मूल बात क्या है? मूल बात है कि गोदी मीडिया लोकतंत्र का हत्यारा है।
आप अगर-मगर के सहारे इससे नहीं बच सकते। कुछ अच्छे लोग हमेशा हैं, रहेंगे।उन्हें निशाना मत बनाइये, हिंसा और हुड़दंग नहीं होनी चाहिए। तब भी गोदी मीडिया की सच्चाई नहीं बदल जाएगी। जनता को हर दिन जागना होगा। आज इस मीडिया पर आप गर्व नहीं कर सकते. इसके न्यूज़ रूम के लोग भी शर्म से सहमे रहते हैं। अभी भी ज़रूरत है कि देश की हर पंचायत में पोस्टर लगना चाहिए कि गोदी मीडिया लोकतंत्र का हत्यारा है।हर पार्टी के दफ्तर के बाहर यह पोस्टर लगा होना चाहिए। एयर पोर्ट पर स्पेस ख़रीद कर यह नारा लिखा जाना चाहिए। लोगों को अपनी कार के पीछे लिखना चाहिए। इस गोदी मीडिया ने लोकतंत्र के हर कोने में सड़न पैदा कर दी है। इसके कारण कुर्सी पर बैठा हर शख़्स ख़ुद को ख़ुदा समझ बैठा है। सांसद तक लूटे जा रहे हैं। विपक्षी पार्टियाँ लूट ली जा रही हैं। वोट का अधिकार छीना गया है। इसी मीडिया के सामने। इसलिए मूल बात है कि गोदी मीडिया लोकतंत्र का हत्यारा है।
बचे खुचे पुराने चेहरों से कब तक ‘ख़ुद का चेहरा’ बचाने की, ख़ुद को Shield करने की कोशिश करता रहेगा नया NDTV… और इन पुराने चेहरों को ख़तरे में डालता रहेगा!
जिन चेहरों के साथ अपनी Branding की है उनको उतारना चाहिए मैदान में। है वो नैतिक बल? हालाँकि मैं तो यही सुझाव दूँगा कि स्टुडियो में बिठा कर ही अपना एजेंडा चलाते रहें क्योंकि किसी को भी ख़तरे में नहीं डालना चाहिए।
ऐसा जहर लोगों के मन में भर दिया गया है कि, किसी भी पत्रकार के लिए गोदी मीडिया हाय-हाय के नारे लगा दो। यह फासीवादी प्रवृत्ति है। रवीश रंजन शुक्ला शानदार रिपोर्टर है और हमने 2001 के महाकुम्भ में प्रयागराज में साथ में रिपोर्टिंग की है। रवीश जैसा सुलझा रिपोर्टर भी गोदी मीडिया लगने लगे तो समझ जाना चाहिए कि, जहर लोगों के दिमाग में कैसे प्रवेश कर गया है।
दुबे अंकल,
हुई ना चिंता हुई न अपने बच्चे की आज मालूम चला ना कि एग्जाम में बच्चा 30 मिनट लेट होता है तो एक बाप को कितनी तकलीफ होती है।
NEET से प्रभावित लाखों बच्चों के पिताओं को भी ये तकलीफ हुई थी।
कल से दो अख़बार लेना बंद कर रहा हूँ. उनमे एक हिंदी और दूसरा अंग्रेजी है.
दोनों ने जंतर मंतर पर हमारे लिए लड़ रहे निर्दोष आंदोलनकारियों को उपद्रवी लिखा है
यह झूठा भ्रम मत फैलाएं और जो एकता देश में बनी हैं उसपर कुठाराघात न करें !
आज़ कांग्रेस सेवादल ने CJP आंदोलनकारियों के लिए नाश्ता तैयार किया हमारी मदद कर रहें हैं !
और श्री राहुल गांधी जी ने जो किया है उससे यह स्पष्ट है कि पुरा देश अब सरकार पर दबाव बना रहा है।
नेता विपक्ष अपना कर्तव्य निर्वहन कर रहे हैं।
मध्य प्रदेश से आए इस छात्र की बात सुनिए…
बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर वह जंतर-मंतर पहुंचा। सफर के दौरान कभी मूंगफली के दानों से पेट भरना पड़ा, लेकिन हौसला नहीं टूटा। जब छात्र ऐसे जज़्बे के साथ अपनी आवाज़ उठाते हैं, तो उनकी बात दूर तक सुनाई देती है...
शिक्षा व्यवस्था बचाने की ख़ातिर मध्य प्रदेश से आए एक छात्र को सुनिए और देखिए… मूँगफली के बचे खुचे दाने खाकर जुटा जंतर मंतर पर… जब इस तरह से छात्र जुड़ते हैं तो बात दूर तलक जाती है…