मैं फर्जी शराबबंदी पर इसलिए लिखता हूँ ताकि आने वाली पीढ़ी ये न कहे कि घटिया, गरीबों पर अत्याचार करने वाला कानून बना और हम चुप रहे
हज़ारों महिलाएँ विधवा हुईं,10 लाख लोग जेल गए, और आम जनता की हज़ारों करोड़ की जमा पूँजी कचहरी और फाइन भरते बर्बाद हो गई
गलत चीज़ पर चुप बैठना कायरता है
भाजपा सरकार को यह समझना चाहिए कि यदि भरत भूषण तिवारी मामले में निष्पक्ष और पारदर्शी कार्रवाई नहीं हुई, और लोगों को लगा कि मामले की लीपापोती की जा रही है, तो इसका राजनीतिक असर चुनावों में देखने को मिल सकता है। जनता न्याय और जवाबदेही की अपेक्षा करती है।
#bharartiwarimurder
भोजपुर के बिलौटी में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर जन सुराज के नेता किशोर कुमार ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर सीधा हमला बोला है. उन्होंने सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस पूरे मामले में केवल दो दारोगा और पांच छोटे पुलिसकर्मियों को सस्पेंड या बलि का बकरा बनाकर मामले को दबाने की कोशिश न की जाए. किशोर कुमार ने मुख्यमंत्री से तीखा सवाल किया कि इस गंभीर घटना के पीछे जिन वरीय अधिकारियों की लापरवाही या शह रही है, उन दोषी एसपी (SP) और डीएसपी (DSP) पर सरकार कब और क्या कार्रवाई करने जा रही है? उन्होंने मांग की कि जब तक शीर्ष स्तर के अधिकारियों पर गाज नहीं गिरती, तब तक पीड़ित परिवार को निष्पक्ष न्याय मिलना असंभव है....
#BharatTiwari #BharatTiwariEncounter #JanSuraaj #FakeEncounterBihar #LawAndOrderBihar #BiharPolice #BiharPoliceNews #BhojpurNews #Bhojpur #Arrah #ArrahNews #Patna #PatnaNews #Bihar #BiharNews #LiveCities
भरत तिवारी की हत्या होना बिल्कुल गलत था। इस मामले में भोजपुर एसपी की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय को स्वयं संज्ञान लेकर मामले की जांच सुनिश्चित करनी चाहिए ताकि सत्य सामने आ सके और दोषियों पर कार्रवाई हो सके।
#bhojpurmurder#bharattiwari
@Bihar_se_hai भगत सिंह ने बम किसी की हत्या के लिए नहीं, अपनी आवाज़ सरकार तक पहुँचाने के लिए फेंका था। उसी तरह भारत तिवारी ने भी हथियार किसी को मारने के लिए नहीं, बल्कि अपनी बात प्रशासन तक पहुँचाने के लिए उठाया था। यदि उसने आत्मसमर्पण कर दिया था, तो उसे न्याय मिलना चाहिए था, मौत नहीं।
@firstbiharnews भगत सिंह ने बम किसी की हत्या के लिए नहीं, अपनी आवाज़ सरकार तक पहुँचाने के लिए फेंका था। उसी तरह भारत तिवारी ने भी हथियार किसी को मारने के लिए नहीं, बल्कि अपनी बात प्रशासन तक पहुँचाने के लिए उठाया था। यदि उसने आत्मसमर्पण कर दिया था, तो उसे न्याय मिलना चाहिए था, मौत नहीं।
@jitanrmanjhi@samrat4bjp@bihar_police@bhojpur_police भगत सिंह ने बम किसी की हत्या के लिए नहीं, अपनी आवाज़ सरकार तक पहुँचाने के लिए फेंका था। उसी तरह भारत तिवारी ने भी हथियार किसी को मारने के लिए नहीं, बल्कि अपनी बात प्रशासन तक पहुँचाने के लिए उठाया था। यदि उसने आत्मसमर्पण कर दिया था, तो उसे न्याय मिलना चाहिए था, मौत नहीं।
@gautamthakurx भारत तिवारी की हत्या करने वाले पुलिसकर्मियों पर यदि कार्रवाई हुई, तो इस मामले में कुछ IAS और IPS अधिकारियों की भूमिका की भी जांच हो सकती है। इसी कारण कार्रवाई की संभावना बहुत कम दिखाई देती है।
@VoiceOfBrahmins भारत तिवारी की हत्या करने वाले पुलिसकर्मियों पर यदि कार्रवाई हुई, तो इस मामले में कुछ IAS और IPS अधिकारियों की भूमिका की भी जांच हो सकती है। इसी कारण कार्रवाई की संभावना बहुत कम दिखाई देती है।
@Thebihar_in भारत तिवारी की हत्या करने वाले पुलिसकर्मियों पर यदि कार्रवाई हुई, तो इस मामले में कुछ IAS और IPS अधिकारियों की भूमिका की भी जांच हो सकती है। इसी कारण कार्रवाई की संभावना बहुत कम दिखाई देती है।
@RatanRanjan_ भारत तिवारी की हत्या करने वाले पुलिसकर्मियों पर यदि कार्रवाई हुई, तो इस मामले में कुछ IAS और IPS अधिकारियों की भूमिका की भी जांच हो सकती है। इसी कारण कार्रवाई की संभावना बहुत कम दिखाई देती है।