श्री आशा राम चौधरी ASP नागौर* के निर्देशन में *ऑपरेशन नशा मुक्त नागौर* अभियान के तहत कस्बा नागौर से *आरोपी हस्तीमल को गिरफ्तार कर, लगभग 2.60 लाख रूपये कीमतन 520 ग्राम अवैध मादक पदार्थ अफीम जब्त किया गया।
@IgpAjmer@PoliceRajasthan
श्री आशा राम चौधरी ASP नागौर के निर्देशन में वांछित अपराधियों की धरपकड़ अभियान के तहत 06 माह से फरार अवैध मादक पदार्थ सप्लायर आरोपी विक्रमसिंह को किया गिरफ्तार।
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दावा- हूती विद्रोहियों का सऊदी अरब की रिफाइनरी पर हमला: 3 बैलिस्टिक मिसाइलों से अरामको को निशाना बनाया, यह देश की 5वीं सबसे बड़ी ऑयल फैसिलिटी
#IranWar#IranIsraelWar#America
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भारत की सीमा की रक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले सभी वीर जवानों को कारगिल विजय दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि।
देश आपके साहस, शौर्य और सर्वोच्च बलिदान का सदैव ऋणी रहेगा।
BREAKING
UN ने छात्र प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ हिंसा को लेकर मोदी सरकार की कड़ी आलोचना की।
“शांतिपूर्ण ढंग से विरोध करने वाले लोगों के अधिकारों की रक्षा होनी चाहिए, बिना गिरफ़्तारी या उत्पीड़न के डर के।” 🔥
मोदी सरकार की तानाशाही के कारण भारत के लिए एक और वैश्विक शर्मिंदगी।
"बदलना होगा चौथे स्तंभ को अपना किरदार,अब जनहित के मुद्दों पर ही होगी बात आर-पार।अगर वक्त रहते खुद को न सुधारा तुमने,तो तय है कि अगली बार गिरेगी तुम पर ही गाज!"
#DharmendraPradhan
धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे ने इतिहास रच दिया है . Gen Z ने मोदी को घुटनों के बल झुका दिया है .
इसके साथ ही सरकार को हमेशा कवर फायर देने न्यूज चैनलों का भी मुंह काला हुआ है .
बेशर्मी का लबादा ओढ़कर दिन रात मोदी की सत्ता की चाटुकारिता करने एडिटर, ऐंकर और रिपोर्टर इस प्रोटेस्ट के फ्लॉप होने का इंतज़ार कर रहे थे , इसे बदनाम करने की मुहिम में जुटे थे , वो सब आज सोने से पहले आईना में अपना चेहरा जरूर देखें
मोदी जी, अपने "फ्रैंड" को एक मंत्रालय से हटाकर दूसरे में बैठाकर बचाने की आपकी साज़िश देश के छात्रों और भारत की जनता को मंज़ूर नहीं।
धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार और देश की education system की बर्बादी के चिन्ह और अनेक छात्रों की मौतों के ज़िम्मेदार हैं।
उन्हें अब किसी और की ज़िंदगी उजाड़ने नहीं देंगे। धर्मेंद्र प्रधान को कैबिनेट से जाना ही पड़ेगा - ये non-negotiable demand है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा होना यानी छात्रों और नौजवानों की आवाज़ सुनी गई है। यह जवाबदेही पहले ही तय हो जानी चाहिए थी।
जिन छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है, उन्हें न्याय मिलना चाहिए। जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खोया है, उनके इस नुकसान की भरपाई कभी भी नहीं की जा सकती।
सरकार को झुकना पड़ा और शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेना पड़ा है। यह युवाशक्ति की जीत है।
प्रधानमंत्री मोदी और केंद्र सरकार को छात्रों से माफ़ी मांगनी चाहिए तथा इस पूरे मामले के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
@RahulGandhi
#Bikane: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद बीकानेर में कांग्रेस का विजयी जुलूस
गांधी पार्क से अम्बेडकर सर्किल तक निकाला पैदल मार्च, कांग्रेस नेता बोले-"युवाओं के संघर्ष की जीत...
#RajasthanWithFirstIndia@kunwarraghav
पहली बार किसी रिपोर्टर को ' इंकलाब
ज़िंदाबाद ' जैसे नारे पर एतराज करते देख रहा हूं.
ABP न्यूज की इस रिपोर्टर को इंकलाब ज़िंदाबाद जैसे नारे से दिक्कत है ?
टीवी चैनल का माइक थामने से पहले थोड़ी बहुत तो पढ़ाई की होगी ?
या बस ऐसे ही ?
आज़ादी की लड़ाई के वक्त हसरत मोहानी ने पहली बार ये नारा दिया था. भगत सिंह जैसे देशभक्त ये नारा लगाया करते थे . आज भी सत्ता और सिस्टम के खिलाफ सबसे बुलंद नारा है - इंकलाब जिंदाबाद