आज जंतर-मंतर से सैकड़ों छात्रों को हिरासत में लिया गया, जिनमें से लगभग 80 छात्रों को दिल्ली पुलिस छत्रसाल स्टेडियम लेकर गई। उन्हें वहाँ रात लगभग 9 से 9:30 बजे तक रखा गया और उसके बाद अलग-अलग पुलिस वाहनों में बैठाकर विभिन्न पुलिस स्टेशनों में ले जाया गया।
रात लगभग 12:30 बजे से 1 बजे के बीच हमें कुछ छात्रों के परिवारजनों का फोन आया। उन्होंने बताया कि लगभग 6–7 छात्रों को मुखर्जी नगर थाने लाया गया है। परिवार वालों का आरोप था कि उन्हें अपने बच्चों से मिलने नहीं दिया जा रहा, कई छात्रों के फोन तोड़ दिए गए हैं और पुलिस अधिकारी यह तक बताने को तैयार नहीं हैं कि उन्हें केवल हिरासत में लिया गया है या गिरफ्तार किया गया है, अथवा उनके विरुद्ध कोई FIR दर्ज की गई है। यहाँ तक कि वकीलों को भी उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही थी।
रात लगभग 2 बजे हम मुखर्जी नगर थाने पहुँचे। वहाँ जो हुआ, उसे देखकर यकीन करना मुश्किल था कि जिस पुलिस को हम कानून का रक्षक मानते हैं, वह कभी-कभी नागरिकों के अधिकारों के प्रति इतना असंवेदनशील व्यवहार भी कर सकती है।
हमने पहले बिना कैमरा चालू किए लगभग 15 मिनट तक अधिकारियों से बातचीत करने और जानकारी लेने की कोशिश की। लेकिन किसी भी अधिकारी ने कोई उत्तर देने से इनकार कर दिया। मजबूर होकर हमें कैमरा चालू करना पड़ा।
हमने देखा कि छात्रों को अलग-अलग पुलिस वाहनों में बैठाया जा रहा था और उन्हें किसी अन्य स्थान पर ले जाने की तैयारी हो रही थी। जब पूछा गया कि उन्हें कहाँ और क्यों ले जाया जा रहा है, तो कोई स्पष्ट उत्तर नहीं मिला। कई पुलिस अधिकारी कैमरे से अपना चेहरा छिपाते दिखाई दिए। हमने थाना प्रभारी से मिलने की भी कोशिश की, लेकिन उन्होंने भी मिलने से मना कर दिया।
इसी पुलिस स्टेशन में महात्मा गांधी की तस्वीर लगी हुई है और डी.के. बसु (D.K. Basu) दिशानिर्देशों का उल्लेख भी किया गया है। कानून स्पष्ट है—किसी व्यक्ति को हिरासत में लेने पर उसके परिवार को सूचित किया जाना चाहिए और उसे अपनी पसंद के वकील से मिलने तथा कानूनी सलाह लेने का अवसर दिया जाना चाहिए।
पुलिस का कहना था कि छात्रों को मेडिकल परीक्षण के लिए ले जाया जा रहा है। लेकिन यदि उन्हें कई घंटे पहले ही हिरासत में लिया गया था, तो रात 2 बजे अचानक मेडिकल कराने की आवश्यकता क्यों पड़ी? इस प्रश्न का भी किसी के पास कोई उत्तर नहीं था।
यह वीडियो लगभग 17 मिनट का है, लेकिन यदि आप इसे पूरा देखेंगे तो समझ पाएँगे कि किस प्रकार जवाबदेही की जगह केवल “ऊपर से आदेश है” कहकर संवैधानिक और कानूनी दायित्वों से बचने की कोशिश की जाती है।
कई छात्रों ने आशंका व्यक्त की है कि जंतर-मंतर से हिरासत में लिए गए छात्रों के विरुद्ध झूठे या अनुचित FIR दर्ज किए जा रहे हैं। परिवारजनों ने हमें यह भी बताया कि जब उन्होंने पुलिस अधिकारियों से जानकारी माँगी तो उन्हें कहा गया कि “घर चले जाइए, नहीं तो आपके ऊपर भी FIR दर्ज कर दी जाएगी।”
यदि कोई सामान्य नागरिक अपने हिरासत में लिए गए बेटे, बेटी, भाई या बहन से मिलने की भी कोशिश न कर सके और पुलिस का रवैया ऐसा हो, तो सोचिए उन परिवारों पर क्या बीतती होगी।
यदि इस देश के युवा शांतिपूर्ण ढंग से अपने अधिकारों की माँग कर रहे हैं, तो क्या उनके साथ लाठीचार्ज करना और आधी रात को इस प्रकार का व्यवहार करना उचित है? क्या पुलिस की भी कोई जवाबदेही नहीं है?
हर अधिकारी का केवल एक ही उत्तर था - “ऊपर से आदेश है।” लेकिन यह “ऊपर” कौन है? आदेश किसने दिए? और क्या कोई भी आदेश संविधान और कानून से ऊपर हो सकता है?
यह वीडियो लंबा है, लेकिन यदि संभव हो तो इसे पूरा अवश्य देखिए। विशेष रूप से मेरे सभी अधिवक्ता साथियों और कानूनी समुदाय से मेरा आग्रह है कि इस पर अपनी आवाज़ उठाएँ। कानून-व्यवस्था की पहली सीढ़ी एक पुलिस थाना होता है। यदि राजधानी दिल्ली में, हर विरोध प्रदर्शन के दौरान, पुलिस मानवाधिकारों और कानूनी दिशानिर्देशों की अनदेखी करती रहे, तो यह केवल प्रदर्शनकारियों का नहीं बल्कि पूरे विधि-तंत्र का प्रश्न बन जाता है।
यदि देश की राजधानी में यह स्थिति है, तो देश के दूर-दराज़ इलाकों में नागरिकों के साथ क्या हो रहा होगा, इसकी कल्पना की जा सकती है।
सवाल बड़े हैं। लड़ाई लंबी है। लेकिन जहाँ भी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा की आवश्यकता होगी, हम अपने साथियों के साथ खड़े रहेंगे।
#JantarMantar
#StudentVoices
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#NEET
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दिल्ली: लाठी चार्ज के बाद छात्रों ने तोड़े दिल्ली पुलिस के बैरिकेड, पार्लियामेंट के बाहर पहुंचे.
#ParliamentMarch#DelhiPolice#CJP
पूरी वीडियो यहां देखें 👇
https://t.co/jV7r4zwRwn
The point is: this is no way to treat the young people of this country. The young people of this country do not have opportunities. All the doors are closed. The only door open is competitive exams, and that too has been destroyed.
These students here are complaining not just about the education system, but about their future.
🔹 This is much bigger than education. The students of India are saying they have no future in India.
🔹 Dharmendra Pradhan, the Home Minister, and the Prime Minister should resign.
: LoP Shri @RahulGandhi
सिर्फ़ हंगामा खड़ा करना मेरा मक़सद नहीं,
मेरी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए।
हो गई है पीर पर्वत-सी, पिघलनी चाहिए,
इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए।
#संसद_मार्च#जंतर_मंत्र
अभी जंतर-मंतर पर हूँ।
आँखों के सामने जो मंजर है, उसे देखकर रूह कांप रही है और मन पूरी तरह विचलित है।
पुलिस बच्चों को दौड़ा-दौड़ा कर लाठियों से ऐसे पीट रही है, आंसू गैस के गोले छोड़ रही है, जैसे ये देश के दुश्मन हों! आखिर ये बच्चे कर क्या रहे हैं? सिर्फ अपना हक़ ही तो मांग रहे हैं।
ये कैसी बर्बरता है? ये कैसी तानाशाही है? सरकार को सोचना चाहिए कि जिन युवाओं ने वोट देकर आपको चुनकर सत्ता के शिखर पर बैठाया है, आज आप उन्हीं पर लाठियां बरसा रहे हैं।
ये तानाशाही नहीं चलेगी! 💔
#jantarmantar
मोदी भारत के इतिहास के सबसे युवा विरोधी प्रधानमंत्री हैं- इतने युवा विरोधी कि नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी नहीं ले सकते।
जब बच्चों ने शिक्षा के जायज सवाल उठाए तो जवाब में लाठी और हिरासत मिली।
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi
मुझे गहरा अफसोस है कि मैंने कल के वीडियो में मीडिया पर बोला क्योंकि उन्होंने हमें 2 कौड़ी का कहा।
आज सारे दिन सिर्फ वही बात होती रही। और ऐसा डर होने लगा कि इस मीडिया vs YouTube Teachers की बहस में कहीं पेपर लीक जैसा इतना बड़ा मुद्दा धुंधला न हो जाए।
क्योंकि सरकारें तो यही चाहती हैं कि किन्हीं दो पक्षों को लड़ाकर खुद बच जाए।
आप सबसे मेरी गुजारिश है कि अभी हमें सिस्टम ठीक करके ही सांस लेनी है। जो अति पेपर लीक की हो चुकी है, उसका अंत करने का यही सही समय है।
मैं एक बात और जोड़ना चाहूँगा कि मैंने ढाई घंटे से ज्यादा पेपर लीक, परीक्षा व्यवस्था और सिस्टम की खामियों पर बोला था। कृपया उस तरफ भी थोड़ा ध्यान आकर्षित कीजिए।
और रही बात कोचिंग्स की, तो नीचे दिया गया वीडियो देखिए, जो उसी वीडियो का हिस्सा है जिसमें मैंने खुद कुछ कोचिंग संस्थानों के चरित्र और कमियों पर भी खुलकर बात की है। मैंने हमेशा गलत को गलत कहा है।
दूसरा यह भी जान लीजिए कि मैंने अपनी ऑफलाइन कोचिंग्स बंद किए आज 7 साल से ज्यादा हो गए हैं। और ऑनलाइन Abhinay Maths[10lakh+ users] पर इस समय जो भी कोर्स उपलब्ध हैं, वे पूरी तरह निःशुल्क हैं।
हाँ, पिछले कई वर्षों में मैंने छात्रों के हक के लिए अनेक लड़ाइयाँ अदालतों में लड़ी हैं। आप सब जानते हैं कि न्याय पाने के लिए आज बहुत बड़ा आर्थिक खर्च करना पड़ता है। उसी खर्च को वहन करने के लिए मैं कहीं और प्रतिदिन कुछ घंटे काम करता हूँ।
मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण हमेशा छात्र रहे हैं, और आगे भी रहेंगे।YouTube पर लगातार free classes पढ़ा रहा हूँ। महीने में कई करोड़ लोग उन्हें देखते हैं और comment पढ़कर मेरी teaching का आसानी से आकलन कर सकते हैं।
इसलिए मेरी आप सबसे विनम्र प्रार्थना है कि व्यक्ति, मीडिया या YouTube Teachers की बहस में उलझने के बजाय उस असली मुद्दे पर ध्यान केंद्रित रखें, जिसने लाखों युवाओं का भविष्य दांव पर लगा रखा है - पेपर लीक, भर्ती व्यवस्था की खामियाँ और युवाओं के साथ हो रहा अन्याय।
लड़ाई किसी एंकर से नहीं है।लड़ाई उस व्यवस्था से है जिसे ठीक होना चाहिए।
2 साल से रेलवे ग्रुप D भर्ती प्रक्रिया चल रही है, लेकिन अभ्यर्थी अभी भी परिणाम का इंतजार कर रहे हैं।
लाखों युवाओं का भविष्य इस भर्ती से जुड़ा है। रेलवे भर्ती बोर्ड से अनुरोध है कि....
#rrb_groupd_result_do
देश में लगातार पेपर लीक हो रहे हैं, नौजवान आत्महत्या कर रहे हैं और प्रधानमंत्री देश को आम पना बनाने की रेसिपी बता रहे हैं।
जो CBSE के बड़े-बड़े इन्वेस्टिगेटर नहीं कर पाए- वो एक 19 साल के एथिकल हैकर ने कर दिखाया और सरकार का पूरा सिस्टम देश के सामने खोलकर रख दिया।
देश के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के पोस्ट, वीडियो या संदेश निकालकर देख लीजिए 👇
जब आप इन दोनों को सुनेंगे तो समझ आएगा कि जिसे देश चलाने की जिम्मेदारी मिली है, वो आम की वैरायटी गिना रहा है और जो विपक्ष में है उसे नौजवानों की चिंता है।
: AICC मीडिया और पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन @Pawankhera जी
📍 दिल्ली
🚆 RRB Group D 2024 अभ्यर्थियों की एक ही मांग — Result Do!
कई वर्षों की मेहनत, लाखों युवाओं के सपने और अनगिनत उम्मीदें अब जवाब मांग रही हैं। ✊
📢 आइए, 2 जून सुबह 11 बजे Twitter/X पर एकजुट होकर अपनी आवाज़ बुलंद करें।
🔥 जब लाखों अभ्यर्थी एक साथ बोलेंगे, तब व्यवस्था को सुनना ही होगा!
📌 Hashtag:
#rrb_groupd_result_do
Honourable Railway Minister, Millions of candidates have been waiting for a long time for the Railway Recruitment Board (RRB) Group D result. We humbly request that the result be declared as soon as possible. #rrb_groupd_result_do@RailMinIndia@PMOIndia@AshwiniVaishnaw
माननीय रेल मंत्री जी,
लाखों अभ्यर्थी लंबे समय से Railway Recruitment Board Group D रिज़ल्ट का इंतजार कर रहे हैं।
हमारी विनम्र मांग है कि जल्द से जल्द परिणाम जारी किया जाए
#rrb_groupd_result_do