@PANDEYJYOTII मुझे लगता है लड़कियों को शादी के लिए चार पांच विशेषताएं लड़कों में देखनी चाहिए
1)स्त्री के प्रति दृष्टिकोण
2)आय और उसके स्रोत
3)स्वभाव व व्यवहार
4)प्रेजेंटेबल हो
5)Potential/responsibility
शादी अनिवार्यता घर वालों की सहमति से होनी चाहिए ।वो चाहे आरेंज हो लव मैरिज हो।
♥️🌻👍🙏
@Deepaktr2510@khurpenchh इस मामले का समाधान या तो आपसी सहमति से होगा या फिर कब्जे के लिए उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 134 के तहत एसडीएम कोर्ट पर वाद दायर करना होगा ।
@TiredBhiim@elonmusk India's Muslim population TFR are also declining.See the following data:
In 2011 census , Muslin TFR was 2.7 and according to NFHS 5(2019-21) TFR is 2.3
In UP:
According to 2011 census Muslim TFR was 3.3 and current time (NFHS 5 2019-21) TFR is 2.6!
वैभव सूर्यवंशी के कुल आंकड़े (U19 वर्ल्ड कप 2026)
कुल रन: 439 रन(बेन मेस के 444 रन के बाद दूसरा स्थान)
Innings: 7
Average: 62.71
Strike Rate: 169.49
शतक/अर्धशतक: 1 शतक, 3 अर्धशतक
कुल बाउंड्री: 41 चौके और 30 छक्के
@PratikVoiceObc कुछ नहीं होगा!
यदि यह साक्ष्य/बयान यह हो कि आत्म रक्षा में हवाई फायर करने के लिए खान सर ने कहा था तो कुछ नहीं होगा।
दूसरे गवाह की बात कोर्ट के सामने मानी जाएगी!
@prabhatranjann सर शिक्षा व्यवस्था रसातल में हैं।बच्चों को अच्छी गुणवत्ता की शिक्षा मिलेगी तो अवश्य क्लास करेंगे उन्हें कोचिंग का शौक नहीं है ।
बच्चे क्लास में नहीं आते यह बच्चों की कमी है या अध्यापक की?😂
आप विद्वान हैं।आप तो ऐसी बात न ही कीजिए।
आप अच्छे हिंदी साहित्यकार और अध्यापक हैं ।🙏
एक आदर्श शिक्षा व्यवस्था वाले देश-समाज में कोचिंग या प्राइवेट ट्यूशन जैसी चीजों का अस्तित्व ही नहीं होना चाहिए। बिल्कुल सही बात है -नहीं होनी चाहिए।
भारत में भी नहीं होनी चाहिए।
लेकिन अब जरा उलटा सोचिए कि देश में कितना बड़ा कोचिंग उद्योग खड़ा हो चुका है। कुछ कोचिंग संस्थान तो यूनिकॉर्न तक बन चुके हैं।
अब इसी अनुपात में अंदाजा लगाइए कि भारत की शिक्षा व्यवस्था कितनी रसातल में जा चुकी है।
और शिक्षा व्यवस्था के इतने खराब हाल होने के पीछे कौन जिम्मेदार है? सरकार।
और सरकार से इस बात की जवाबदेही सुनिश्चित करने, सही सवाल पूछने का काम मीडिया जैसे बड़े तंत्र का भी है।
लेकिन क्या मीडिया संस्थान अपनी ईमानदारी से काम कर रहे हैं?
असल में मीडिया खुद भी भयानक पतन का शिकार हो चुका है। उसकी कोई विश्वसनीयता नहीं बची।
स्टार ऐंकर इस पूरे पतन की अगुवाई करते नजर आए।
पत्रकारिता में एक वैक्यूम बना।और इस वैक्यूम को अब डिजिटल बोर्ड पर कलम चलाता हुआ YouTube टीचर explainer वीडियो बनाकर भरने लगा है।
अभी जो इस विषय पर इतनी बहस चल रही इसके केंद्र में यही बात है।
शिक्षक हो या पत्रकार सब सत्ता की चाटुकारिता और अपनी झोली भरने पर लगे हैं।किसी बुद्धिजीवी को देश के विकास कोई मतलब नहीं है।इन्हें विवेकानंद ने देशद्रोही कहा है।
यहां शास्त्रों,गोष्ठियों,भाषणों में नैतिकता की बातें और कर्तव्य की बातें होती हैं लेकिन ये सब अपेक्षा दूसरों से होती है।
सरकारी सिलेबस और एग्जाम के पेपर में गैप की भरपाई का नाम है कोचिंग...
इस गैप को सरकार भर दे तो कोचिंग का क्या काम ?
लिहाजा कोचिंग वाले टीचर्स को गाली देने से कुछ नहीं होने वाला, सिस्टम में सुधार चाहते है तो दबाव नीति निर्धारकों पर बनाइये...