मैं सरकार से कहना चाहता हूँ—हमारे खिलाफ कानून लेकर आओ। इस देश के दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों और धार्मिक अल्पसंख्यकों—मुसलमानों, जैनों, सिखों, बौद्धों और ईसाइयों—को सार्वजनिक रूप से यहाँ से निकाल दो — माननीय सांसद @BhimArmyChief साहब!
यहाँ ज्यादा दिन रहने मत दो। क्योंकि यह मुल्क सिर्फ आपका है, निकालो और हमें कहीं दूसरे देश में छोड़ आओ। क्योंकि अगर हमारी आस्थाओं का सम्मान नहीं है, हमारे अधिकार नहीं हैं, हमारी गरिमा नहीं है।
जिन महान पुरुषों ने इस देश की आज़ादी के लिए अपना सर्वस्व बलिदान कर दिया, आज वे जहाँ भी होंगे, यह देखकर खून के आँसू रो रहे होंगे कि हमने क्या बनाया था और सरकारों ने क्या बना दिया।
यह अन्याय याद रखा जाएगा!
नगीना सांसद, भाई चंद्र शेखर आजाद जी, सहारनपुर
पुरानी सी टी-शर्ट पहने, गले में गमछा डाले.. ये कौन था जो इस प्रोटेस्ट में आया और अपनी आत्मा की गहराई से, भावनाओं में बहे बगैर देश के लोकतन्त्र और उसमें हिस्सेदारी का दावा पेश कर गया.
अभिव्यक्ति की आजादी का मौका मिला था इसे जंतर-मंतर पर. कह रहा है दौड़कर आया हूं. नीरज ने जो लिखा, वो जीवन की हकीकत है. उसी हकीकत को करीब से..बेहद करीब से देखा और चला आया. लाखों की भीड़ में जहां Gen-Z को लफंडर लिखा गया, दिखाया गया. वहां यह नौजवान सरकार को आईना दिखा गया. Gen-Z ही था, शायद किसी ने ठीक से इसे देखा नही. मंच पर क्यों नही बोलने दिया इसे, थोड़ा सा भगतसिंह और बाहर आता. इस देश के युवाओं को थोड़ा और जोश भर जाता. बता जाता कि मौका मिले तो खुद को इस दुनियां के सामने उड़ेल कर रख दो. बता दो सरकारों को संवाद के बिना कोई रास्ता नही है. हिंदू-मुस्लिम और जातियों में बंट चुकी सियासत और देश में ऐसे ही युवा इस लोकतंत्र को जिंदा रखे है.
किसी को इसका नाम पता चले तो जरूर बताना. इसका स्वागत करना है, इसे एक फूलों का हार पहनाना है.
@TheLallantop
नगीना सांसद @BhimArmyChief चंद्रशेखर आज़ाद जी ने जंतर मंतर पर पहुंच कर सबसे अभिजीत ओर सोनम बांचूक जी से मिले!
उसकी तवियत के बारे मे पूछा फिर फिर अपने प्यारे परिवार जनता से मिले!
अब धर्मेंदर प्रधान का इस्तीफा पक्का हे! वरना दिल्ली मव जनशेलाब आयेगा ये बात याद रखना!
@BhimArmyChief
नगीना सांसद @BhimArmyChief चन्द्रशेखर आजाद का यूपी में सरकार बनने पर बड़े स्तर पर पुलिस सुधार करने की घोषणा 🚨
1)- 8 घंटे की ड्यूटी निर्धारित, इसके अतिरिक्त कार्य के लिए ओवरटाइम पाॅलिसी
2)- सप्ताह में एक दिन की छुट्टी दी जाएगी
3)- वेतन विसंगतियों और बाॅर्डर स्कीम की समस्याओं को दूर किया जाएगा
4)- सरकारी कर्मचारियों के लिए एक विशेष शिक्षा बोर्ड जिससे कि ट्रांसफर जैसे समय में उनके बच्चों की शिक्षा प्रभावित न हो
5)- नये व बेहतर आवास की व्यवस्था होगी
ये घोषणाएं अपने आप में ऐतिहासिक हैं। यूपी में इस स्तर के बदलावों की कल्पना भी किसी ने नहीं की अबतक जो घोषणाएं चन्द्रशेखर आजाद कर चुके हैं।।
सन 1818 के नव वर्ष दिवस पर महार सैनिकों ने भीमा कोरेगांव युद्ध क्षेत्र में लड़ते हुए वह कर दिखाया जिसने उनके सम्मान में चार चांद लगा दिए।500 सैनिकों का एक छोटा दल जो कि बम्बई देशी पैदल सेना (इंफैंटरी) की पहली रेजिमेंट दूसरी बटालियन से था उसके साथ पूना अनियमित अश्वसेना के 250 सैनिक और मद्रास तोपखाने के 24 गोरे तोपचियों के साथ- साथ तोपें जिनकी क्षमता 6 पौंड गोले दागने की थी कप्तान एफ. एफ. स्टान्टन के नेतृत्व में बिना रुके,बिना भोजन व बिना पानी बाजीराव पेशवा ॥ की बड़ी फौज जिसमें 20000 घुड़ सवार सैनिक व 800 पैदल सैनिक थे पुणे और किरकी में ब्रिटिश सेना को घेर रखा था,से लोहा लिया व टक्कर देकर धूल चटा दिया।
#भीमा_कोरेगांव_शौर्य_दिवस
भारत में दलित समाज और अनुसूचित वर्ग से आने वाले अधिकारियों के साथ होने वाले जातिगत भेदभाव पर BBC की ये रिपोर्ट ज़रूर देखी जानी चाहिए.
ये दशा तब है जब देश संविधान से चल रहा है और आरक्षण मौजूद है.
@BBCHindi@BBC
भीमा कोरेगांव का विजय स्तंभ यह प्रमाण है कि तुम भेड़-बकरियों के वंशज नहीं हो, बल्कि शेर के बच्चों के वंशज हो। ~ डॉ. भीमराव अम्बेडकर
सभी सम्मानित भाई बहिनों को भीमा कोरेगांव 208 वें शौर्य दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं 🙏
#BhimaKoregaon#भीमा_कोरेगांव_शौर्य_दिवस