना पाने का हक
श्रीमान बासद स्थिति रेलवे कॉलोनी की ये हालत पिछले बहुत समय से बनी हुई है आम रास्ता बिल्कुल ही खराब है इसको लेकर कई बार aden - aannd एवं IOW - आनन्द को अवगत करवाया है किन्तु अभी तक इसका कोई समाधान नहीं किया । इसके अलावा रेलवे कॉलोनी में बहुत अधिक जंगल खड़ा हुआ है उसे भी नहीं काटा
इसके बावजूद भी ट्रैकमैन का दुरुपयोग और व्यक्तिगत हित साधने में उपयोग किया जा रहा है airtu ये आह्वान करती है ADEN आंनद के कार्यक्षेत्र की जांच कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही की जाए ।
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आखिर रेलवे बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष श्रीमान अश्वनी लोहनी जी के आदेशों की अभेलना करने वाले अधिकारियों एवं सुपरवाइजर के खिलाफ कार्यवाही क्यों नहीं हो रही है ADEN ANAND के अधीन CPWI कार्यालयों में कई ट्रैकमैन ट्रैक कार्य को छोड़ OFFICE
कार्य में लगे हुए हैं इससे रेलवे सुरक्षा और संरक्षा दोनों खतरे में हैं अगर भविष्य में aden आंनद के कार्य क्षेत्र में रेल दुर्घटना होती है तो इसके सिर्फ और सिर्फ aden आंनद जिम्मेदार होंगे क्युकी 17/08/2012 के बाद ट्रैकमैन 1,2,3,4 हो गए हैं ना कोई trollymam और ना कोई अन्य किन्तु