अखिलेश भाई!
अपने 'अहीर’ और ‘जहीर' को कंट्रोल कीजिए महाराज। ये बहुत अति मचाये हुए हैं। समाज का तो अहित कर ही रहे हैं, आपको भी ये निपटा देंगे।
अभी कल की ही घटना देख लीजिए। झांसी में आपका 'अहीर', जो कि सरकारी मास्टर है, उसने एक व्यापारी, जो कि बनिया समाज से आते हैं, उनका अपहरण कर लिया। हालांकि बाबा की पुलिस ने उसको पकड़ लिया है। वहीं हापुड़ में आपका 'जहीर' गोकशी के मामले में एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार हुआ।
जिन अपराधियों को आपने राष्ट्रीय सुहेलदेव सेना की यूनिफार्म की कॉपी करके नीली ड्रेस पहनाई है, उन्हें उसी सुहेलदेव सेना की तरह का अनुशासन भी सिखाइए। नहीं सिखा सकते तो कम से कम एसी में बैठकर पीसी करते हुए उन्हें अपराध न करने की कसम तो खिलवा ही सकते हैं।
नहीं तो आपके 'अहीर और जहीर' आपको 2027 में 27 सीट भी नहीं जीतने देंगे।
जय भारत, जय श्रीराम,जय श्री कृष्ण ,जय परशुराम,जय महाराज सुहेलदेव।
@yadavakhilesh
नगर पंचायत नसीराबाद का विद्युत उपकेंद्र छतोह है और आए दिन बिजली कटौती रहती है जम्फर कटता है केबल जल जाती है एक हफ्ते में दो बार रिले चेंज होता है हद तो यह हो गई है कि पिछले 24 घंटे से अभी तक लाइट ही नहीं है
@aksharmaBharat@myogiadityanath@myogioffice@MVVNLHQ@MvvnlZ
गुरु पूर्णिमा पर जगद्गुरु आदि शंकराचार्य जी के श्रीचरणों में कोटि-कोटि प्रणाम!
अज्ञान के अंधकार को मिटाकर, अद्वैत की अमर ज्योति जगाने वाले आचार्य शंकर शाश्वत-शीतल, ज्ञान-गंभीर एवं भक्ति-भाव-पूरित सनातन चेतना के अमर पुंज हैं। उन्होंने हमें यह शाश्वत सत्य दिया कि हम सब एक ही चेतना के अंग हैं, दूसरा कोई है ही नहीं। वही चेतना मनुष्य में, प्राणियों में, वृक्षों में, नदियों में, पर्वतों में और समस्त सृष्टि में व्याप्त है।
भारत की चारों दिशाओं में चार पीठों की स्थापना कर उन्होंने देश को एक अटूट सांस्कृतिक सूत्र में पिरोया। आज यदि भारत अपनी सनातन चेतना, सांस्कृतिक एकता और आध्यात्मिक अखंडता के साथ विश्व के समक्ष खड़ा है, तो यह पूज्य भगवद्पादाचार्य जी के तप, त्याग और ज्ञान का अमृत-फल है।
वर्तमान में जब विश्व युद्ध, संघर्ष, घृणा और असंतोष की विभीषिका से जूझ रहा है, तब आदि गुरु का अद्वैत दर्शन ही शांति, समन्वय और विश्व-बंधुत्व का पथ प्रदर्शित करता है।