@CJP_for_India Bhai mera bhi karwado... Mera tho ek he ghar hai jisme mai mere bacche or mere maa or papa hai ji ki 70+ hai. Business doob gaya Covid ke baad se. Loan liya 18 lakh ka business ke liye or 3 saal me 40 lakh ho gaya. Plz help me.
Ye dekhiye , aaj tak chaakar kaat raha hu. Mera ek ghar jisme hum rehte hai , financial position theek nahi thi Covid ke baad se business doob gaya , emi default ho gye but principal amount me thodi chooti maangi ki 13 lakh tak le lo jabki mera princial 18 lakh hai... Baad ।e 14 lakh bhi dene ki baat kahi lakin koi sunvai nahi... Har jagh rule or law aa jaata hai comman man ke liye.
@RahulGandhi@RBI
ये बात आम इंसान के भेजे में नहीं जाती है, अमीरों की सरकार है गरीबों के नकार रही सरकार है। मेरा घर भी ARC के पास है सरकार को काफी मेल किया कोई रियायत का मेल नहीं आया, सब ने पल्ला झाड़ लिया, जबकि मै लोन माफ ना करवा के पैसे दे कर चुकता करवाना चाहता हु कि समाज में सम्मान बना रहे लेकिन आम आदमी की कोई सुनवाई कहा है।
@PMOIndia@RBI@DFS_India@AmitShahOffice@nsitharaman
सुभाष चंद्रा ने क्या खेल खेला है…
सरल शब्दों में समझिए…
सुभाष चंद्रा की दो कम्पनियाँ है…
Zee और Essel group
Essel group ने अलग अलग बैंकों, फ़ाइनेंशियल ग्रूप से 22,000 करोड़ का लोन लिया…
इस पूरे लोन की पर्सनल गारंटी दी सुभाष चंद्रा ने…
गारंटी के वक़्त कहा गया कि मेरी नेट वर्थ है 40,000 करोड़…
जब लोन चुकाने का वक़्त आया तो सुभाष चंद्रा पलटी मार गए…
कहने लगे मेरी संपत्ति केवल 31 करोड़ ही है…
मैं केवल 6 करोड़ चुका सकता हूँ… चाहो तो 6 करोड़ मे लोन सेटल कर लो….
अब सुनिए नियम क्या कहता है…??
लोन देने वाली अलग अलग बैंक और फ़ाइनेंशियल ग्रूप में से 75% ग्रूप अगर कोई आपत्ति दर्ज नहीं करवाते हैं…
तो लोन 6 करोड़ में सेटल हो जाएगा…
अब यहीं सुभाष चंद्रा ने सबसे बड़ा खेल किया हैं…
22,000 करोड़ के लोन में 4223 करोड़ रुपये…
LIC, HDFC, Axis bank, Canara bank इत्यादि बैंकों से लिया गया था…
बाक़ी 17783 करोड़ रुपये अपनी ही फ़ाइनेंशियल कम्पनियों और कुछ पर्सनल लोगों से लिया गया था…
अब जो अपनी खुद की फ़ाइनेंशियल कम्पनियाँ और व्यक्तिगत स्तर पर लोगों से लोन लिया गया था…
ये बनता है 80%
इन सबको व्यक्तिगत स्तर पर लोन चुका दिया…
और कोर्ट में इन सब फ़ाइनेंशियल ग्रूप ने कह दिया कि हमें 6 करोड़ के सेटलमेंट से कोई आपत्ति नहीं है…
बैंक वाले केवल 20% थे… वो बेचारे मुँह ताक़तें रहे…
मतलब कुल मिलकर नियमों में उलझाकर, सुभाष चंद्रा ने बैंकों के 4223 रुपये डकार लिए…
ग़ज़ब का खिलाड़ी निकले ये सुभाष चंद्रा…
और रही सरकार के सपोर्ट की… तो पिछले दस सालों में इतनी चाटुकारिता तो की है
कि सरकार का फ़ुल सपोर्ट है चंद्रा साहब को…!!!
@RBI@PMOIndia@DFS_India
कर्ज़दारों की आवाज़ — कर्ज़ से मुक्ति और न्याय का अभियान
भारत में कर्ज़ आज करोड़ों परिवारों और छोटे कारोबारियों की आर्थिक ज़िंदगी का हिस्सा बन चुका है। मार्च 2026 तक लगभग 25 करोड़ भारतीयों के पास सक्रिय formal retail credit था।
कर्ज़ लेना कोई अपराध नहीं है। बीमारी, व्यापार में नुकसान, नौकरी छूटना, आर्थिक मंदी, पारिवारिक जिम्मेदारियाँ या किसी अन्य मजबूरी के कारण एक ईमानदार कर्ज़दार कभी-कभी भुगतान करने में असमर्थ हो सकता है।
हमारा उद्देश्य कर्ज़ से भागना नहीं, बल्कि कर्ज़दार को न्यायपूर्ण रास्ता दिलाना है।
हम मांग करते हैं:
• पारदर्शी और निष्पक्ष loan recovery
• उचित और व्यावहारिक settlement/OTS के अवसर
• सम्मानजनक व्यवहार
• जबरदस्ती और अनुचित वसूली के विरुद्ध सुरक्षा
• कर्ज़दार की वास्तविक आर्थिक स्थिति पर विचार
• NBFC, बैंक और ARC की जवाबदेही
• ईमानदार कर्ज़दारों के लिए पुनर्गठन और राहत के उचित विकल्प
कर्ज़दार होना अपराध नहीं है।
कर्ज़ में फँस जाना किसी व्यक्ति की पूरी जिंदगी खत्म नहीं कर देता।
हमारी आवाज़ किसी संस्था के विरुद्ध नहीं, बल्कि न्यायपूर्ण, पारदर्शी और मानवीय credit-recovery व्यवस्था के पक्ष में है।
🇮🇳 एक आवाज़ — करोड़ों कर्ज़दारों के अधिकार के लिए।
“कर्ज़ से मुक्ति, सम्मान के साथ नई शुरुआत — यही हमारा अभियान है।”
@hdbfs@pmoindia