राजकोट में 21 साल की नंदिनी बोसमिया ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. आत्महत्या से पहले उसने सोशल मीडिया पर लिखा, "पापा, मैं जिंदगी की जंग हार गई हूं."
नंदिनी मूल रूप से जेतपुर (गुजरात) की रहने वाली थी और कॉलेज तक पढ़ी थी. वह जूनागढ़ के असलम नामक शादीशुदा युवक के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी.असलम पहले से विवाहित है और उसका एक बेटा भी है. परिवार के विरोध के बावजूद दोनों पिछले कई महीनों से राजकोट में किराए के मकान में साथ रह रहे थे.
नंदिनी के परिजनों का आरोप है कि असलम और उसका परिवार उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे. बहन का दावा है कि असलम ने नंदिनी के गहने गिरवी रख दिए थे और उसे लगातार परेशान करता था.
बहन ने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि असलम ने नंदिनी को बहला-फुसलाकर उसका गर्भाशय निकलवाने का ऑपरेशन करवाया था. नंदिनी ने 2025 में आम आदमी पार्टी (AAP) के टिकट पर जेतपुर-नवागढ़ नगरपालिका चुनाव भी लड़ा था. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
#Rajkot #Crime
I was today buying some things from kirana store. And beside that store there was another store.
And the owner of another store was clining his store because it was morning time but he opened late today.
Then his wife came and started arguing with him. She really shouting out
There were many more things happened but I can't write all.
Ok. There was ine thing. She was carrying a baby. There is thing called PPD postpartum depression. As this husband and wife living alone. She might be depressed. As I can say the husband I don't think would help in