सर्वप्रथम तो मैं आज 14 नवंबर है। और देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू जी का आज जन्म दिवस है। और जिसे हम बचपन से बाल दिवस के रूप में मनाते रहे हैं।
और सवेरे सवेरे नीतीश कुमार जी के ट्वीट पर बहुत से लोगों ने अपनी हसरतों का महल सवेरे की किरण के साथ बनाना शुरू किया था शाम होते होते वह नाकामी के मजार में तब्दील होता चला गया।
और मैं बाल दिवस की विशेष रूप से शुभकामना दूंगा पूरे देश को कांग्रेस पार्टी को और अत्यंत विशेष रूप से श्री राहुल गांधी जी को भी और तेजस्वी जी को भी। और मैं किसी का नाम नहीं ले रहा हूं, दर्शक अपने स्वविवेक से निर्णय लें। इस चुनाव ने बाल दिवस के दिन दिखाया है कि ‘बाल बुद्धि’ की ‘उच्छंखलता’और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और नीतीश कुमार जी के शासन की ‘परिपक्वता’ दोनों के बीच का अंतर बिहार की जनता भली-भांति समझती है।
परंतु कई बातें इस चुनाव में ऐसी हुईं हैं जो भविष्य के लिए चिंता भी उत्पन्न करते हैं।
प्रधानमंत्री जी की माता जी को गाली देने से लेकर सेना तक में जाति का विषय लाना, सारे परिवारों को एक सरकारी नौकरी देना तो कही Gen Zee के नाम पर अराजकता का आह्वान करना।कुर्सी के लिये कहाँ तक विपक्ष चला गया यह विचार का विषय है।
परंतु बिहार की वह धरती जो माता सीता जी की धरती और भगवान बुद्ध की धरती है, बुद्ध की धरती को बुद्धू बनाने का जो प्रयास किया गया, मुझे लगता है उसका मुंह तोड़ जवाब जनता ने दिया है।
परमानंद कृपायतन, मन परिपूरन काम।
प्रेम भगति अनपायनी, देहु हमहि श्रीराम॥
- श्रीमद् रामचरितमानस
( हे परमानंद स्वरूप, कृपा के धाम, मन की कामनाओं के पूर्ण करने वाले श्री रामचंद्र जी ! आप हमें अपनी अविचल प्रेमा-भक्ति दीजिए।)
यो ददाति सतां शम्भुः कैवल्यमपि दुर्लभम्।
खलानां दण्डकृद्योऽसौ शंकरः शं तनोतु मे॥
(जो सत् पुरुषों को अत्यंत दुर्लभ कैवल्यमुक्ति तक दे डालते हैं और जो दुष्टों को दण्ड देने वाले हैं, वे कल्याणकारी श्री शम्भु मेरे कल्याण का विस्तार करे।)
‘वन्देमातरम्’ में जो अद्भुत भाव भरा है, वो हमें मां-भारती की संतानों के रूप में अपने दायित्वों का बोध कराता है। 7 नवंबर को हम ‘वन्देमातरम्’ के 150वें वर्ष के उत्सव में प्रवेश करेंगे, जिसको लेकर देशवासियों से मेरा यह विशेष आग्रह…
#VandeMatram150#MannKiBaat
ब्रिटिश उपनिवेश की चर्चा होती है, फ्रांसीसी उपनिवेश की चर्चा होती है,
लेकिन राजनीतिक इस्लाम की कहीं चर्चा नहीं होती है, जिसने आस्था पर कुठाराघात किया...
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फेक अकाउंट बनाकर जाति-जाति के बीच में वैमनस्यता और विष-वमन करने की नई दुष्प्रवृत्ति प्रारंभ हुई है,
देश के अंदर 'लव जिहाद' और 'धर्मांतरण' जैसी कुत्सित, समाज विरोधी और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों को कैसे प्रश्रय दिया जा रहा है...
बुद्धिमान होने से भी ज़्यादा दयालु होना महत्वपूर्ण है।
दूसरों को नुक़सान पहुँचा कर अपना स्वार्थ सिद्ध करने वाली बुद्धि की जगह भक्तों वाला भोलापन परमार्थ की ओर ले जाता है।
- #सप्रेम_हरिस्मरण
नीचे इंडिया गेट
उपर ड्रोन शो द्वारा राम कथा का भव्य दर्शन
पूरे कर्तव्य पथ पर जगमगाते लाखों दीए
CM @gupta_rekha और पूरी सरकार जनता के साथ दीवाली मनाती हुईं
ये दृश्य दिल्ली ने पहली बार देखा है
ये है दिल्ली की दीवाली
कर्तव्य पथ पर जल रहें हैं लाखों दीए
#DilliDeepotsav2025
दीपावली पर घी के दिए जलाने को लेकर अखिलेश यादव जी का निंदनीय बयान न केवल भारतीय संस्कृति और हिन्दू परंपरा प्रति उनके मन में जो अवमानना है उसका पर दी है परंतु साथ ही साथ दीपक बनाने वाले प्रजापति समाज और स्वदेशी के भी विरुद्ध है बल्कि उनके अपने समाज के भी खिलाफ है।
भारत के लिए गर्व का विषय था कि यहाँ इतनी समृद्धि और प्रकृति की इतनी अनुकंपा थी इतना घी होता था कि घी के दीपक क़तारों में जलाए जाते थे।
यह वही घी है जो गाय को माता मानने वाले उनके समाज से आता था। गाय के दूध से दही दही से मक्खन और मक्खन से घी और वह अभी इतना प्रचुर मात्रा में कि घी के दीपकों की कतार लगाई जा सकती है।
यह भारत की परंपरा और समृद्धि के लिए गर्व करने वाला विषय है ।पर उसमें भी नकारात्मकता डूबने वाले लोगों की मनोवृत्ति निश्चित रूप से निंदनीय साथ साथ ख़तरनाक है
आज चंद कट्टरपंथियों के वोट पाने के लिये दुर्भाग्य है कि जिस हिंदू परंपरा में गाय की रक्षा सबसे महान कार्य माना जाता था और राजाओं के आने पर उद्घोष होता था।
’गौ ब्राह्मण पालक, धर्म ध्वज रक्षक’ आ रहे है ।
आज लगता है कि उसके स्थान पर इंडी गठबंधन वाले नेताओं के लिए उद्घोष किया जाना चाहिए ।
‘मुल्ला मौलवी प्रतिपालक,
घुसपैठिया संरक्षक और
सनातन धर्म विध्वंसक’
बयान देने जा रहे हैं
पुर सोभा कछु बरनि न जाई।
बाहेर नगर परम रुचिराई॥ देखत पुरी अखिल अघ भागा।
बन उपबन बापिका तड़ागा॥
नगर की शोभा तो कुछ कही नहीं जाती। नगर के बाहर भी परम सुंदरता है। श्री अयोध्यापुरीके दर्शन करते ही संपूर्ण पाप भाग जाते हैं।
The beauty of the city is beyond description. Even its surroundings possess divine charm. The very sight of the sacred city of Ayodhya destroys all sins.
दीपावली पर सुंदर प्रकाश मालिका से जगमगाता श्री राम जन्मभूमि मंदिर
On Diwali, the Shri Ram Janmabhoomi Temple glows beautifully with a magnificent garland of lights.
धवल धाम ऊपर नभ चुंबत।
कलस मनहुँ रबि ससि दुति निंदत॥
बहु मनि रचित झरोखा भ्राजहिं।
गृह गृह प्रति मनि दीप बिराजहिं॥
उज्ज्वल महल ऊपर आकाश को चूम रहे हैं। महलों पर के कलश अपने दिव्य प्रकाश से मानो सूर्य, चंद्रमा के प्रकाश का भी तिरस्कार करते हैं। महलों में बहुत सी मणियों से रचे हुए झरोखे सुशोभित हैं और घर-घर में मणियों के दीपक शोभा पा रहे हैं।
The bright palace seem to kiss the sky above. The domes atop it, with its divine radiance, appear to outshine even the light of the sun and the moon. The palace is adorned with countless jeweled windows,
and in every home, lamps made of precious gems glow in splendor.
प्राचीनतम चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि की जयंती की प्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं!
आरोग्य के देवता की कृपा आप सभी पर बनी रहे, सभी का जीवन उत्तम स्वास्थ्य, दीघार्यु एवं सुख-समृद्धि से परिपूर्ण हो, यही प्रार्थना है।