@votechorighanta@news24tvchannel ठीक है तुम्हारी बातें सही मन लेते है। फिर सरकार जांच करा ले न किसी ने रोका थोड़ी है। की अब ये यूट्यूबर किसी के घर में घुस के विदेशी फंडिंग की जाँच करेंगें।
@mr_mayank The stated reason is to ensure there is no disruption to the students academic activities. suddenly, people concern about education here.
And schools in districts along the Kanwar Yatra route have been closed for ten days,
yet no one seems concerned about education there.
@votechorighanta@news24tvchannel क्या सच वो तो जब जांच होगा तब पता चलेगा न। और अब जांच भी कैसी जब ,सरकार तो पहले ही कह चुकी है कोई विदेशी फंडिंग की जानकारी नहीं है MEA के सेक्रेटरी की प्रेस ब्रीफिंग में ये बात बताई गई थी। फिर क्यों किसी के घर में बिना परमीशन के घुस के निजी जानकारी को सार्वजनिक कर रहे है ये लोग।
@askrajeshsahu कारण क्या बताए कैंसिल करने का छात्रों की पढ़ाई और शैक्षणिक गतिविधियों में किसी तरह का व्यवधान नहीं होना चाहिए।
वाह भाई बस कांवड़ और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों के लिए स्कूल कॉलेज 10-10 दिन तक बंद किए जा सकते है। एक दिन में छात्रों की चिंता होने लगी, आखिर किस बात का डर है।
जब से प्रधान का इस्तीफा हुआ है किसी न किसी तरह से आंदोलन में शामिल लोगों को टारगेट किया जा रहा है, सरकार के समर्थकों और अंधभक्तों द्वारा। पहले कुछ रील बनने वाली लड़कियों को , मुंबई में पुलिस वैन रोकने वाली लड़की को। फिर अभिजीत दीपक के US में पढ़ाई की फीस और मां बाप के इनकम पे RTI और अब सौरव दास के घर का रेंट।
2014 से पहले महंगाई डायन थी। उसके बाद से महंगाई डायन नहीं रही।
इसलिए आम लोगों को कोई फर्क नहीं पड़ रहा है
2014 से पहले महंगाई जब डायन थी तब लोगों उसके डर से सड़कों पर उतर कर उसके खिलाफ नारे बाजी करते थे। सरकार की मंहगाई में जवाबदेही तय करते थे।
लेकिन अब ऐसा कुछ नहीं होता 2014 के बाद शायद ही कोई मंहगाई पे बात करता हो। बस उसके कारणों पे चर्चा जरूर होती है कि इस वजह से महंगाई बढ़ रही है
रही बात कमाई की सरकारी एम्पलाइज की सैलरी की बात करे तो 7वें पे कमिशन लगने से पहले कांग्रेस की सरकार में 2006-2016 के बीच में , मंहगाई भत्ता 125% तक दिया गया था।
2014 से पहले एक बार में कम से कम 5% से 7 % तक महंगाई भत्ता बढ़ाया जाता था।
और 2016-2026 का देखे तो महंगाई भत्ता 60% पे ही अटका हुआ है ये 2% वाले प्रोग्रेस वाली सरकार है।
इनकी हालत तो फिर भी ठीक है असंगठित क्षेत्रों के मजदूरों, भूमिहीन खेतिहर और मजदूर वर्ग के लोग मंहगाई से ज्यादा प्रभावित होते है,
लेकिन आज जैसे तैसे मुश्किलों में जिंदगी काट ले रहे है पर बोल कोई नहीं रहा है कि अब मंहगाई डायन हो गई है।
मंहगाई कम करने की बात कर के ये मोदी सरकार पावर में आई, जमीन पे बदलाव कुछ नहीं हुआ, बस मंहगाई को नॉर्मलाइज्ड कर दिया गया है , लोग बोलने से डरते है।
महंगाई में सापेक्ष में मंहगाई भत्ता भी नहीं दिया जा रहा है। डिनायल मोड में हमेशा नकार दिया जाता है कि मंहगाई कंट्रोल में है।
जब जनता को फर्क नहीं पड़ रहा है तो सरकार को क्या ही पड़ेगा।
@NIRAJKU3414177@news24tvchannel मैं सिर्फ आज की बात नहीं कर रहा भाई ध्यान से पढ़ा करो, कई बार जंतर मंतर पे, DU में दिख चुका है ये क्या करते है व्यूज के लिए।