इलाहाबाद के युवाओ की क्रांति देखिए। ट्रेन कैंसिल करने पर सड़को पर उतर कर एलान कर रहे हैं की जो भी लोग दिल्ली के जंतर मंतर नहीं जा पाए वो कल सुबह इलाहाबाद चौराहे पर आकर अपना समर्थन दे। जिस देश में ऐसे युवा हो उस देश में किसी भी तानाशाह का अब बेहद गिनती का दिन बचा है। इंक़लाब ज़िंदाबाद साथियों। खून में ये क्रांति जगाये रखना। हम सब साथ हैं।
इतना जातिमोह?
दलितों पिछड़ों की हत्या कर रहे हैं यूपी में ठाकुर
ब्राह्मणों की हत्या कर रहे हैं यूपी में ठाकुर
गुंडे ठाकुरों से बच गए तो पुलिस मार डालती है
ये है सुशासन? ये हैं दावे? शर्म करें
यूँ ही नहीं भाजपा लोकसभा में बुरी तरह से हारी है, ये मुख्यमंत्री ठाकुर बिष्ट आदित्यनाथ के सुबह जल्दी उठकर ठाकुरवाद करने का दुष्परिणाम है
दिव्या श्रीवास्तव ने 2 दिन पहले न्यूज चैनल ज्वाइन किया था, जहाँ से उन्हें निकाल दिया है
मेरी दिव्या को 2 सलाह है,
पहली, उस चैनल का नाम सार्वजनिक रूप से बताना चाहिए, जिसने दवाब मे नौकरी से निकाल दिया, लोगो को पता चलना चाहिए कि न्यूज चैनल किस तरह सत्ता के दवाब मे काम करते है
दूसरा, अपना youtube चैनल बनाकर फ्रीलांस पत्रकारिता शुरू करे, कई लोगो ने ऐसे ही शुरुआत क़ी है, किसी का आर्डर नहीं, किसी का दवाब नहीं,
मेन स्ट्रीम मिडिया सरकार की गुलाम है, असली पत्रकारिता फ्रीलांस जर्नलिस्ट कर रहे है
सोशल मिडिया को अपनी ताकत बनाओ, जनता भी अब जागरूक हो चुकी है, सपोर्ट करेंगी
डरना मत, जनता आपके साथ है. ✊
All the Best Divya Shrivastva
Super Exclusive-
योगी से सवाल की ऐसी सज़ा दी!
महिला पत्रकार रो पड़ी!!
प्रेस कॉन्फ्रेंस में योगी आदित्यनाथ से सवाल पूछने वाली दिव्या श्रीवास्तव का इंटरव्यू।
सुनेंगे तो सिहर उठेंगे।
"मैने योगी आदित्यनाथ से एक सवाल पूछा था।
मुझे बीजेपी दफ्तर में घेर लिया। बहुत धमकाया।
कहा- बुलडोजर चलेगा घर पर।
LIU पीछे पड़ी है।
मुझे चैनल से भी निकाल दिया गया।
मैं अब कहीं नहीं हूं।
मैं बहुत डरी हुई हूं।"
सवालों से भागते योगी आदित्यनाथ
BJP वालों को सवालों से बहुत डर लगता है। कभी मोदी भागने लगते हैं, कभी योगी भागने लगते हैं।
काम ही ऐसे किए हैं, डरना तो बनता है।
उत्तर प्रदेश सीएम 'योगी आदित्यनाथ' से सवाल पूछने वाली महिला पत्रकार 'दिव्या श्रीवास्तव' को कुछ घंटे में ही नौकरी से निकाल दिया गया !
एक इंटरव्यू में महिला पत्रकार ने जानकारी दी
तहसील दिवस पर टोपी के अंदर मोबाइल रखकर खुफिया फाइल पढ़ते दरोगा जी।
UP सरकार से निवेदन है—इनकी प्रतिभा को देखते हुए सीधे CBI में प्रमोशन दिया जाए!
📍आजमगढ़
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#iBRICS2026
बड़ी ख़बर-
योगी आदित्यनाथ की प्रेस कांफ्रेंस में ‘लोकतांत्रिक’ बवाल हो गया।
एक महिला पत्रकार ने योगी आदित्यनाथ से सवाल पूछ लिया।
योगी आदित्यनाथ अवाक रह गए।
अगले प्रधानमंत्री बनने की धुन में उनकी बिना कोई सवाल लिए प्रेस कॉंफ्रेंस करने की आदत हो गई थी।
महिला पत्रकार के सवाल से हतप्रभ योगी आदित्यनाथ तुरंत चलते बने।
इस बीच महिला पत्रकार चीखती रही,
"मुख्यमंत्री जी, प्रेस वार्ता के लिए बुलाया है तो सवाल तो लेते जाइए।
ये प्रेस वार्ता है। मुख्यमंत्री जी!
प्रेस का जवाब नहीं दे पा रहे हैं आप। फिर बुलाया किसलिए था?"
सूचना के 'विशाल' तंत्र के होश फाख्ता हो गए।
लखनऊ ने एक नई सुबह देखी।
बिना कोई सवाल लिए, बिना किसी जवाबदेही के,
सिर्फ पुलिस की लाठी के दम पर राज करने वाले तंत्र का ऐतिहासिक पर्दाफाश हुआ।
कलम बधाई की पात्र है।
लेखपाल ने कहा- एक रात के लिए बेटी भेज दो!🙂
ये #नीलम_द्विवेदी है। लगातार बारिश की वजह से इनका घर गिर गया। मुआवजे के लिए तहसील में आवेदन दिया तो जांच करने लेखपाल दिनेश कुमार "सविता" घर पहुंचे।
लेखपाल ने जांच के बाद कहा- घर गिर गया है, मुआवजा तो मिल जाएगा, लेकिन थोड़ा खर्चा-पानी दे दीजिए।
नीलम की मम्मी ने कहा- “भैया, घर में कोई कमाने वाला नहीं है, पैसे नहीं हैं।”
इसके बाद लेखपाल ने जो कहा, वह सुनकर इंसानियत भी शर्मिंदा हो जाए-
“पैसा नहीं है तो एक रात के लिए अपनी बेटी नीलम को भेज दीजिए, बाकी मैं सब देख लूंगा।” 🙂
रायबरेली उत्तर-प्रदेश!
तत्काल निलंबन हो, बर्ख़ास्तगी हो और ऐसा दंड मिले कि कोई दूसरा अधिकारी फिर कभी ऐसी हिम्मत और दुस्साहस न कर सके।
‘नारी वंदन’ का ढोंग करनेवाली भाजपा सरकार है भी या नहीं।
और कुछ नहीं कहना है।
वसूली में फंसे सिपाही,सेवा समाप्त की तैयारी..
उत्तर प्रदेश में पहली बार शायद ऐसा होगा जब किसी करप्शन के मामले में सीधे नौकरी से बर्खास्त किया जाएगा। यूपी के शाहजहांपुर में सर्राफ से वसूली में फंसे चारों सिपाहियों पर गिरेगी गाज,सेवा होगी समाप्त।दरअसल चार सिपाहियों ने सर्राफा व्यवयायी को स्मैक के मामले में फंसाने और धमकाने का मामला सही पाया गया है.फंसे चारों सिपाहियों ने दो लाख रूपये मांगें थे.मामले के खुलासे के बाद अब उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। पुलिस ने उनकी सेवा समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।मामले की विवेचना में सर्राफा की अपने पिता से हुई बातचीत की काल रिकॉर्डिंग को भी अहम साक्ष्य के रूप में शामिल किया जाएगा।एसपी सौरभ दीक्षित ने बताया कि जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।इधर एसओजी के पहुंचने से पहले नामजद मेरठ निवासी सिपाही अरुण चित्तौड़िया और तुपार गिरफ्तारी से बचने के लिए दिल्ली भाग गए। दोनों वहां अपने परिचितों के माध्यम से अधिवक्ताओं से संपर्क कर अग्रिम जमानत लेने की कोशिश में थे।लोकेशन के आधार पर एसओजी दिल्ली पहुंची,लेकिन दोनों सिपाही वहां से निकल गए।पुलिस अब उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। क्या लगता है आने वाले समय में इस प्रकार से करप्शन के बाद सेवा समाप्ति की प्रक्रिया सही फैसला साबित होगा.