छत्तीसगढ़ में फिल्म देखकर आ रहे इस नौजवान को टीआई चंद्रजीत साहू ने रोक लिया। थप्पड़ मारा। पत्नी और बेटी साथ थी। युवक गुस्से से भर गया। वीडियो बना रहा, उस वीडियो में भी टीआई कह रहा- तुम क्यों बोल रहा। मतलब थप्पड़ मारा है और इज्जत भी चाहता है।
वीडियो वायरल हुआ, लगा कि इन पुलिसवालों पर कार्रवाई होगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। अब उस नौजवान एस. किशोर की ही जांच की जा रही। शायद इसलिए ताकि आगे कोई इस तरह से वीडियो न बनाए। पुलिस मारती है तो मार खाकर घर चला जाए।
ऐसे मामलों में मुख्यमंत्री और गृहमंत्री तक को हस्तक्षेप करना चाहिए। उस नौजवान को पक्ष लेना चाहिए जिसने वीडियो बनाकर इनके कुकृत्य को उजागर करने की हिम्मत दिखाई।
फैज़ल खान UP के देवरिया का रहने वाला है,
खुद उसके चाचा इमरान कह रहे हैँ कि
फैजल खान ने गाँव में लोगों की जमीन पर कब्जा कर रखा है, बहुत ही गंदी प्रवृति का आदमी है,
नटवरलाल है पूरा,
कुल मिलाकर पूरा दुष्ट आदमी है,
“खाना खाईं, या तलवे चाट कर आईं”…….
अंजना ओम कश्यप या मीडिया का विरोध या समर्थन अपनी जगह…..!
लेकिन दिल पर हाथ रखकर सोचिए ये एक शिक्षक की भाषा है या लफंगों वाली?
फैजल ख़ान अपने घर की महिलाओं के लिए ऐसी शब्दावली का उपयोग कर सकते हैं क्या? ये आदमी कॉमेडी करने के चक्कर में शिक्षकों की गरिमा को तार-तार कर रहा है।
मैं कोचिंग इंस्टिट्यूट और U Tube से शिक्षा के सख़्त ख़िलाफ़ हूँ ।
अच्छी किताब के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं है ।
इसकी जगह बच्चों की स्कूली शिक्षा को बेहतर बनाया जाए ।
कोचिंग इंस्टिट्यूट गरीब विरोधी और शिक्षा के माफियाकरण का प्रतीक बन गया है ।
शिक्षा को धंधा बना दिया गया है ।
कोचिंग इंस्टिट्यूट फौरन बंद हो ।
मासूम बच्चे और उनके माता-पिता की गाढ़ी मेहनत की कमाई का पैसा लूटने वाले कुछ कोचिंग सेंटर के सेलिब्रिटी टीचर्स आज भाड़े के वीडियो बना बनाकर ज्ञान दे रहे हैं। सार्वजनिक रूप से महिलाओं को गाली देने वाले, उनकी नक़ल उतारने वाले ये छिछले यूट्यूबर बच्चों की कड़ी मेहनत पर अपनी दुकान सजाते हैं। असल हीरो बच्चे हैं, ये माँ बाप की मेहनत की कमाई के लुटेरे कितना भी कूदें, देशभर के बच्चों को live जोड़कर हमने पेपर लीक के पिड़ित बच्चों को आवाज़ दी तो इनके स्टारडम को बड़ा धक्का लगा है! शिक्षा को धंधा बनाने वालों को दर्द हो तो अच्छा है।वैसे कोचिंग माफिया के खिलाफ मेरा विडियो वायरल करने के लिए धन्यवाद! मेरे शो पर सभी panelist ने बोला कि कोचिंग माफिया पर नकेल कसी जाए।
सचिन तेंदुलकर की पहली वनडे शतक उनके पदार्पण के सात आठ साल बाद आई।
आंकड़े देख के जज करने वाले उन्हें इसलिए कमतर कह सकते हैं।
पर जिन्होंने सचिन की शुरुआत देखी है।
वो इस बात पर सिर्फ हंस देंगे।
अब्दुल कादिर पर तीन छक्कों के बाद सचिन सबसे बड़े क्रिकेट स्टार बन चुके थे और जिसने 1989 से 1999 के सचिन को नहीं देखा, वो समझ भी नहीं पाएंगे कि सचिन आज भी इतने बड़े क्यों माने जाते हैं।
सचिन ने जिस युग में शुरुआत की थी तब बल्लेबाजी में 250 रन मैच जिताऊ स्कोर होता था और 90 स्ट्राइक रेट से खेलने वाला विध्वंसक बल्लेबाज माना जाता था।
बिल्कुल शब्दशः सचिन के टीम में आने के बाद उनके ऊपर ही सारी जिम्मेदारी मानी जाती थी।
उन्हें कम रन बनाने पर बहुत गालियाँ भी देते थे लोग टीवी के आगे बैठ कर।
उनसे गेंदबाजी में भी अच्छे की उम्मीद होती थी और सचिन के आउट होने के बाद टीवी बंद होता हो या न होता हो, खुद मेरे घर में लोग इधर उधर हो जाते थे।
जब 92 के विश्वकप में बॉथम ने सचिन को फंसा कर आउट किया था तब उनका सेलिब्रेशन बता रहा था कि मात्र 3 साल पुराने सचिन क्या हैं अभी।
सचिन की लोकप्रियता इतनी थी कि उन्हें अपना भेस बदल के इंग्लैंड में घूमना पड़ता था जब काउंटी खेलने गए
साढ़े तीन दशक बाद भारत को सचिन जैसा ही कम उम्र में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाला एक खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी मिला है। जिसकी बल्लेबाजी देखने लोग टीवी खोलते हैं और जिसके आउट होने के बाद उन्हें मैच में इंट्रेस्ट नहीं रहता।
और इसे अगर जल्द इंटरनेशनल न खिलाया गया तो ये उसके और भारतीय क्रिकेट प्रेमियों दोनों के साथ अन्याय होगा।
#WATCH | Murshidabad, West Bengal: Three people suspected of illegally entering India from Bangladesh have been lodged at the newly set up Lalgola Holding Centre for foreign nationals in Murshidabad district.
घुसपैठ और अन्य कारणों से Unnatural Demographic Change किसी भी राष्ट्र के वर्तमान व भविष्य के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती है।
इसी चुनौती से निपटने के लिए 15 अगस्त 2025 को प्रधानमंत्री @narendramodi जी ने ‘High-Level Committee on Demographic Change’ की घोषणा की थी। मुझे बताते हुए हर्ष हो रहा है कि सरकार ने इस कमिटी का गठन कर लिया है।
जस्टिस प्रकाश प्रभाकर नावलेकर (सेवानिवृत्त) की अध्यक्षता में बनी इस कमिटी में जनगणना आयुक्त के साथ श्री दुर्गा शंकर मिश्रा (Retd IAS), श्री बालाजी श्रीवास्तव (Retd IPS) और डॉ. शमिका रवि समिति के सदस्य होंगे। संयुक्त सचिव (Foreigners-I), गृह मंत्रालय, इस समिति के सदस्य सचिव होंगे।
Demographic Change हमारी संप्रभुता के साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा, कानून व्यवस्था, सामाजिक संरचना में गंभीर बदलाव और जनजातीय समाज के संरक्षण से जुड़ी एक गंभीर समस्या है। यह कमिटी, अवैध प्रवास और अन्य असामान्य कारणों से पूरे भारत में हो रहे demographic changes का व्यापक मूल्यांकन करेगी और धार्मिक एवं सामाजिक समुदायों के स्तर पर असामान्य जनसंख्या परिवर्तनों के pattern का विश्लेषण करेगी तथा इसका सुनियोजित और समयबद्ध समाधान प्रस्तुत करेगी।
क्या आपको नहीं लगता Chennai Super Kings, Mumbai Indians और Kolkata Knight Riders की तरह बेमिसाल बिहार की भी एक टीम होनी चाहिए?
बिहार की मिट्टी ने देश को बहुत से बेहतरीन क्रिकेट खिलाड़ी दिए हैं।
पटना में जन्मे ईशान किशन ने सबसे कम गेंदों में ODI double century लगाई। समस्तीपुर के वैभव सूर्यवंशी सबसे कम उम्र में IPL debut करने वाले खिलाड़ी बने। और गोपालगंज के साधारण परिवार में जन्मे साकिब हुसैन की शानदार गेंदबाजी पर आज पूरी दुनिया की नज़रें हैं।
लेकिन एक बात मुझे हमेशा खलती है कि हमारे बिहार को क्रिकेट में अब भी वह नाम और पहचान क्यों नहीं मिल पा रही जिसके हम हकदार हैं।
मेरा हमेशा से यह सपना और प्रयास रहा है कि बिहार के युवाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने का पूरा मौका मिले, हमारे खिलाड़ियों को भी world class infrastructure और support बिहार में ही मिलना चाहिए। मुझे पूरा भरोसा है कि अगर हमारे बच्चों को सही प्रेरणा और सुविधाएं मिलें, तो हमारे बिहार से बनने वाली टीम दुनिया की बेस्ट टीम होगी।
और मैं इस काम में बिहार के युवाओं के साथ पूरी मज़बूती से खड़ा हूँ। बिहार की क्रिकेट टीम और यहाँ के खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए मैं अपनी तरफ से unconditional support दूंगा।
बिहार मेरे लिए सिर्फ एक राज्य नहीं, एक emotion है।
और अब वक्त आ गया है कि हमारी मिट्टी का talent मैदान पर दिखे।
#BREAKING: West Bengal Government issues order making Vande Mataram singing compulsory in all Madarsas of the state. Vande Mataram singing already was made compulsory in all schools of West Bengal during morning prayers.
माई क्लाइंट्स वाइफ एकदम फाड़ू मूवी है।
सीमित बजट की ये फिल्म बेहद जबरदस्त थ्रिलर है जिसकी एंडिंग इसको अलग ही लेवल पर पहुंचा देती है।
मस्ट वॉच।
टाइम निकाल के देखने लायक।
चाचा चाहते तो बाथरूम का इस्तेमाल कर सकते थे, लेकिन चाचा ने लिफ्ट में करना उचित समझा,
मामले की पड़ताल करके दोषी पाए जाने पर विधिक कार्यवाही की जाए,सिविक सेंस सिखाना ही पड़ेगा
हमें ऐसा संसदीय कानून लाना चाहिए, जिसमें नेताओं के बच्चों के लिए भारत में ही पढ़ाई करना अनिवार्य हो।
उनके बच्चों को भी वही नीतियां और बुनियादी सुविधाएं अनुभव करनी चाहिए, जो उनके माता-पिता देश की जनता के लिए बनाते हैं।