यह बड़े दुख व चिन्ता की बात है कि पिछले कुछ समय से अकेले यू.पी. में ही नहीं बल्कि अब तो फिल्मों में भी ’पंडत’ को घूसखोर आदि बताकर पूरे देश में जो इनका अपमान व अनादर किया जा रहा है तथा जिससे समूचे ब्राह्मण समाज में इस समय ज़बरदस्त रोष व्याप्त है, इसकी हमारी पार्टी भी कड़े शब्दों में निन्दा करती है। ऐसी इस जातिसूचक फिल्म (वेब सीरीज) ’घूसखोर पंडत’ पर केन्द्र सरकार को तुरन्त प्रतिबन्ध लगाना चाहिये, बी.एस.पी. की यह माँग। साथ ही, इसको लेकर लखनऊ पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज करना उचित कदम।
मंगल पांडे ना होते तो 1857 का विद्रोह नहीं होता,
मंगल पांडे ना होते तो ईस्ट इंडिया कंपनी का विघटन ना होता,
अंग्रेजो को पता था ब्राह्मणों से ग़द्दारी नहीं करवा सकते,
लिहाज़ा अग्रेजों ने तमाम तरह के प्रतिबंध लगा दिये.
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वैसे ये आदमी जबसे चुनाव हारा है मानसिक रुप से विक्षिप्त है. ईश्वर इसे ठीक करें. जातिगत कुंठा से बाहर निकालें.
आदरणीय मुख्यमंत्री जी,आपके विकसित जनसुनवाई पोर्टल पर केवल आख्या ही प्रेषित की जाती है ,अधिकारी कार्यवाही के बजाय हर बार आख्या ही प्रेषित करते हैं, जबकि गुणवत्ता पूर्वक निराकरण करना चाहिए। @CMOfficeUP#jansunwai
शस्त्र लाइसेंस हेतु आवेदन किया गया था किंतु एक साल से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी संग्रामगढ़ पुलिस उस पर अपनी रिपोर्ट प्रेषित नहीं कर सकी है कृपया इस विषय का संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करने की कृपा करें। @Uppolice@pratapgarhpol
प्रतापगढ । महेशगंज थाना क्षेत्र के रायगढ़ ग्रामसभा के अहलादगंज निवासी शहजाद घोषी पुत्र कल्लन ने एक वाट्सअप ग्रुप मे की भड़काऊ पोस्ट,क्षेत्र मे आक्रोश, कथन सारे हिन्दू नक्सली,साक्ष्य स्क्रीनशॉट संलग्न.
@Uppolice@pratapgarhpol@SaveraSwaraj@igrangealld@dgpup@CMOfficeUP
मथुरा में एक गरीब किसान ने सीएम पोर्टल पर सब इंस्पेक्टर कपिल नगर के ₹20000 रिश्वत मांगने की शिकायत कर दी
इंस्पेक्टर साहब को यह बात इतनी नागौर गुजरी की उन्होंने उसे गरीब किसान के प्राइवेट पार्ट पर लात जूते से मारना शुरू कर दिया।
मथुरा में एक गरीब किसान ने सीएम पोर्टल पर सब इंस्पेक्टर कपिल नगर के ₹20000 रिश्वत मांगने की शिकायत कर दी
इंस्पेक्टर साहब को यह बात इतनी नागौर गुजरी की उन्होंने उसे गरीब किसान के प्राइवेट पार्ट पर लात जूते से मारना शुरू कर दिया।
इस वीडियो ने सच में दिल छू लिया 💔
इन बच्चों का मासूम दिल और एक घायल पक्षी के लिए इतना गहरा प्रेम इस बात का प्रमाण है कि करुणा और इंसानियत जन्मजात होती है।
काश हम बड़े भी उनसे कुछ सीख पाते ❤️🕊️
#मानवता #बच्चों_का_प्यार
भवानीगंज कोटा गांव में एक आवारा सांड कई लोगों को मार दिया हैजिससे उनके शरीर में गंभीर चोटें आई है एक आदमी की मृत्यु भी हो गई है। गांव के लोग कड़ी मेहनत से उसको पकड़ कर 3 दिन से बांधे हैं, कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति उसके निदान के लिए आगे नही आया है। @myogiadityanath@dmpratapgarh
जब तक तोड़ेंगे नहीं, तब तक छोड़ेंगे नहीं।
इतने बम मारे कि पाकिस्तान धुआं धुआं हो गया।
भारत माता के वीर जवानों ने पाकिस्तान पर चढ़ाई कर दी है।
#OperationSindoor#भारतीयआर्मी
फूहड़ता के प्रतीक अनुराग कश्यप “मनोज वाजपेयी” जैसे कलाकारों को लेकर पिक्चर बनाकर हिट करते हैं.
और बीते कुछ सालों से लगातार फ्लॉप रहने के बाद जाति विशेष के खिलाफ बेहूदी टिप्पणी करके अपनी पिक्चर हिट कराना चाहते हैं.
हद है गंदी मानसिकता की, इनके खिलाफ क़ानूनी कार्रवाई नहीं हुई तो समाज में सड़े हुए सोच का वायरस फैलेगा जो देश और हमारे समाज के लिए घातक होगा.
कह रहीम कैसे निभै, केर बेर को संग…
ये सर्वविदित है कि बिल संसद में पास होने के बाद धरा का कानून बन जाता है।आज वक़्फ़ के समर्थन और विरोध में देश के सारे राजनैतिक दल और विचारधाराएं दो धड़े में बटी हुई हैं, पक्ष हो या विपक्ष इतना तो सभी मानेंगे कि पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में जिन पिता पुत्र कि निर्मम हत्या की गयी, जिनके घर, दुकानें जलायी गयीं, लूटी गयीं, इतना ही नहीं जिन असंख्य हिन्दुओं को औरतों, बच्चों की जान और अस्मिता बचाने के लिए अपना घर, गांव छोड़कर पलायन करना पड़ा उनका वक़्फ़ संशोधन बिल से कोई लेना देना नहीं है, बिल के पास होने में उनकी कोई भूमिका नहीं है, उनको तो ये भी पता नहीं होगा कि ये वक़्फ़ क्या बला है।
आख़िर उनका दोष क्या था? मस्जिद के सामने ‘डीजे’ भी तो नहीं बजा रहे थे! वक्फ़ एक्ट का बहाना लेकर ‘अल्पसंख्यकों’ ने अकारण बिना उकसाये जो सुनियोजित हिंसक हमला किया है, आये दिन ऐसे हमले झेलना अब हिन्दुओं की नियति बन चुकी है। आख़िर हिन्दू कब तक और कहां तक भागेगा? बांग्लादेश से तो ये सोचकर भागे थे कि भारत में सुरक्षित रहेंगे, अब यहां से भागकर कहां जायेंगे?
संसद से लेकर सड़कों तक आये दिन संविधान लहराने वालों को भी याद रखना चाहिए कि संविधान शिल्पी बाबा साहब के संविधान में वक़्फ़ नाम का शब्द कभी था ही नहीं, न ही उनकी परिकल्पना में इसका कोई औचित्य था। हत्या, लूटपाट और बर्बरता ‘काफ़िरों’ के साथ हो रही है, मारने के पहले किसी की जाति नहीं पूछी जा रही है। सबसे बड़ी विडंबना तो ये है कि पिछड़ों और दलितों के तथाकथित स्वयंभू नेताओं की इसपर मुंह खोलने की हिम्मत तक नहीं है।
बिल तो बस बहाना है, मक़्सद ‘काफ़िरों’ को मिटाना है।
धर्मो रक्षति रक्षितः
प्रतापगढ़।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर हजारों लाशे खा जाने का समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता नितेश यादव ने लगाया आरोप सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट कुंभ मेले में हुई भगदड को इशारा करके लगता है किया गया वायरल बाघराय थाना क्षेत्र का रहने वाला
@Uppolice@pratapgarhpol
पहली बार देख रहा हूं कोई नेता आरक्षण के खिलाफ बोल रहा है ,उम्मीद तो सत्ताधारी नेताओं से थी ,उनकी आंख खुल जाए तो देश का विकास और तेज गति से संभव हो सकेगा।