अब शिखर पर है पीडीए!
सभी समर्पित पर्वतारोहियों को इस सफलता के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ… आप सबके प्रयास से पीडीए यूँ ही नई ऊँचाइयों की ओर सदैव अग्रसर रहेगा। ये संकल्प भी है और वचन भी।
#माउंट_यूनम
झूठी कार्रवाई की झूठी पोस्ट, पहले डाली फिर हटा दी।
लीलापुर की पुलिस की लीपापोती सबने देख ली है। एक पुरानी कहावत से नई कहावत बन गयी : अब पोस्ट हटाए होत क्या, जब दुनिया ली देख।
#कुंडा_कांड
बंगाल चुनाव के दौरान ऑब्ज़र्वर बने, उप्र के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का जो अभद्र वीडियो सरेआम चल रहा है, उससे उत्तर प्रदेश सरकार के शासन-प्रशासन की छवि बेहद क्षतिग्रस्त हुई है साथ ही भाजपा सरकार के तथाकथित ‘महिला सम्मान’ व ‘नारी वंदन’ के दावों की पोल भी महिलाओं के सामने पूरी तरह खुल गई है।
भाजपा शासन-प्रशासन में ऐसे व्यक्ति व अधिकारी अपवाद नहीं है। नारी को लगता है कि जिनके हाथ में महिला सुरक्षा की बागडोर है अगर वो ‘ऐसे’ हैं, तो हमारी सुरक्षा कैसे होगी। आज भाजपा से जुड़ी हर नारी शर्मिंदा है क्योंकि बहन-बेटियां तो उनके घरों में भी हैं।
देखते हैं इनका निलंबन-बर्ख़ास्तगी कितनी जल्दी होती है। इसका सीधा संबंध मुख्यमंत्री जी की छवि से जुड़ा है। इस अधिकारी के ख़िलाफ़ जैसी कार्रवाई होगी वो तय करेगी कि मुख्यमंत्री जी का इस मामले में ख़ुद का रुख़ कैसा है। वैसे इतना सब कुछ उजागर होने के बाद तो मुख्यमंत्री जी भी मन मारकर ही सही, अनुशासनात्मक-दंडात्मक कार्रवाई करने के लिए बाध्य हो जाएंगे और अपने इस ‘विशेष कृपा प्राप्त’ को बचाने के लिए ये नहीं कहेंगे कि ये वीडियो ‘एआई’ जेनरेटेड है।
ज़ीरो टॉलरेंस सिर्फ़ अपराधियों के ख़िलाफ़ नहीं ऐसे अधिकारियों के ख़िलाफ़ भी होना चाहिए।
गाजीपुर, करंडा, कटारिया गांव में विश्वकर्मा समाज की एक युवती की संदिग्ध मौत के मामले में पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल व सपा कार्यकर्त्ताओं के साथ-साथ सत्ता पोषित वर्चस्ववादी गांव के प्रधान द्वारा पुलिस पर भी पथराव व प्राणघातक हमला किया गया। दोषियों को तुरंत गिरफ़्तार करके, उन के ख़िलाफ़ दंडात्मक कार्रवाई हो।
इस हमले में माननीय पूर्व मंत्री श्री राम आसरे विश्वकर्मा जी समेत कई लोग घायल हुए हैं। भाजपा राज में न गाँव सुरक्षित हैं, न शहर। उप्र अराजकता के सबसे ख़राब दौर से गुज़र रहा है।
प्रभुत्ववादियों का पीडीए पर हमला दरअसल 95% आबादी पर हमला है।
इतिहास में ये पहली बार होगा कि चुनाव में एक ‘समुदाय’, एक दल को हराकर सरकार बनाएगा।
इस समुदाय का नाम है : ‘पीडीए’
पीडीए की सकारात्मक सामाजिकता; भाजपा की नकारात्मक राजनीति को हरा देगी।
भाजपा जाएगी फिर कभी नहीं आएगी!
PDA ही मिलकर ‘सामाजिक न्याय का राज’ लाएगा क्योंकि जिसने दर्द ख़ुद झेला है, वही दवा का महत्त्व समझता है।
एक बार फिर से दूर-दूर से लोगों को जुटाया जाएगा
“एक नहीं बार-बार झूठ बोलो” पाठ पढ़ाया जाएगा
झूठ के महा दरवाज़े से झूठ का झंडा उठाया जाएगा
अपनी करतूतों की काली सड़कों पर चलाया जाएगा